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पिछला बाकी, इस बार भी नहीं दे रहे भुगतान
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 20 Dec 2014 07:03 PM IST
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जिले की एकमात्र गोला चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का करीब 50 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया हैै। चालू पेराई सत्र में चीनी मिल चालू हुए करीब 22 दिन बीत गए हैं। इस दौरान नौ चीनी मिलों को करीब 130 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति किसानों द्वारा की जा चुकी हैै। गन्ना खरीद करने से 14 दिन तक भुगतान के मामले में छह चीनी मिलों ने तत्परता दिखाई हैै। जबकि बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलों ने एक पैसे का भुगतान नहीं किया है।
बता दें कि कोर्ट ने 30 सितंबर 2014 तक संपूर्ण बकाया भुगतान करने के आदेश दिए थे। इस क्रम में जनपद की आठ मिलों ने भुगतान कर दिया जबकि गोला मिल ने भुगतान नहीं किया। गोला मिल पर अभी भी करीब 50 करोड़ रुपये बाकी हैं। अब मिल प्रबंधन 31 दिसंबर 2014 तक भुगतान की बात कह रहा है। वहीं चालू पेराई सत्र 2014-15 में गोला पर 10.49 करोड़, पलिया पर 7.28 करोड़ और खंभारखेड़ा मिल पर 10.45 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। इसमें से एक पैसे का भुगतान नहीं किया है।
संपूर्णानगर मिल और बेलरायां मिल ने चालू सत्र में नवंबर तक का भुगतान किया है लेकिन दिसंबर में भुगतान नहीं किया है। इससे संपूर्णानगर पर 5.10 करोड़ और बेलरायां पर 5.02 करोड़ अवशेष बन गया है। इस प्रकार पांच मिलों पर किसानों का 38.36 करोड़ बकाया है।
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भुगतान में अव्वल
गन्ना एक्ट की शर्तों के मुताबिक ऐरा मिल ने 12.59 करोड़, अजवापुर ने 16.14 करोड़, कुंभी ने 22.29 करोड़ और गुलरिया मिल ने 14.19 करोड़ भुगतान कर दिया है। लिहाजा इन पर अवशेष नहीं है। ऐरा मिल ने 10 दिसंबर तक, अजवापुर ने आठ दिसंबर तक, कुंभी ने 10 दिसंबर तक, गुलरिया ने 11 दिसंबर तक, बेलरायां और संपूर्णानगर ने 30 नवंबर 2014 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि समय से भुगतान न करने पर संबंधित चीनी मिलों को ब्याज देना पड़ सकता है। इस बार मिलों पर अवशेष के साथ ही ब्याज की गणना की जा रही है। जरूरत पड़ी तो नोटिस देकर जवाब-तलब किया जाएगा।
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बता दें कि कोर्ट ने 30 सितंबर 2014 तक संपूर्ण बकाया भुगतान करने के आदेश दिए थे। इस क्रम में जनपद की आठ मिलों ने भुगतान कर दिया जबकि गोला मिल ने भुगतान नहीं किया। गोला मिल पर अभी भी करीब 50 करोड़ रुपये बाकी हैं। अब मिल प्रबंधन 31 दिसंबर 2014 तक भुगतान की बात कह रहा है। वहीं चालू पेराई सत्र 2014-15 में गोला पर 10.49 करोड़, पलिया पर 7.28 करोड़ और खंभारखेड़ा मिल पर 10.45 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। इसमें से एक पैसे का भुगतान नहीं किया है।
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संपूर्णानगर मिल और बेलरायां मिल ने चालू सत्र में नवंबर तक का भुगतान किया है लेकिन दिसंबर में भुगतान नहीं किया है। इससे संपूर्णानगर पर 5.10 करोड़ और बेलरायां पर 5.02 करोड़ अवशेष बन गया है। इस प्रकार पांच मिलों पर किसानों का 38.36 करोड़ बकाया है।
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भुगतान में अव्वल
गन्ना एक्ट की शर्तों के मुताबिक ऐरा मिल ने 12.59 करोड़, अजवापुर ने 16.14 करोड़, कुंभी ने 22.29 करोड़ और गुलरिया मिल ने 14.19 करोड़ भुगतान कर दिया है। लिहाजा इन पर अवशेष नहीं है। ऐरा मिल ने 10 दिसंबर तक, अजवापुर ने आठ दिसंबर तक, कुंभी ने 10 दिसंबर तक, गुलरिया ने 11 दिसंबर तक, बेलरायां और संपूर्णानगर ने 30 नवंबर 2014 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि समय से भुगतान न करने पर संबंधित चीनी मिलों को ब्याज देना पड़ सकता है। इस बार मिलों पर अवशेष के साथ ही ब्याज की गणना की जा रही है। जरूरत पड़ी तो नोटिस देकर जवाब-तलब किया जाएगा।