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...तो किसानों का दर्द देख डीएम आए आगे
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां/ लखीमपुर।
Updated Wed, 25 May 2016 11:59 PM IST
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बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
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सुहेली में डिसिल्टिंग को भेजी सिंचाई महकमे की टीम
डीडी दुधवा के साथ की टीम ने किया मौका मुआयना
सुहेली नदी के धारा प्रवाह को मोड़ लेने के बाद खेतों के बालू से पटने, बाढ़ आदि के खतरे के मामले में किसानों का दर्द देख कर डीएम आकाशदीप आगे आए हैं। उन्होंने सिंचाई महकमे की एक टीम और डीडी दुधवा नेशनल पार्क को मौके पर भेजकर हालात देखने और प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। जिस पर टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। इस दौरान तमाम किसान भी मौजूद रहे।
बता दें कि अमर उजाला ने इस खबर को 25 मई के अंक में पहले पन्ने पर ‘अब तो खेतों को खाने लगी सुहेली’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसमें किसानो के दर्द को विस्तार से बताया गया है।
गौरतलब है कि सुहेली नदी ने दुधवा जंगल के बीच से सिल्ट की वजह से धारा प्रवाह करते हुए नकउहा नाले की ओर रुख किया था और इसी में गिर गई थी। जिससे नकऊहा का स्वरूप बिगड़ने लगा तो वहीं सुहेली की सिल्ट खेतों में जमा होने लगी। जिससे हजारों एकड़ जमीन बंजर होने के कगार पर पहुंच रही है। साथ ही दुधवा की लाइफ लाइन सुहेली की इस वजह से जीवों को प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा सुहेली के इस बदले रूप से पलिया इलाके को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। करीब दस किलोमीटर तक सुहेली अपनी मूल धारा को छोड़ गई है और इस दूरी में उसका नामोनिशान मिट गया है। किसान परेशान थे सो उन्होंने इसके कार्य के लिए खुद चंदा एकत्र कर कार्य शुरू कराने की मंशा जाहिर की और करीब सात लाख रुपये एकत्र भी कर लिए थे, लेकिन यह रकम कम थी और इतने में काम पूरा नहीं होता। कोई भी आगे नहीं आ रहा था। करीब पांच साल पहले सुहेली को साफ कराने के लिए कागजों पर ही करोड़ों का बजट का गोलमाल हो चुका है शायद यही वजह थी कि सुहेली का स्वरूप बदल गया। इस संबंध में सोसायटी अध्यक्ष विकास कपूर, जाकिर प्रधान, शिवकुमार मौर्या, सुनील गुप्ता, रिंटू शर्मा, समीर कपूर, कर्मजीत सिंह आदि किसान डीएम से भी मिले और हालात बताए कि सुहेली के इस रूप से अभी से ही बाढ़ आ गई है और खेत बर्बाद हो रहे हैं। डीएम ने किसानों के दर्द को गंभीरता से लेते हुए 25 मई को ही सिंचाई महकमे की एक टीम और दुधवा पार्क उपनिर्देशक को मौके पर भेज कर हालात देखने और एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। इस पर डीडी महावीर कौजलगि, बाढ़ खंड सिंचाई शारदा नगर के सहायक अभियंता श्याम सुंदर शर्मा, जेई राकेश कुमार, जेई राजेश कुमार की एक टीम मौके पर पहुंची और सुहेली का विस्तार से जायजा लिया। टीम अब एस्टीमेट आदि तैयार कर हालात से डीएम को रूबरू कराएगी।
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सुहेली नदी के धारा प्रवाह को मोड़ लेने से किसानों का काफी नुकसान हो सकता है। फिलहाल सिंचाई विभाग की एक टीम और डीडी दुधवा नेशनल पार्क को मौके पर भेज हालात देखने और प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-आकाशदीप, डीएम
डीडी दुधवा के साथ की टीम ने किया मौका मुआयना
सुहेली नदी के धारा प्रवाह को मोड़ लेने के बाद खेतों के बालू से पटने, बाढ़ आदि के खतरे के मामले में किसानों का दर्द देख कर डीएम आकाशदीप आगे आए हैं। उन्होंने सिंचाई महकमे की एक टीम और डीडी दुधवा नेशनल पार्क को मौके पर भेजकर हालात देखने और प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। जिस पर टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। इस दौरान तमाम किसान भी मौजूद रहे।
बता दें कि अमर उजाला ने इस खबर को 25 मई के अंक में पहले पन्ने पर ‘अब तो खेतों को खाने लगी सुहेली’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसमें किसानो के दर्द को विस्तार से बताया गया है।
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गौरतलब है कि सुहेली नदी ने दुधवा जंगल के बीच से सिल्ट की वजह से धारा प्रवाह करते हुए नकउहा नाले की ओर रुख किया था और इसी में गिर गई थी। जिससे नकऊहा का स्वरूप बिगड़ने लगा तो वहीं सुहेली की सिल्ट खेतों में जमा होने लगी। जिससे हजारों एकड़ जमीन बंजर होने के कगार पर पहुंच रही है। साथ ही दुधवा की लाइफ लाइन सुहेली की इस वजह से जीवों को प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा सुहेली के इस बदले रूप से पलिया इलाके को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। करीब दस किलोमीटर तक सुहेली अपनी मूल धारा को छोड़ गई है और इस दूरी में उसका नामोनिशान मिट गया है। किसान परेशान थे सो उन्होंने इसके कार्य के लिए खुद चंदा एकत्र कर कार्य शुरू कराने की मंशा जाहिर की और करीब सात लाख रुपये एकत्र भी कर लिए थे, लेकिन यह रकम कम थी और इतने में काम पूरा नहीं होता। कोई भी आगे नहीं आ रहा था। करीब पांच साल पहले सुहेली को साफ कराने के लिए कागजों पर ही करोड़ों का बजट का गोलमाल हो चुका है शायद यही वजह थी कि सुहेली का स्वरूप बदल गया। इस संबंध में सोसायटी अध्यक्ष विकास कपूर, जाकिर प्रधान, शिवकुमार मौर्या, सुनील गुप्ता, रिंटू शर्मा, समीर कपूर, कर्मजीत सिंह आदि किसान डीएम से भी मिले और हालात बताए कि सुहेली के इस रूप से अभी से ही बाढ़ आ गई है और खेत बर्बाद हो रहे हैं। डीएम ने किसानों के दर्द को गंभीरता से लेते हुए 25 मई को ही सिंचाई महकमे की एक टीम और दुधवा पार्क उपनिर्देशक को मौके पर भेज कर हालात देखने और एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। इस पर डीडी महावीर कौजलगि, बाढ़ खंड सिंचाई शारदा नगर के सहायक अभियंता श्याम सुंदर शर्मा, जेई राकेश कुमार, जेई राजेश कुमार की एक टीम मौके पर पहुंची और सुहेली का विस्तार से जायजा लिया। टीम अब एस्टीमेट आदि तैयार कर हालात से डीएम को रूबरू कराएगी।
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सुहेली नदी के धारा प्रवाह को मोड़ लेने से किसानों का काफी नुकसान हो सकता है। फिलहाल सिंचाई विभाग की एक टीम और डीडी दुधवा नेशनल पार्क को मौके पर भेज हालात देखने और प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-आकाशदीप, डीएम