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Lakhimpur Kheri News: वनकर्मियों की निगरानी में हो रही गन्ना छिलाई
Sat, 29 Nov 2025 12:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:56 AM IST
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बांकेगंज में संगीनों के साये में गन्ना छिलाई करते किसान। स्रोत : किसान
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल के आसपास बसे किसानों के लिए खेती-बाड़ी करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। खेतों के अंदर बाघों और अन्य हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी के चलते जिले के गन्ना उत्पादक किसान फसल की छिलाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग पर शुक्रवार को बंदूक लिए खड़े वनकर्मियों की निगरानी में गन्ने की छिलाई कराई गई।
बफरजोन मैलानी रेंज जंगल से निकलकर बाघ, तेंदुआ आदि हिंसक वन्यजीव खरेहटा गांव से सटे गन्ने के खेतों में पहुंच रहे हैं। हाल ही में गन्ना की फसल में छिपे बैठे बाघ ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद किसान खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं। चीनी मिल से पर्ची आने के बाद चिंतित किसानों ने इस बात की जानकारी मैलानी रेंज के वन कर्मियों को देकर गन्ना की छिलाई कराने की मांग की। इस पर हरकत में आए वन विभाग ने फील्ड कर्मियों की टीम गठित कर किसानों की समस्या का निराकरण के निर्देश दिए गए।
शुक्रवार सुबह टीम ने पीड़ित किसानों से मुलाकात कर ढ़ाढस बंधाया। गांव से सटे उनके खेतों में खड़े रहकर फसल की छिलाई कराई। उधर किसानों का कहना है कि यदि वन विभाग का सहयोग मिलता रहे, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में काफी कमी आएगी।
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वर्जन
वन्यजीव अक्सर जंगल से रास्ता भटकर आबादी की ओर पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों से अपील है कि खेतों के अंदर शोर मचाते हुए और समूह में जाएं। गन्ना फसल छिलाई करने से पहले हांका लगाएं। बाघ या अन्य हिंसक वन्यजीव खेतों में मौजूद मिलें तो इसकी सूचना वन विभाग को देनी चाहिए। उनसे छेड़छाड़ न करें।
- कीर्ति चौधरी,डीएफओ, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
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बफरजोन मैलानी रेंज जंगल से निकलकर बाघ, तेंदुआ आदि हिंसक वन्यजीव खरेहटा गांव से सटे गन्ने के खेतों में पहुंच रहे हैं। हाल ही में गन्ना की फसल में छिपे बैठे बाघ ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद किसान खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं। चीनी मिल से पर्ची आने के बाद चिंतित किसानों ने इस बात की जानकारी मैलानी रेंज के वन कर्मियों को देकर गन्ना की छिलाई कराने की मांग की। इस पर हरकत में आए वन विभाग ने फील्ड कर्मियों की टीम गठित कर किसानों की समस्या का निराकरण के निर्देश दिए गए।
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शुक्रवार सुबह टीम ने पीड़ित किसानों से मुलाकात कर ढ़ाढस बंधाया। गांव से सटे उनके खेतों में खड़े रहकर फसल की छिलाई कराई। उधर किसानों का कहना है कि यदि वन विभाग का सहयोग मिलता रहे, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में काफी कमी आएगी।
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वर्जन
वन्यजीव अक्सर जंगल से रास्ता भटकर आबादी की ओर पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों से अपील है कि खेतों के अंदर शोर मचाते हुए और समूह में जाएं। गन्ना फसल छिलाई करने से पहले हांका लगाएं। बाघ या अन्य हिंसक वन्यजीव खेतों में मौजूद मिलें तो इसकी सूचना वन विभाग को देनी चाहिए। उनसे छेड़छाड़ न करें।
- कीर्ति चौधरी,डीएफओ, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन