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Lakhimpur Kheri News: पहाड़ों पर बारिश से उफनाई शारदा, दर्जनों गांवों में भरा पानी
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.शारदा नदी के किनारे के गांवों में घरों में भरा पानी
लखीमपुर खीरी। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से शारदा नदी उफनाई हुई है। लखीमपुर तहसील के फूलबेहड़ क्षेत्र, गोला तहसील के बिजुआ इलाके में बाढ़ कहर ढा रही है।
दर्जनों गांवों में पानी भर गया है। इससे लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लोगों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। अभी तक कई गांवों में बाढ़ राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाई है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को भूखे प्यासे रहना पड़ रहा है। कुछ गांवों में भूकटान भी हो रहा है। किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर है।
शारदा नदी किनारे बसे गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ के अंतर्गत शारदानदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ग्राम पंचायत कुंवरपर कलां के मजरा नारायणपुरवा, कुंवरपुर और बझेडा गांव में पानी घरों के अंदर भरा हुआ है। गांव को आने-जाने वाले रास्ते बंद हैं। इसके अलावा बेलहा सिकटिया, रूरा सुल्तानपुर, चकपुरवा, नयापुरवा, कोरियाना सेकंड, जोहरा, गुजारा, मेहंदी आदि गांव में हालात भी खराब हैं। लोगों के घर में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। बच्चे भूख-प्यास से परेशान हैं। आने-जाने वाले सभी रास्ते बंद हो गए हैं। सिर्फ जौहरा और गुजारा में प्रशासन ने लंच पैकेट बटवाए हैं। कुंवरपुरकलां में अभी तक प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। कुंवरपुरकलां गांव तहसील पलिया में पड़ता है। जौहरा, गुजारा, हजूरपुरवा, नयापुरवा, चकपुरवा, रूरासुल्तानपुर, तनसुखपुरवा, बेलहासिकटिहा आदि गांव तहसील गोला गोकरर्णनाथ में पड़ते हैं।
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पीने को पानी नही, उजाले की व्यवस्था भी नहीं
महेवागंज। फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा तटबंध के अंदर बसे दो दर्जन गांवों में बाढ़ के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को जलस्तर थोड़ा और बढ़ गया। इससे लोगों की परेशानी में और इजाफा हुआ है। लोग मजबूरन तटबंध और घरों की छत पर रह रहे हैं। बसहा, मेहंदी, बेडहा, सुतिया, गूम, बहालीपुरवा, चकलुआ, कुचलिहा, खगईपुरवा, और मंगलीपुरवा सहित दो दर्जन गांव टापू बने हैं। ग्रामीणों को ईंधन और भोजन-पानी की किल्लत सता रही है। अधिकांश हैंडपंप बाढ़ में डूब गए हैं। साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा है। मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना कठिन हो रहा है। पानी भरा होने से एहतियातन बिजली भी गुल है। जरूरतमंद नाव से बाजार आ जा रहे है।
सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समाई
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के ग्राम चकपुरवा, नया पुरवा में अब कटान धीमा पड़ गया है। गांव के अंदर पानी भरा हुआ है, लेकिन शारदा नदी ने कृषि भूमि को काटना शुरू कर दिया है। सबसे तेज कटान ग्राम बेलहा सिकटिया में हो रहा है। यहां सैकड़ों एकड़ जमीन कट कर नदी में समा चुकी है। रूरा सुल्तानपुर के मजरा कोरियना सेकंड से आगे अब नदी का रुख जौहरा, गुजारा और मेहंदी की तरफ हो गया है। जोहरा, गुजारा और मेहंदी में कृषि योग्य जमीन नदी में समा रही है। बेलहा सिकटिहा के प्रधान नैपाली राम, करसौर के प्रधान भगौती यादव, रुरासुल्तानपुर के प्रधान जगजीत सिंह, जौहरा के प्रधान सतनाम सिंह, मेहंदी के प्रधान नूरुलहक ने प्रशासन से कटान रुकवाने की मांग की है। संवाद
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दर्जनों गांवों में पानी भर गया है। इससे लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लोगों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। अभी तक कई गांवों में बाढ़ राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाई है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को भूखे प्यासे रहना पड़ रहा है। कुछ गांवों में भूकटान भी हो रहा है। किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर है।
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शारदा नदी किनारे बसे गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ के अंतर्गत शारदानदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ग्राम पंचायत कुंवरपर कलां के मजरा नारायणपुरवा, कुंवरपुर और बझेडा गांव में पानी घरों के अंदर भरा हुआ है। गांव को आने-जाने वाले रास्ते बंद हैं। इसके अलावा बेलहा सिकटिया, रूरा सुल्तानपुर, चकपुरवा, नयापुरवा, कोरियाना सेकंड, जोहरा, गुजारा, मेहंदी आदि गांव में हालात भी खराब हैं। लोगों के घर में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। बच्चे भूख-प्यास से परेशान हैं। आने-जाने वाले सभी रास्ते बंद हो गए हैं। सिर्फ जौहरा और गुजारा में प्रशासन ने लंच पैकेट बटवाए हैं। कुंवरपुरकलां में अभी तक प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। कुंवरपुरकलां गांव तहसील पलिया में पड़ता है। जौहरा, गुजारा, हजूरपुरवा, नयापुरवा, चकपुरवा, रूरासुल्तानपुर, तनसुखपुरवा, बेलहासिकटिहा आदि गांव तहसील गोला गोकरर्णनाथ में पड़ते हैं।
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पीने को पानी नही, उजाले की व्यवस्था भी नहीं
महेवागंज। फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा तटबंध के अंदर बसे दो दर्जन गांवों में बाढ़ के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को जलस्तर थोड़ा और बढ़ गया। इससे लोगों की परेशानी में और इजाफा हुआ है। लोग मजबूरन तटबंध और घरों की छत पर रह रहे हैं। बसहा, मेहंदी, बेडहा, सुतिया, गूम, बहालीपुरवा, चकलुआ, कुचलिहा, खगईपुरवा, और मंगलीपुरवा सहित दो दर्जन गांव टापू बने हैं। ग्रामीणों को ईंधन और भोजन-पानी की किल्लत सता रही है। अधिकांश हैंडपंप बाढ़ में डूब गए हैं। साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा है। मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना कठिन हो रहा है। पानी भरा होने से एहतियातन बिजली भी गुल है। जरूरतमंद नाव से बाजार आ जा रहे है।
सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समाई
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के ग्राम चकपुरवा, नया पुरवा में अब कटान धीमा पड़ गया है। गांव के अंदर पानी भरा हुआ है, लेकिन शारदा नदी ने कृषि भूमि को काटना शुरू कर दिया है। सबसे तेज कटान ग्राम बेलहा सिकटिया में हो रहा है। यहां सैकड़ों एकड़ जमीन कट कर नदी में समा चुकी है। रूरा सुल्तानपुर के मजरा कोरियना सेकंड से आगे अब नदी का रुख जौहरा, गुजारा और मेहंदी की तरफ हो गया है। जोहरा, गुजारा और मेहंदी में कृषि योग्य जमीन नदी में समा रही है। बेलहा सिकटिहा के प्रधान नैपाली राम, करसौर के प्रधान भगौती यादव, रुरासुल्तानपुर के प्रधान जगजीत सिंह, जौहरा के प्रधान सतनाम सिंह, मेहंदी के प्रधान नूरुलहक ने प्रशासन से कटान रुकवाने की मांग की है। संवाद

.शारदा नदी के किनारे के गांवों में घरों में भरा पानी

.शारदा नदी के किनारे के गांवों में घरों में भरा पानी