फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Sharada 47 cm above the danger mark reached

शारदा खतरे के निशान से 47 सेमी ऊपर पहुंची 

Wed, 29 Jun 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां। Updated Wed, 29 Jun 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
Sharada 47 cm above the danger mark reached
sharda - फोटो : amar ujala
इमलिया के रास्ते पर एक से डेढ़ फुट चल रहा बाढ़ का पानी, खेत भी हुए जलमग्न
विज्ञापन

शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वह अब खतरे के निशान से करीब 47 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे इमलिया फार्म के रास्ते पर एक से डेढ़ फुट पानी चलने लगा है और आसपास का खेतिहर इलाके में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।
शारदा नदी के जलस्तर में कभी गिरावट तो कभी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार को शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.620 सेे 38 सेमी ऊपर था, लेकिन सोमवार को वह खतरे के निशान से करीब आठ सेमी ऊपर रह गई। मंगलवार को फिर जलस्तर बढ़ा और उसका जलस्तर करीब 27 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे इमलिया फार्म के खेतिहर इलाके में नदी का पानी घुस गया और मार्ग पर भी पुलिया के पास बहने लगा। बुधवार को सुबह से फिर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन में करीब तीन बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 154.090 सेमी पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से करीब 47 सेंटीमीटर ऊपर है। लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर से इमलिया इलाके में बाढ़ का पानी भर गया है। बुधवार को रास्ते पर करीब एक से डेढ़ फुट पानी बह रहा था। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से नदी के आसपास के अन्य गांवों के लोगों में खौफ बढ़ रहा है। इधर प्रशासन भी सतर्क हो गया है और उसने हर स्थिति पर नजर बना रखी है।
विज्ञापन

एसडीएम शादाब असलम का कहना है कि नदी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कर्मियों को भी हर स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। किसी को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। नावों आदि की व्यवस्था की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएम के आदेश के बावजूद अफसरों ने नहीं लिया हाल
- डीएम से 22 दिन पहले की थी शिकायत
निघासन। डीएम ने रानीगंज स्थित शारदा नदी से जुड़े घाघी नाले को बंद करने तथा रिपोर्ट देने का आदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिया था। 22 दिन बीत जाने के बाद भी सिंचाई विभाग का कोई अफसर ने वहां पर हाल जानने नहीं पहुंचा हैं। आलम यह हुआ कि उफनाई शारदा का पानी घाघी नाले में गिरने से असमय बाढ़ आने की स्थिति आ गई है।

सात जून को डीएम आकाश दीप ने निघासन में आयोजित तहसील दिवस को निपटाकर वह अपने दल बल के साथ लोहिया समग्र गांव का निरीक्षण करने जा रहे थे। रास्ते में रानीगंज के पास श्रमदान से घाघी नाले पर कार्य कर रहे ग्रामीणों ने उनके काफिले को रोक लिया था। डीएम ने वहां पर रूककर लोगों की समस्या सुनीं और सिंचाई विभाग को कार्य कराने तथा एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता ने कार्य कराने का आश्वासन भी ग्रामीणों को दिया था। 22 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक यहां पर कोई भी अफसर हाल जानने नहीं आया। ग्रामीण अमित सिंह आदि ने बताया कि उफनाई शारदा का सारा पानी नाले में आ रहा है, जिससे लुधौरी, बैलहा, रानीगंज, पुरैना, झौवा पुरवा आदि गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed