{"_id":"6a7a0e2e27add3103807c4a1","slug":"sharda-river-swallows-100-acres-of-land-farmers-worries-increase-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-182116-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: शारदा ने निगली 100 एकड़ जमीन, किसानों की चिंता बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: शारदा ने निगली 100 एकड़ जमीन, किसानों की चिंता बढ़ी
Mon, 10 Aug 2026 11:15 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:15 PM IST
विज्ञापन
सिंघिया एहेतमाली तथा गैर एहेतमाली में कृषि योग्य भूमि कटान करती शारदा नदी। स्रोत ग्रामीण
बिजुआ। शारदा नदी की धार सिंघिया के किसानों के लिए काल बन गई है। पहले नदी ने करीब 200 घरों वाले सिंघिया गांव का अस्तित्व मिटाया और अब विस्थापित परिवारों की कृषि भूमि भी अपने आगोश में ले रही है।
गुजारा ग्राम पंचायत के सिंघिया एहेतमाली और सिंघिया गैर एहेतमाली में भीषण कटान से करीब 100 एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसलें आंखों के सामने नदी में विलीन हो रही हैं। किसानों के सामने जमीन के साथ परिवार का भविष्य बचाने की चुनौती है।
ग्राम प्रशासक सतनाम सिंह के अनुसार करीब 100 एकड़ जमीन कट चुकी है और कटान लगातार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी इसी तरह बढ़ती रही तो बची कृषि भूमि भी जल्द खत्म हो जाएगी। कई परिवार भूमिहीन होने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा व राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन
तहसीलदार सदर मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि लेखपाल राकेश शुक्ला लगातार मौके पर मौजूद रहकर कटान की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और नियमित रिपोर्ट भेज रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
गुजारा ग्राम पंचायत के सिंघिया एहेतमाली और सिंघिया गैर एहेतमाली में भीषण कटान से करीब 100 एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसलें आंखों के सामने नदी में विलीन हो रही हैं। किसानों के सामने जमीन के साथ परिवार का भविष्य बचाने की चुनौती है।
विज्ञापन
ग्राम प्रशासक सतनाम सिंह के अनुसार करीब 100 एकड़ जमीन कट चुकी है और कटान लगातार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी इसी तरह बढ़ती रही तो बची कृषि भूमि भी जल्द खत्म हो जाएगी। कई परिवार भूमिहीन होने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा व राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन
तहसीलदार सदर मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि लेखपाल राकेश शुक्ला लगातार मौके पर मौजूद रहकर कटान की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और नियमित रिपोर्ट भेज रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।