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Lakhimpur Kheri News: भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी...
Fri, 30 May 2025 11:02 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 30 May 2025 11:02 PM IST
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गोला के फूल बाबा आश्रम में श्री राम कथा सुनते श्रोता। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। नारायणी मंदिर फूल बाबा आश्रम में चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास ने भगवान श्रीराम के जन्म का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु झूमने लगे।
बृहस्पतिवार देर शाम अंजनि शरण जी महाराज ने मुख्य यजमान डॉ. आदर्श दीक्षित और उनकी पत्नी से पूजन कराया। उन्होंने कहा कि धरती पर जब-जब धर्म की हानि होती है। साधु और सज्जनों को पीड़ित किया जाता है, तब-तब परमात्मा अवतार लेते हैं। अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के यहां भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न चार पुत्रों का जन्म हुआ।
संपूर्ण राज्य में आनंद मनाया जाने लगा। महाराज के चार पुत्रों के जन्म के उल्लास में गंधर्व गान करने लगे और अप्सराएं नृत्य करने लगीं। देवता अपने विमानों में बैठकर पुष्प वर्षा करने लगे। महाराज ने उन्मुक्त हस्त से राजद्वार पर आए भाट, चारण तथा आशीर्वाद देने वाले ब्राह्मणों और याचकों को दान दक्षिणा दी।
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प्रजाजनों को धन-धान्य तथा दरबारियों को रत्न, आभूषण प्रदान किए। चारों पुत्रों का नामकरण संस्कार महर्षि वशिष्ठ ने किया। श्रीराम कथा के दौरान भगवान श्री राम के अवतरण का उत्सव भी मनाया गया।
इस मौके पर अनुज मिश्र, सरद गुप्ता, मनोज वर्मा, मोनू श्रीवास्तव, प्रोभित अवस्थी, राजीव सक्सेना, आनंद त्रिवेदी, सुरेश चंद्र मिश्रा और विशेष वर्मा आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार देर शाम अंजनि शरण जी महाराज ने मुख्य यजमान डॉ. आदर्श दीक्षित और उनकी पत्नी से पूजन कराया। उन्होंने कहा कि धरती पर जब-जब धर्म की हानि होती है। साधु और सज्जनों को पीड़ित किया जाता है, तब-तब परमात्मा अवतार लेते हैं। अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के यहां भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न चार पुत्रों का जन्म हुआ।
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संपूर्ण राज्य में आनंद मनाया जाने लगा। महाराज के चार पुत्रों के जन्म के उल्लास में गंधर्व गान करने लगे और अप्सराएं नृत्य करने लगीं। देवता अपने विमानों में बैठकर पुष्प वर्षा करने लगे। महाराज ने उन्मुक्त हस्त से राजद्वार पर आए भाट, चारण तथा आशीर्वाद देने वाले ब्राह्मणों और याचकों को दान दक्षिणा दी।
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प्रजाजनों को धन-धान्य तथा दरबारियों को रत्न, आभूषण प्रदान किए। चारों पुत्रों का नामकरण संस्कार महर्षि वशिष्ठ ने किया। श्रीराम कथा के दौरान भगवान श्री राम के अवतरण का उत्सव भी मनाया गया।
इस मौके पर अनुज मिश्र, सरद गुप्ता, मनोज वर्मा, मोनू श्रीवास्तव, प्रोभित अवस्थी, राजीव सक्सेना, आनंद त्रिवेदी, सुरेश चंद्र मिश्रा और विशेष वर्मा आदि मौजूद रहे।