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Lakhimpur Kheri News: हत्या के दोषी सगे भाइयों समेत छह को मिली कैद
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लखीमपुर खीरी। पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की हत्या के 12 साल पुराने मामले में जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ला ने मुख्य आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि उसके सहयोगी पांच हमलावरों को सात- सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 27 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम करणपुर मवैया के रहने वाले हरिशंकर शुक्ला अपने भतीजे सुधांशु शुक्ला के साथ 3 अप्रैल 2012 को मकान की नींव भरवाने के लिए लालहनपुर तिराहे के पास प्लॉट पर गए थे। सुबह 8:30 बजे के करीब लालनपुर निवासी मिश्रीलाल अपने भाई सोहन, पुत्रों रामू, विनोद, सुनील और भतीजे रमेश को लेकर आ गए। सभी लोग अपने हाथों में लाठी डंडे लिए थे।
आरोपियों ने हरिशंकर शुक्ला को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई थी। भतीजे सुधांशु को भी गंभीर चोटें आईं थीं। इस मामले में हरिशंकर के भाई राम कीर्तन शुक्ला ने नीमगांव थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद सभी छह हमलावरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए मिश्रीलाल सहित उसके भाइयों और पुत्रों को दोषी साबित पाया। जिसमें मिश्रीलाल को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उसके भतीजे रमेश और भाई सोहनलाल के साथ ही मिश्री लाल के पुत्र विनोद, सुनील व रामू को सात सात वर्ष की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम करणपुर मवैया के रहने वाले हरिशंकर शुक्ला अपने भतीजे सुधांशु शुक्ला के साथ 3 अप्रैल 2012 को मकान की नींव भरवाने के लिए लालहनपुर तिराहे के पास प्लॉट पर गए थे। सुबह 8:30 बजे के करीब लालनपुर निवासी मिश्रीलाल अपने भाई सोहन, पुत्रों रामू, विनोद, सुनील और भतीजे रमेश को लेकर आ गए। सभी लोग अपने हाथों में लाठी डंडे लिए थे।
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आरोपियों ने हरिशंकर शुक्ला को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई थी। भतीजे सुधांशु को भी गंभीर चोटें आईं थीं। इस मामले में हरिशंकर के भाई राम कीर्तन शुक्ला ने नीमगांव थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद सभी छह हमलावरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए मिश्रीलाल सहित उसके भाइयों और पुत्रों को दोषी साबित पाया। जिसमें मिश्रीलाल को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उसके भतीजे रमेश और भाई सोहनलाल के साथ ही मिश्री लाल के पुत्र विनोद, सुनील व रामू को सात सात वर्ष की सजा सुनाई है।