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Lakhimpur Kheri News: रुरा सुल्तानपुर के मुहाने तक पहुंची शारदा, ग्रामीणों को किया सतर्क
Mon, 07 Sep 2026 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:05 AM IST
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बिजुआ। रुरा सुल्तानपुर में शारदा नदी लगातार कटान कर रही है। नदी गांव के किनारे स्थित बीरबाबा स्थान से सिर्फ 20 मीटर दूर रह गई है।
रविवार को गोला तहसीलदार अरुण कुमार ने कानूनगो और लेखपालों के साथ कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सामान लेकर बाढ़ राहत सहायता केंद्र पूजा गांव जाने के लिए कहा। तहसीलदार ने बताया कि रात में नदी का प्रकोप बढ़ने पर ग्रामीणों को परेशानी हो सकती है।
अब तक करीब 35 एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है। तहसीलदार ने बताया कि लेखपाल अजय कुमार गुप्ता को लगाया गया है। कटान स्थल तक पहुंचना मुश्किल है। कृषि योग्य भूमि की कटान हो रही है। अभी आबादी को कोई खतरा नहीं है।
वहीं, ग्राम पंचायत रामनगर कलां के मजरा रामपुर में भी शारदा नदी करीब एक माह से कृषि भूमि काट रही है। पीपापुल से गाटा संख्या 206 से 600 तक और गाटा संख्या 993 के आसपास की करीब 300 एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है।
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किसानों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे तक नहीं कर सकी है। सिंचाई विभाग की ओर से भी कटान रोकने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और एडीएम से राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम भेजकर कटान प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराने की मांग की है।
किसानों ने गाटा संख्या 206 से 600 तक और गाटा संख्या 993 समेत कटे खेतों का वास्तविक आकलन कर रिपोर्ट तैयार कराने की मांग की है। साथ ही आपदा राहत के तहत प्रति एकड़ उचित मुआवजा देने और शारदा नदी का कटान रोकने के लिए तत्काल बोल्डर व ठोकर निर्माण कराने की मांग की है।
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रविवार को गोला तहसीलदार अरुण कुमार ने कानूनगो और लेखपालों के साथ कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सामान लेकर बाढ़ राहत सहायता केंद्र पूजा गांव जाने के लिए कहा। तहसीलदार ने बताया कि रात में नदी का प्रकोप बढ़ने पर ग्रामीणों को परेशानी हो सकती है।
अब तक करीब 35 एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है। तहसीलदार ने बताया कि लेखपाल अजय कुमार गुप्ता को लगाया गया है। कटान स्थल तक पहुंचना मुश्किल है। कृषि योग्य भूमि की कटान हो रही है। अभी आबादी को कोई खतरा नहीं है।
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वहीं, ग्राम पंचायत रामनगर कलां के मजरा रामपुर में भी शारदा नदी करीब एक माह से कृषि भूमि काट रही है। पीपापुल से गाटा संख्या 206 से 600 तक और गाटा संख्या 993 के आसपास की करीब 300 एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है।
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किसानों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे तक नहीं कर सकी है। सिंचाई विभाग की ओर से भी कटान रोकने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और एडीएम से राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम भेजकर कटान प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराने की मांग की है।
किसानों ने गाटा संख्या 206 से 600 तक और गाटा संख्या 993 समेत कटे खेतों का वास्तविक आकलन कर रिपोर्ट तैयार कराने की मांग की है। साथ ही आपदा राहत के तहत प्रति एकड़ उचित मुआवजा देने और शारदा नदी का कटान रोकने के लिए तत्काल बोल्डर व ठोकर निर्माण कराने की मांग की है।