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माध्यमिक शिक्षकों ने मनाया विरोध दिवस
लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 05 Feb 2016 07:08 PM IST
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प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को विरोध दिवस मनाया। माध्यमिक शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में शिक्षकों की लंबित मांगों का निस्तारण कराने की मांग की गई है।
माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि पिछले वर्ष परिषदीय परीक्षाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार के परिणामस्वरूप हुए समझौते और घोषणाओं का क्रियान्वयन न होने से शिक्षकों में रोष है। मांग की है कि तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए, वित्तविहीन शिक्षकों को समुचित मानदेय दिया जाए, व्यावसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए, चार अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के अंशदान की अविलंब कटौती की जाए, बोर्ड के सभी बकाया पारिश्रमिक देयकों का भुगतान कराया जाए। एलटी के प्रोन्नत वेतनमान में लगे परास्नातक के प्रतिबंध को समाप्त किया जाए, माध्यमिक विद्यालय में शिक्षणेत्तर पदों पर नियुक्ति पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए, अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के जीपीएफ की कटौती की जाए तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। माध्यमिक विद्यालयों में एक जुलाई से शैक्षणिक व्यवस्था बहाल की जाए, 31 मार्च को रिक्त होने वाले प्रधानाचार्यों के रिक्त पद पर संस्था के उच्चतम श्रेणी में कार्यरत ज्येष्ठतम शिक्षकों को ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य का प्रभार दिया जाना सुनश्चित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष लवकुश कुमार शुक्ला, मंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता, उदयचंद, अनिल कुमार अस्थाना और अखिलेश्वर सहित तमाम शिक्षक शामिल थे।
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माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि पिछले वर्ष परिषदीय परीक्षाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार के परिणामस्वरूप हुए समझौते और घोषणाओं का क्रियान्वयन न होने से शिक्षकों में रोष है। मांग की है कि तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए, वित्तविहीन शिक्षकों को समुचित मानदेय दिया जाए, व्यावसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए, चार अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के अंशदान की अविलंब कटौती की जाए, बोर्ड के सभी बकाया पारिश्रमिक देयकों का भुगतान कराया जाए। एलटी के प्रोन्नत वेतनमान में लगे परास्नातक के प्रतिबंध को समाप्त किया जाए, माध्यमिक विद्यालय में शिक्षणेत्तर पदों पर नियुक्ति पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए, अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के जीपीएफ की कटौती की जाए तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। माध्यमिक विद्यालयों में एक जुलाई से शैक्षणिक व्यवस्था बहाल की जाए, 31 मार्च को रिक्त होने वाले प्रधानाचार्यों के रिक्त पद पर संस्था के उच्चतम श्रेणी में कार्यरत ज्येष्ठतम शिक्षकों को ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य का प्रभार दिया जाना सुनश्चित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष लवकुश कुमार शुक्ला, मंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता, उदयचंद, अनिल कुमार अस्थाना और अखिलेश्वर सहित तमाम शिक्षक शामिल थे।
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