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एसएसबी ने की सीमा पर कांबिंग
महंगापुर।
Updated Mon, 15 Feb 2016 06:50 PM IST
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सुमेरनगर एसएसबी ने सीमा पर नेपाली सुरक्षा बल और भारतीय वन विभाग के साथ संयुक्त कांबिंग की। इधर, सुमेरनगर एसएसबी ने ही तस्करी कर लाए जा रहे 6 बैल भी बरामद किए हैं।
39 वाहिनी एसएसबी की बीओपी सुमेरनगर ने एपीएफ नेपाल, नेपाल पुलिस तथा भारतीय वन विभाग के साथ भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 191 से 195 तक कांबिंग की। इसमें नए बने रास्तों, पगडंडियों, पिलरों को देखा गया, ताकि सीमा की सुरक्षा चाक चौबंद रहे। इसमें एपीएफ नेपाल के एसी आरडी भट्ट, वन विभाग से गणेश शुक्ल, एसएसबी से बीओपी कमांडर जय शंकर पांडे सहित दोनों तरफ के जवान शामिल रहे। इधर, एसएसबी सुमेरनगर के जवानों ने रात्रि नाकाबंदी के दौरान पिलर संख्या 195 के पास नेपाल से कुछ लोगों को आते देख उन्हें रोका तो वह छह बैल छोड़ कर भाग खड़े हुए। बरामद बैलों की कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। सुमेरनगर बीओपी कमांडर जय शंकर पांडे ने बताया कि हमेशा की तरह नाका लगाया गया था। इस नाके में हवलदार शिशु पाल सिंह समेत चार जवान थे। बैल पलिया कस्टम के हवाले कर दिए गए हैं।
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39 वाहिनी एसएसबी की बीओपी सुमेरनगर ने एपीएफ नेपाल, नेपाल पुलिस तथा भारतीय वन विभाग के साथ भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 191 से 195 तक कांबिंग की। इसमें नए बने रास्तों, पगडंडियों, पिलरों को देखा गया, ताकि सीमा की सुरक्षा चाक चौबंद रहे। इसमें एपीएफ नेपाल के एसी आरडी भट्ट, वन विभाग से गणेश शुक्ल, एसएसबी से बीओपी कमांडर जय शंकर पांडे सहित दोनों तरफ के जवान शामिल रहे। इधर, एसएसबी सुमेरनगर के जवानों ने रात्रि नाकाबंदी के दौरान पिलर संख्या 195 के पास नेपाल से कुछ लोगों को आते देख उन्हें रोका तो वह छह बैल छोड़ कर भाग खड़े हुए। बरामद बैलों की कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। सुमेरनगर बीओपी कमांडर जय शंकर पांडे ने बताया कि हमेशा की तरह नाका लगाया गया था। इस नाके में हवलदार शिशु पाल सिंह समेत चार जवान थे। बैल पलिया कस्टम के हवाले कर दिए गए हैं।
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