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Lakhimpur Kheri News: ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्य पंचायत विभाग के इंजीनियर ही देखेंगे
Tue, 30 Jun 2026 11:51 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:51 PM IST
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लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों को लेकर शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया है। इसके तहत पंचायत विभाग के निर्माण कार्यों का तकनीकी परीक्षण और पर्यवेक्षण प्राथमिकता से पंचायत विभाग के इंजीनियरों से कराया जाएगा। साथ ही कंसल्टेंट इंजीनियरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने आदेश में बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी निर्माण कार्यों का तकनीकी परीक्षण और पर्यवेक्षण प्राथमिक रूप से पंचायत विभाग के इंजीनियर करेंगे। यदि किसी कारणवश पंचायत विभाग के इंजीनियर उपलब्ध नहीं हैं या समय से कार्य पूरा होना संभव नहीं है, तभी जिला पंचायत राज अधिकारी की अनुमति से अन्य विभागों के अभियंताओं की सेवाएं ली जा सकेंगी।
आदेश में कहा गया है कि यदि कोई ग्राम पंचायत बिना उचित कारण पंचायत विभाग के इंजीनियरों को नजरअंदाज कर अन्य विभाग के अभियंताओं से कार्य कराती है तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में डीएम की ओर से पत्र जारी किया गया है। आदेश की प्रति मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग, निदेशक पंचायती राज, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत), कंसल्टेंट इंजीनियरों और ग्राम पंचायत सचिवों को भेजी गई है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि पूर्व में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) ने शासन को पत्र लिखकर बताया था कि विभाग में जेई सहित अन्य स्टाफ की कमी है। ऐसे में उनके कर्मचारियों से अन्य विभागों का कार्य न लिया जाए।
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डीएम ने आदेश में बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी निर्माण कार्यों का तकनीकी परीक्षण और पर्यवेक्षण प्राथमिक रूप से पंचायत विभाग के इंजीनियर करेंगे। यदि किसी कारणवश पंचायत विभाग के इंजीनियर उपलब्ध नहीं हैं या समय से कार्य पूरा होना संभव नहीं है, तभी जिला पंचायत राज अधिकारी की अनुमति से अन्य विभागों के अभियंताओं की सेवाएं ली जा सकेंगी।
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आदेश में कहा गया है कि यदि कोई ग्राम पंचायत बिना उचित कारण पंचायत विभाग के इंजीनियरों को नजरअंदाज कर अन्य विभाग के अभियंताओं से कार्य कराती है तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में डीएम की ओर से पत्र जारी किया गया है। आदेश की प्रति मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग, निदेशक पंचायती राज, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत), कंसल्टेंट इंजीनियरों और ग्राम पंचायत सचिवों को भेजी गई है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि पूर्व में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) ने शासन को पत्र लिखकर बताया था कि विभाग में जेई सहित अन्य स्टाफ की कमी है। ऐसे में उनके कर्मचारियों से अन्य विभागों का कार्य न लिया जाए।