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Lakhimpur Kheri News: सर्दियों में रखें ध्यान... दुखने न लगें हड्डियां
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लखीमपुरखीरी। तापमान गिरने से मौसम सर्द होने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 27 तो न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और शाम ठंड पड़ने लगी है। इससे बुजुर्गों के घुटनों से लेकर युवाओं की मांसपेशियों में दर्द बढ़ गया है। ओपीडी में जोड़ों में दर्द से लेकर घुटनों में सूजन आदि की समस्या वाले मरीजों की संख्या 15 से 20 फीसदी बढ़ गई है। उधर, बुजुर्ग भी पुरानी चोट एवं कमर व कंधों में दर्द होना बता रहे हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार को करीब 1300 मरीज पहुंचे। इसमें मौसमी बीमारियों के बाद सबसे ज्यादा मरीज सर्दी बढ़ने से जोड़ एवं घुटनों से लेकर मांसपेशियों में दर्द के थे। अस्थिरोग सर्जन डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि ओपीडी में इस समय रोजाना 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इनमें जोड़ दर्द, घुटनों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, पुरानी चोट का दर्द उभरने की परेशानी वाले मरीजों की संख्या 15 से 20 फीसदी बढ़ गई है।
आर्थो सर्जन ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ गठिया के पुराने मरीजों का रोग भी बढ़ जाता है, क्योंकि सर्द मौसम में नसें संकुचित होने से रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द की परेशानी उभर आती है। गठिया के पुराने मरीज जागने के बाद तुरंत न चलें। हाथ पैर का तीन से पांच मिनट तक वार्मअप कर लें। इससे गिरने का खतरा कम होगा। कई बार दर्द बहुत अधिक होता है।
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ऐसे में स्वयं दर्द निवारक दवाएं बिल्कुल न लें, क्योंकि इन दवाओं से दर्द में तत्काल राहत मिल जाएगी, लेकिन किडनी आदि के लिए यह खतरनाक साबित होंगी।
.....
इनका रखें ख्याल
1. बुजुर्ग और गठिया के मरीज धूप निकलने के बाद ही बाहर घूमने जाएं।
2. बेड पर पैरों के नीचे तकिय रखकर 8 से 0 बार उसे नीचे दबाकर व्यायाम करें।
3. कुर्सी-पलंग पर बैठकर पैरों को ऊपर नीचे 10 से 15 बार जरूर करें।
4. योग करें और शरीर को वार्मअप कर ले।
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जिला अस्पताल में बुधवार को करीब 1300 मरीज पहुंचे। इसमें मौसमी बीमारियों के बाद सबसे ज्यादा मरीज सर्दी बढ़ने से जोड़ एवं घुटनों से लेकर मांसपेशियों में दर्द के थे। अस्थिरोग सर्जन डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि ओपीडी में इस समय रोजाना 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इनमें जोड़ दर्द, घुटनों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, पुरानी चोट का दर्द उभरने की परेशानी वाले मरीजों की संख्या 15 से 20 फीसदी बढ़ गई है।
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आर्थो सर्जन ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ गठिया के पुराने मरीजों का रोग भी बढ़ जाता है, क्योंकि सर्द मौसम में नसें संकुचित होने से रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द की परेशानी उभर आती है। गठिया के पुराने मरीज जागने के बाद तुरंत न चलें। हाथ पैर का तीन से पांच मिनट तक वार्मअप कर लें। इससे गिरने का खतरा कम होगा। कई बार दर्द बहुत अधिक होता है।
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ऐसे में स्वयं दर्द निवारक दवाएं बिल्कुल न लें, क्योंकि इन दवाओं से दर्द में तत्काल राहत मिल जाएगी, लेकिन किडनी आदि के लिए यह खतरनाक साबित होंगी।
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इनका रखें ख्याल
1. बुजुर्ग और गठिया के मरीज धूप निकलने के बाद ही बाहर घूमने जाएं।
2. बेड पर पैरों के नीचे तकिय रखकर 8 से 0 बार उसे नीचे दबाकर व्यायाम करें।
3. कुर्सी-पलंग पर बैठकर पैरों को ऊपर नीचे 10 से 15 बार जरूर करें।
4. योग करें और शरीर को वार्मअप कर ले।