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Lakhimpur Kheri News: भवन जर्जर... डॉक्टर-कर्मचारियों की जान जोखिम में
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गोला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर कर्मचारी आवास-संवाद
गोला गोकर्णनाथ। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और कर्मचारियों के आवास जर्जर हैं। छत का प्लास्टर कब गिर जाए, कुछ पता नहीं। डॉक्टरों और कर्मचारियों को जान जोखिम में डालकर रहना पड़ रहा है।
गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण 90 के दशक में हुआ था। लोकार्पण वर्ष 1992 में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री स्व. रामकुमार वर्मा ने किया था। 32 वर्षों में अस्पताल का भवन, डॉक्टरों-कर्मचारियों के आवास जर्जर हो गए हैं। मरम्मत के अभाव में छतों का प्लास्टर चटक चुका है और छत के लिंटर की सरिया दूर से ही दिखने लगी हैं।
दीवारों को पीपल और पाकड़ के पेड़ों ने जकड़ लिया है। इन आवासों में चार डॉक्टर, छह कर्मचारी और उनके परिवार रह रहे हैं। भवन की जर्जर हालत देखकर लगता है कि छत का प्लास्टर कब भरभराकर गिरने लगे, कुछ पता नहीं।
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अस्पताल और आवासों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इंजीनियर ने सर्वे कर लिया है।
- डॉ. गणेश कुमार, सीएचसी अधीक्षक गोला
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गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण 90 के दशक में हुआ था। लोकार्पण वर्ष 1992 में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री स्व. रामकुमार वर्मा ने किया था। 32 वर्षों में अस्पताल का भवन, डॉक्टरों-कर्मचारियों के आवास जर्जर हो गए हैं। मरम्मत के अभाव में छतों का प्लास्टर चटक चुका है और छत के लिंटर की सरिया दूर से ही दिखने लगी हैं।
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दीवारों को पीपल और पाकड़ के पेड़ों ने जकड़ लिया है। इन आवासों में चार डॉक्टर, छह कर्मचारी और उनके परिवार रह रहे हैं। भवन की जर्जर हालत देखकर लगता है कि छत का प्लास्टर कब भरभराकर गिरने लगे, कुछ पता नहीं।
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अस्पताल और आवासों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इंजीनियर ने सर्वे कर लिया है।
- डॉ. गणेश कुमार, सीएचसी अधीक्षक गोला