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Lakhimpur Kheri News: गांवों में खुलेगा ज्ञान का द्वार, डिजिटल लाइब्रेरी तैयार
Fri, 06 Feb 2026 11:05 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 06 Feb 2026 11:05 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जनपद की 223 ग्राम पंचायतों में डेढ़ महीने के भीतर डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नामित संस्था को फर्नीचर व अन्य आवश्यक सामग्री जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी व्यवस्थाएं पूरी होते ही लाइब्रेरी का उद्घाटन कराया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गांवों के पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है। पहले चरण में 223 स्थानों पर यह सुविधा शुरू की जाएगी। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी के लिए चार लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
इसमें करीब 700 विभिन्न प्रकार की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिन पर लगभग 1.80 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा करीब 70 हजार रुपये की लागत से कुर्सी, मेज, अलमारी सहित अन्य फर्नीचर लगाए जाएंगे। लाइब्रेरी में चार से पांच कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल सब्सक्रिप्शन की भी व्यवस्था होगी।
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डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि फर्नीचर की आपूर्ति के लिए निजी संस्था का टेंडर फाइनल किया गया है, जबकि किताबें सरकारी संस्था के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। सामग्री उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एजेंसियों को 45 दिन का समय दिया गया है। सभी संसाधन उपलब्ध होते ही डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया जाएगा, ताकि ग्रामीण बच्चों और युवाओं को गांव में ही बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।
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ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गांवों के पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है। पहले चरण में 223 स्थानों पर यह सुविधा शुरू की जाएगी। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी के लिए चार लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
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इसमें करीब 700 विभिन्न प्रकार की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिन पर लगभग 1.80 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा करीब 70 हजार रुपये की लागत से कुर्सी, मेज, अलमारी सहित अन्य फर्नीचर लगाए जाएंगे। लाइब्रेरी में चार से पांच कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल सब्सक्रिप्शन की भी व्यवस्था होगी।
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डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि फर्नीचर की आपूर्ति के लिए निजी संस्था का टेंडर फाइनल किया गया है, जबकि किताबें सरकारी संस्था के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। सामग्री उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एजेंसियों को 45 दिन का समय दिया गया है। सभी संसाधन उपलब्ध होते ही डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया जाएगा, ताकि ग्रामीण बच्चों और युवाओं को गांव में ही बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।