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प्रधान के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार प्रतिबंधित
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 31 Dec 2014 05:52 PM IST
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फूलबेहड़ ब्लाक की ग्राम पंचायत एवं लोहिया समग्र ग्राम नरहर के प्रधान को इंदिरा आवास में गड़बड़ी करने और लाभार्थियों से धन उगाही का दोषी पाया गया है। जिला स्तरीय जांच अधिकारी की आख्या मिलने के बाद आरोपी प्रधान को नोटिस देकर जवाब मांगा गया, लेकिन निश्चित समयावधि में प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा डीएम गौरव दयाल ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(छ) के तहत कार्रवाई करते हुए प्रधान मनोहर के प्रधान पद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए हैं। डीएम ने पंचायत सदस्यों की तीन सदस्यीय कमेटी गठन करने के आदेश डीपीआरओ को दिए हैं।
इंदिरा आवास लाभार्थी प्रमोद कुमार निवासी रमपुरवा, इसी गांव की माया देवी पत्नी लैहना सिंह ने प्रधान के विरुद्ध सुविधा शुल्क लिए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके अलावा इंदिरा आवास लाभार्थी कौशल्या देवी के आवास का निरीक्षण करने पर कार्य अनारंभ पाया गया, जबकि प्रधान ने फर्जी तरीके से छह स्तर तक कार्य पूर्ण किए जाने का फोटोग्राफ सत्यापित किया था। पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने आरोपों की जांच के लिए स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद सात नवंबर 2014 को नोटिस के माध्यम से प्रधान का स्पष्टीकरण मांगा गया था। निर्र्धारित अवधि बीतने के बाद डीएम की ओर से नामित जांच अधिकारी डीडीओ वीरेंद्र यादव ने प्रधान के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की, जिसमें भी आरोपों की पुष्टि हुई।
जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार ने बताया कि बीडीओ फूलबेहड़ से ग्राम पंचायत नरहर के समस्त ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची मांगी गई है, जिसके बाद प्रधान की समस्त शक्तियों का प्रयोग कर कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पंचायत राज (प्रधानों और सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 के तहत प्रकरण की विस्तृत एवं अंतिम जांच की जाएगी।
यह थे शिकायतकर्ता
इंदिरा आवास के लिए आवंटित धनराशि लाभार्थियों से हड़पने का आरोप लगाते हुए रमपुरवा निवासी प्रमोद कुमार, खेमकरन, शिवभगवान ने डीएम के समक्ष जनशिकायत में शिकायतीपत्र प्रस्तुत किया था।
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इंदिरा आवास लाभार्थी प्रमोद कुमार निवासी रमपुरवा, इसी गांव की माया देवी पत्नी लैहना सिंह ने प्रधान के विरुद्ध सुविधा शुल्क लिए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके अलावा इंदिरा आवास लाभार्थी कौशल्या देवी के आवास का निरीक्षण करने पर कार्य अनारंभ पाया गया, जबकि प्रधान ने फर्जी तरीके से छह स्तर तक कार्य पूर्ण किए जाने का फोटोग्राफ सत्यापित किया था। पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने आरोपों की जांच के लिए स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद सात नवंबर 2014 को नोटिस के माध्यम से प्रधान का स्पष्टीकरण मांगा गया था। निर्र्धारित अवधि बीतने के बाद डीएम की ओर से नामित जांच अधिकारी डीडीओ वीरेंद्र यादव ने प्रधान के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की, जिसमें भी आरोपों की पुष्टि हुई।
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जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार ने बताया कि बीडीओ फूलबेहड़ से ग्राम पंचायत नरहर के समस्त ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची मांगी गई है, जिसके बाद प्रधान की समस्त शक्तियों का प्रयोग कर कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पंचायत राज (प्रधानों और सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 के तहत प्रकरण की विस्तृत एवं अंतिम जांच की जाएगी।
यह थे शिकायतकर्ता
इंदिरा आवास के लिए आवंटित धनराशि लाभार्थियों से हड़पने का आरोप लगाते हुए रमपुरवा निवासी प्रमोद कुमार, खेमकरन, शिवभगवान ने डीएम के समक्ष जनशिकायत में शिकायतीपत्र प्रस्तुत किया था।
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