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इमाम हसन की शहादत पर निकाला ताबूत अलम
अमर उजाला ब्यूरो खीरी टाउन।
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:38 PM IST
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मजलिस
- फोटो : अमर उजाला
अंजुमन हुसैनिया की जानिब से हुई मजलिस
मोहल्ला मुगली टोला स्थित शिया इमामबाड़े में सोमवार को मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हसन की शहादत के मौके पर अंजुमन हुसैनिया की जानिब से सोमवार को मजलिस को आयोजन किया गया। मजलिस को सीतापुर से आए मौलाना ने खिताब किया। मजलिस के बाद इमाम हसन का ताबूत और अलम का जुलूस निकाला गया, जो इमामबाड़ा परिसर में गश्त करने के बाद देर रात संपन्न हुआ। इसमें अंजुमन के लोगों ने सीने पर मातम किया और नौहेख्वानी की।
मजलिस की शुरुआत जीशान ने कुरान-ए-पाक की तिलावत पढ़ कर की। मजलिस में सोजख्वानी शमीम खैराबादी और नाशिद हुसैन ने की। इमाम हसन की शान में मोहम्मद आरिज लखीमपुरी, फाजिल अब्बास दरियापुरी, समीर लहरपुरी, फिरोज, जीशान महमूदपुरी, शफी कलकत्तवी, शोयब रजा अमरोही, शहबाज शाहपुरी और मोहम्मद आसिफ ने खिराजे अकीदत पेश की।
मजलिस को सीतापुर के मौलाना नाजिम हुसैन ने खिताब करते हुए इमाम हसन की करामात और शहादत को बयान किया। जिसपर अजादारे मजलूम इमाम हुसैन और इमाम हसन को लोगों ने खिराजे अकीदत पेश की। मजलिस के बाद अंजुमन हुसैनिया के लोगों ने ताबूत और अलम का इमामबाड़ा परिसर में गश्त किया। इस दौरान लोगों ने सीने पर मातम किया। खतीब इलाहाबादी, नाशिद हुसैन, शोयब, मोहम्मद आरिज जैदी और समीर ने नौहे खानी पेश की। दुरूदो सलाम के बाद मजलिस देर रात संपन्न हुई।
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मोहल्ला मुगली टोला स्थित शिया इमामबाड़े में सोमवार को मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हसन की शहादत के मौके पर अंजुमन हुसैनिया की जानिब से सोमवार को मजलिस को आयोजन किया गया। मजलिस को सीतापुर से आए मौलाना ने खिताब किया। मजलिस के बाद इमाम हसन का ताबूत और अलम का जुलूस निकाला गया, जो इमामबाड़ा परिसर में गश्त करने के बाद देर रात संपन्न हुआ। इसमें अंजुमन के लोगों ने सीने पर मातम किया और नौहेख्वानी की।
मजलिस की शुरुआत जीशान ने कुरान-ए-पाक की तिलावत पढ़ कर की। मजलिस में सोजख्वानी शमीम खैराबादी और नाशिद हुसैन ने की। इमाम हसन की शान में मोहम्मद आरिज लखीमपुरी, फाजिल अब्बास दरियापुरी, समीर लहरपुरी, फिरोज, जीशान महमूदपुरी, शफी कलकत्तवी, शोयब रजा अमरोही, शहबाज शाहपुरी और मोहम्मद आसिफ ने खिराजे अकीदत पेश की।
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मजलिस को सीतापुर के मौलाना नाजिम हुसैन ने खिताब करते हुए इमाम हसन की करामात और शहादत को बयान किया। जिसपर अजादारे मजलूम इमाम हुसैन और इमाम हसन को लोगों ने खिराजे अकीदत पेश की। मजलिस के बाद अंजुमन हुसैनिया के लोगों ने ताबूत और अलम का इमामबाड़ा परिसर में गश्त किया। इस दौरान लोगों ने सीने पर मातम किया। खतीब इलाहाबादी, नाशिद हुसैन, शोयब, मोहम्मद आरिज जैदी और समीर ने नौहे खानी पेश की। दुरूदो सलाम के बाद मजलिस देर रात संपन्न हुई।
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