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बेटी बनी मिसाल: अंजलि बनी कैप्टन
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:51 PM IST
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कैप्टन
- फोटो : अमर उजाला
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- पोती ने साकार किया दादाजी का सपना
आज बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी सफलता के परचम लहराये हैं, परिस्थितियां चाहे जैसी भी रही हों बेटियों ने खुद को साबित किया है। ऐसा ही एक उदाहरण नगर की अंजलि गिरि ने कैप्टन बनकर प्रस्तुत किया है, उसने न केवल सफलता प्राप्त की है, बल्कि अपने दादाजी के सपने को साकार करके माता, पिता, परिवार और नगर का नाम रोशन किया है।
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक अरविंद गिरि और नगर पालिका परिषद की पूर्व अध्यक्ष सुधा गिरि की बेटी अंजलि गिरि ने आर्मी के सेंट्रल कमांड हास्पिटल की कैप्टन बनकर राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया है। पिता अरविंद गिरि ने बताया कि अंजली ने 13 मार्च 2016 को लखनऊ के पैरामेडिकल कालेज से एमबीबीएस करके 9 अप्रैल 2016 को पूना में हुई आर्मी मेडिकल कोर्स की परीक्षा पास कर फौज में डॉक्टर बनी। पहली जून को कमांडेंट हुड्डा ने अंजली को आर्मी के सेंट्रल कमांड हास्पिटल में पदभार ग्रहण कराकर कैप्टन की रैंक प्रदान की। बताया कि अंजली ने प्राइमरी से कक्षा 10 तक की शिक्षा लखनऊ के जयपुरिया कालेज और दिल्ली के डीपीएस कालेज से इंटर की शिक्षा ग्रहण की। अरविंद गिरि ने कहा कि पिता स्वर्गीय राजेंद्र गिरि उन्हें फौज में भेजना चाहते थे, लेकिन वह एमबीबीएस करके जिले में अस्पताल बनाकर समाज सेवा करना चाहते थे। चिकित्सा क्षेत्र के ग्लैमर और पैसे को नजर अंदाज करके देशसेवा में उतर आए। इसे वह अपना सौभग्य मानते हैं। उन्हें और पूरे परिवार को नाज है कि अंजलि ने अपने दादाजी एवं पिता दोनों के सपने एक साथ पूूूूरे कर नाम रोशन किया है। अंजलि की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है और शुभ चिंतकों की ढेरों शुुुभकामनाएं मिल रही हैं।
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आज बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी सफलता के परचम लहराये हैं, परिस्थितियां चाहे जैसी भी रही हों बेटियों ने खुद को साबित किया है। ऐसा ही एक उदाहरण नगर की अंजलि गिरि ने कैप्टन बनकर प्रस्तुत किया है, उसने न केवल सफलता प्राप्त की है, बल्कि अपने दादाजी के सपने को साकार करके माता, पिता, परिवार और नगर का नाम रोशन किया है।
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक अरविंद गिरि और नगर पालिका परिषद की पूर्व अध्यक्ष सुधा गिरि की बेटी अंजलि गिरि ने आर्मी के सेंट्रल कमांड हास्पिटल की कैप्टन बनकर राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया है। पिता अरविंद गिरि ने बताया कि अंजली ने 13 मार्च 2016 को लखनऊ के पैरामेडिकल कालेज से एमबीबीएस करके 9 अप्रैल 2016 को पूना में हुई आर्मी मेडिकल कोर्स की परीक्षा पास कर फौज में डॉक्टर बनी। पहली जून को कमांडेंट हुड्डा ने अंजली को आर्मी के सेंट्रल कमांड हास्पिटल में पदभार ग्रहण कराकर कैप्टन की रैंक प्रदान की। बताया कि अंजली ने प्राइमरी से कक्षा 10 तक की शिक्षा लखनऊ के जयपुरिया कालेज और दिल्ली के डीपीएस कालेज से इंटर की शिक्षा ग्रहण की। अरविंद गिरि ने कहा कि पिता स्वर्गीय राजेंद्र गिरि उन्हें फौज में भेजना चाहते थे, लेकिन वह एमबीबीएस करके जिले में अस्पताल बनाकर समाज सेवा करना चाहते थे। चिकित्सा क्षेत्र के ग्लैमर और पैसे को नजर अंदाज करके देशसेवा में उतर आए। इसे वह अपना सौभग्य मानते हैं। उन्हें और पूरे परिवार को नाज है कि अंजलि ने अपने दादाजी एवं पिता दोनों के सपने एक साथ पूूूूरे कर नाम रोशन किया है। अंजलि की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है और शुभ चिंतकों की ढेरों शुुुभकामनाएं मिल रही हैं।
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