{"_id":"6717e07fe8908a961206f186","slug":"the-order-to-stop-the-salary-of-teachers-of-1276-schools-was-changed-in-just-20-hours-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-131711-2024-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: 20 घंटे में ही बदल गया 1276 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: 20 घंटे में ही बदल गया 1276 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में छात्रों की 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर जिले के 1276 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोके जाने का आदेश 20 घंटे में ही बदल गया। बीएसए ने मंगलवार दोपहर सभी शिक्षकों की वेतन बहाली का आदेश जारी कर दिया। रातों-रात ऐसा क्या हुआ कि बीएसए बैकफुट पर आ गए...यह सवाल चर्चा में है।
विभागों के कार्याें का आंकलन करने के लिए बिंदुवार समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिले के विभागों की रैंकिंग जारी की जाती है। खराब रैंकिंग को लेकर विभागों के अधिकारियों की लताड़ भी लगाई जाती है। पिछले महीने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों का वेतन रोका था।
वेतन रुकने और रैंकिंग सुधारने को लेकर बीएसए ने सोमवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था। आदेश के तहत 15 ब्लॉकों में से 14 ब्लॉकों के 1276 स्कूलों के समस्त शिक्षकों सहित एबीएसए का वेतन रोक दिया था। यह कार्रवाई बच्चों की उपस्थित 70 प्रतिशत से कम पाए जाने पर की गई थी। बिना नोटिस और स्पष्टीकरण के इतनी बड़ी कार्रवाई होने से शिक्षकों के अलावा शिक्षक संगठनों में आक्रोश था।
विज्ञापन
शिक्षक संगठनों ने आंदोलन और अनशन करने तक की बात कह डाली थी। बढ़ रहे आक्रोश को देखते हुए बीएसए 20 घंटे के अंदर ही बैकफुट आ गए। मंगलवार की दोपहर दिवाली का हवाला देते हुए एक नया आदेश जारी कर त्योहार से पहले सभी को वेतन देने की बात कही। आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।
विज्ञापन
विभागों के कार्याें का आंकलन करने के लिए बिंदुवार समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिले के विभागों की रैंकिंग जारी की जाती है। खराब रैंकिंग को लेकर विभागों के अधिकारियों की लताड़ भी लगाई जाती है। पिछले महीने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों का वेतन रोका था।
विज्ञापन
वेतन रुकने और रैंकिंग सुधारने को लेकर बीएसए ने सोमवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था। आदेश के तहत 15 ब्लॉकों में से 14 ब्लॉकों के 1276 स्कूलों के समस्त शिक्षकों सहित एबीएसए का वेतन रोक दिया था। यह कार्रवाई बच्चों की उपस्थित 70 प्रतिशत से कम पाए जाने पर की गई थी। बिना नोटिस और स्पष्टीकरण के इतनी बड़ी कार्रवाई होने से शिक्षकों के अलावा शिक्षक संगठनों में आक्रोश था।
विज्ञापन
शिक्षक संगठनों ने आंदोलन और अनशन करने तक की बात कह डाली थी। बढ़ रहे आक्रोश को देखते हुए बीएसए 20 घंटे के अंदर ही बैकफुट आ गए। मंगलवार की दोपहर दिवाली का हवाला देते हुए एक नया आदेश जारी कर त्योहार से पहले सभी को वेतन देने की बात कही। आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।