फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Shortage will be removed in Ayurvedic hospitals, doctors will be available in February

Lakhimpur Kheri News: आयुर्वेदिक अस्पतालों में दूर होगी किल्लत, फरवरी में मिल जाएंगे डॉक्टर

Sun, 28 Jan 2024 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2024 01:19 AM IST
विज्ञापन
Shortage will be removed in Ayurvedic hospitals, doctors will be available in February
लखीमपुर खीरी। जिले में आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जल्द पूरी हो जाएगी। शासनस्तर से आयुर्वेदिक डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, सब कुछ ठीक ठाक रहा तो फरवरी के पहले हफ्ते तक जिले में नए 10-15 डॉक्टरों की तैनाती होगी।
विज्ञापन

जिले में 36 आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। इसके सापेक्ष 38 डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन लंबे समय से मात्र 21 डॉक्टरों से काम चलाया जा रह है। जिले के 15 अस्पताल बिना डॉक्टर संचालित हैं। डॉक्टर विहीन अस्पतालों में अन्य डॉक्टरों को दो या तीन दिन के लिए भेजा जाता है, लेकिन शेष दिन की ओपीडी फार्मासिस्ट या अन्य स्टाफ के भरोसे रहती है।
विज्ञापन

जिले में कुछ ऐसे अस्पताल हैं, जहां डॉक्टर के अलावा फार्मासिस्ट भी नहीं हैं। ऐसे अस्पताल खुलते तो हैं, लेकिन मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पाता है। पिछले काफी समय से मोहम्मदी में डॉक्टर नहीं है। फार्मासिस्ट देवेंद्र चौबे से काम चलाया जाता है। यहीं हाल उचौलिया अस्पताल का है। यहां के डॉक्टर का बरेली तबादला हो गया था। तब से यहां किसी की तैनाती नहीं हो सकी। भीखमपुर में डॉक्टर नहीं है। फार्मासिस्ट भी मात्र तीन दिन ही रहते है। शेष दिन फार्मासिस्ट अन्य अस्पताल में बैठते है। वहीं शहर के पास राजापुर अस्पताल भी बिना डॉक्टर संचालित है। यहां की जिम्मेदारी खुद विभागीय अधिकारी ने ले रखी है। चार जनवरी के अंक में अमर उजाला ने आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
एक डॉक्टर, दो अस्पताल... कैसे हो इलाज
एक डॉक्टर पर दो-दो अस्पतालों की जिम्मेदारी है। एक समय में एक ही अस्पताल में डॉक्टर ओपीडी कर पाते हैं। ऐसे में दूसरे अस्पताल की ओपीडी प्रभावित रहती है। समस्या तब और बढ़ जाती है कि जब डॉक्टर छुट्टी पर चले जाते हैं। जबकि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी खुद ही दो-दो अस्पतालों की जिम्मेदारी संभालते हैं। विभागीय कार्य भी होते हैं।

------------
वर्जन
शासनस्तर से आयुर्वेदिक डॉक्टरों की नियुक्ति हो चुकी है। फरवरी के पहले हफ्ते तक जिले में नए डॉक्टर आने की उम्मीद है। जिले को 10 से 15 डॉक्टरों के मिल सकते हैं। जिले में 38 डॉक्टरों की अपेक्षा 21 ही तैनात हैं। नए डॉक्टर आने से स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो जाएगीं।
-हरबंश कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed