{"_id":"575589a24f1c1be6209c52ba","slug":"technical-assistant-spot-the-game-caught-on-head","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीकी सहायक ने मौके पर पकड़ा प्रधान का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तकनीकी सहायक ने मौके पर पकड़ा प्रधान का खेल
अमर उजाला ब्यूरो जंगबहादुरगंज।
Updated Mon, 06 Jun 2016 10:07 PM IST
विज्ञापन
भ्रष्टाचार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मनरेगा में भ्रष्टाचार का प्रयास हुआ विफल
पसगवां ब्लाक की ग्राम पंचायत मुड़िया चूड़ामणि में ट्रैक्टर-ट्रॉली से कच्ची सड़क पर मिट्टी डालने के बाद उसका एस्टीमेट मनरेगा में पास कराने का मामला सामने आया है। प्रधान के एस्टीमेट पर शक हुआ तो तकनीकी सहायक ने कार्य स्थल पर जांच की, तो वहां प्रधान के खेल का भंडाफोड़ हो गया। तकनीकी सहायक की सूचना पर एपीओ ने मनरेगा में एस्टीमेट पास करने पर रोक लगा दी है।
ग्राम पंचायत मुड़िया चूड़ामणि में बाबूराम स्कूल से मुड़िया चूड़ामणि गांव तक 600 मीटर कच्ची सड़क बनाने की कार्य योजना प्रस्तावित है। बताते हैं कि कार्यस्थल की फोटो खींचने के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली से अन्य स्थान से मिट्टी लाकर सड़क पर डाल दी गई। इसके बाद प्राकलन (एस्टीमेट) तैयार करवाने के लिए तकनीकी सहायक पारसनाथ सिंह के पास पत्रावली लेकर प्रधान पहुंच गए। तकनीकी सहायक ने फोटो पर विश्वास न करके मौका मुआयना किया तो भौचक्के रह गए, जहां गांव वालों ने ट्रैक्टर ट्रॉली से मिट्टी डालने की पुष्टि की। तकनीकी सहायक से साथ ग्राम रोजगार सेवक भी था। रिपोर्ट एपीओ मनरेगा राजकुमार सिंह को दी गई है। एपीओ ने तकनीकी सहायक को इस कार्य का एस्टीमेट न बनाने की हिदायत दी है। प्रधान का पक्ष नहीं मिल सका है। उधर, उपायुक्त मनरेगा पीके राय ने बताया कि अभी मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा है तो मनरेगा से इस कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा। बल्कि प्रधान इसे राज्य वित्त आयोग के मद से भुगतान करा सकता है।
पसगवां ब्लाक की ग्राम पंचायत मुड़िया चूड़ामणि में ट्रैक्टर-ट्रॉली से कच्ची सड़क पर मिट्टी डालने के बाद उसका एस्टीमेट मनरेगा में पास कराने का मामला सामने आया है। प्रधान के एस्टीमेट पर शक हुआ तो तकनीकी सहायक ने कार्य स्थल पर जांच की, तो वहां प्रधान के खेल का भंडाफोड़ हो गया। तकनीकी सहायक की सूचना पर एपीओ ने मनरेगा में एस्टीमेट पास करने पर रोक लगा दी है।
ग्राम पंचायत मुड़िया चूड़ामणि में बाबूराम स्कूल से मुड़िया चूड़ामणि गांव तक 600 मीटर कच्ची सड़क बनाने की कार्य योजना प्रस्तावित है। बताते हैं कि कार्यस्थल की फोटो खींचने के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली से अन्य स्थान से मिट्टी लाकर सड़क पर डाल दी गई। इसके बाद प्राकलन (एस्टीमेट) तैयार करवाने के लिए तकनीकी सहायक पारसनाथ सिंह के पास पत्रावली लेकर प्रधान पहुंच गए। तकनीकी सहायक ने फोटो पर विश्वास न करके मौका मुआयना किया तो भौचक्के रह गए, जहां गांव वालों ने ट्रैक्टर ट्रॉली से मिट्टी डालने की पुष्टि की। तकनीकी सहायक से साथ ग्राम रोजगार सेवक भी था। रिपोर्ट एपीओ मनरेगा राजकुमार सिंह को दी गई है। एपीओ ने तकनीकी सहायक को इस कार्य का एस्टीमेट न बनाने की हिदायत दी है। प्रधान का पक्ष नहीं मिल सका है। उधर, उपायुक्त मनरेगा पीके राय ने बताया कि अभी मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा है तो मनरेगा से इस कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा। बल्कि प्रधान इसे राज्य वित्त आयोग के मद से भुगतान करा सकता है।
विज्ञापन