फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Seeing the attitude of the villagers, the forest department bowed, accepted all the conditions

ग्रामीणों के तेवर देखकर झुका वन विभाग, सभी शर्तें मानीं

Mon, 29 Nov 2021 12:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:17 AM IST
विज्ञापन
Seeing the attitude of the villagers, the forest department bowed, accepted all the conditions
तिकुनिया मजरा पूरब के जंगल में कांबिंग करते वन कर्मी।
शर्तें माने जाने के बाद परिजन ने शव का कराया पोस्टमॉर्टम
विज्ञापन

वन विभाग की कांबिंग जारी, बाघ को कैद करने के लिए एक और पिंजरा मंगवाया
तिकुनियां। मजरा पूरब के जंगल में गांव निवासी बुजुर्ग राममूर्ति की बाघ के हमले से मौत के बाद ग्रामीणों के हंगामे के आगे झुके वन विभाग ने गांव वालों की सारी मांगें मान लीं, जिसके बाद परिजन ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए वन विभाग को सौंप दिया। रविवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, रविवार को वन विभाग की टीम ने कांबिंग जारी रखी और बाघ को कैद करने के लिए एक और पिंजरा मंगवाया है।
शनिवार को बुजुर्ग राममूर्ति को बाघ ने हमलाकर मार डाला था, जिसके बाद नाराज परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया था। परिजन और ग्रामीणों का कहना था कि जब तक बाघ से सुरक्षा का पक्का बंदोबस्त व मुआवजा राशि दस लाख रुपया नहीं मिल जाती तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। ग्रामीणों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा भी उतर आया। बाद में एसडीएम श्रद्धा सिंह, जिला वन अधिकारी सुंदरेश कुमार, एसडीओ जेपी श्रीवास्तव व रेंजर विमलेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से वार्ता के बाद किसान संयुक्त मोर्चा ने बताया कि मांगें मान ली गई हैं। इसके बाद रविवार को राममूर्ति का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि रेंजर विमलेश कुमार का कहना है कि मृतक के बच्चों को दुधवा नेशनल फंड से सहायता राशि दी जाएगी।
विज्ञापन

यह मानी गईं हैं शर्तें
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े गुरमीत सिंह रंधावा ने बताया कि जिला वन अधिकारी से 10 लाख रुपये व दो बेटियों की शादी के अनुदान के लिए कहा गया है। एक बेटी को कैजुअल नौकरी देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा पांच लाख की सहायता राशि जो मृतक के परिजन को मिलती है, वह दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वन अधिकारियों ने बाघ से सुरक्षा के लिये इलेक्ट्रिक तार लगाने व शासन से आदेश लेकर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान होने वाली मौत पर आपादा मोचक निधि में शासन की ओर से मृतक आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके अलावा दुधवा टाइगर कंजरवेशन फांउडेशन की ओर से तात्कालिक सहायता के रूप में दस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। - संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व

नजर आए ताजे पगमार्क, नहीं दिखी बाघिन
महेवागंज। शनिवार शाम कस्बे के समीप लिलौटीनाथ मंदिर के पश्चिम पिपरा मरोड़ा जाने वाले मार्ग पर कुछ किसानों को बाघिन दिखाई दी। सूचना पर वन विभाग की टीम रात में ही मौके पर पहुंची। कांबिंग के दौरान बाघिन नजर नहीं आई पर वन कर्मियों को उसके ताजे पग मार्क जरूर दिखे। यहां बता दें कि बाघिन के शोर से लिलौटी नाथ, पिपरा मरोड़ा, फूलबेहड़, महेवा, अन्देशनगर, बल्हवापुर, जमुनिया आदि गांवों के लोगों में भय का माहौल है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed