फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Shopkeepers of Dussehra fair sit on dharna in protest against recovery

Lakhimpur Kheri News: वसूली के विरोध में धरने पर बैठे दशहरा मेले के दुकानदार

Sun, 20 Oct 2024 10:49 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 10:49 PM IST
विज्ञापन
Shopkeepers of Dussehra fair sit on dharna in protest against recovery
लखीमपुर खीरी। ऐतिहासिक दशहरा मेला अब विवादों का मेला बनकर रह गया है। ट्रस्ट और नगर पालिका के आपसी विवाद में दुकानदारों काे नुकसान हो रहा है। दर्शकों ने भी मेले से किनारा करना शुरू कर दिया है। शनिवार रात मेले में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। वहीं रविवार की दोपहर दुकानदारों ने दुकानें बंद कर विरोध-प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

दुकानदारों की मांग है कि जो पैसा उन्होंने ट्रस्ट को दिया है वह नगर पालिका का अपने माध्यम से उनसे ले, दुकानदारों से दोबारा पैसा लेने के लिए बाध्य न किया जाए। मेले के समस्त पुराने दुकानदारों का तत्काल जगह का आवंटन किया जाए। मेले की समय सीमा (29 अक्तूबर) समाप्त हो रही है। उसे बढ़ाकर 15 सितंबर किया जाए।
विज्ञापन

तब तक सफाई, सुरक्षा, बिजली, पानी की व्यवस्था पहले जैसी रहनी चाहिए। दुकानदारों का कहना है कि मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करके निरस्तारण किया जाए। यदि उनकी यह मांगे नहीं मानी गईं, तो वह सारी दुकानें उखाड़ लेंगे या फिर अपनी दुकान बंद रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेला कराने की लिखित शर्ते नगर पालिका के पास : राजपरिवार

महेवा राजपरिवार के वारिस कुंवर राघवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा है कि मेला प्रांगण की जमीन का मालिकाना हक उनके परिवार के पास है। उनके पूर्वजों ने इस जमीन को ग्यारह महीनों के लिए ट्रस्ट को और एक महीने के लिए नगर पालिका परिषद को दशहरा मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दुकानों के आवंटन के लिए दिया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस एक महीने के दौरान ट्रस्ट का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। यह 1937 में लीज पर दी गयई जमीन के दौरान लिखित शर्तें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से नगर पालिका दुकानों का आवंटन कर रसीद काटती आ रही है। प्राप्त आय से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती है। हाल ही में सेठ गया प्रसाद के ट्रस्टी विपुल सेठ ने दुकानों की रसीदें काटकर धन का गबन कर लिया है। यह स्थिति नगर चिंताजनक है। उचित कार्रवाई की आवश्यकता है।


----------------------------

दुकानदार अपनी दुकानें खोलें। समय बढ़ाने की मांग पूरी की जाएगी। दुकानदारों का नुकसान किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। रही बात ट्रस्ट की, तो ट्रस्ट कभी एक व्यक्ति से नहीं चलता। यह सिर्फ पैसे का लालच है। मेले को बिगाड़ने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
- डॉ. इरा श्रीवास्तव, नगर पालिका अध्यक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed