{"_id":"685058daea619da2ff0da9b4","slug":"scouts-and-guides-will-be-formed-in-council-schools-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-148301-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: परिषदीय विद्यालयों में बनेंगे स्काउट्स-गाइड्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: परिषदीय विद्यालयों में बनेंगे स्काउट्स-गाइड्स
Mon, 16 Jun 2025 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 16 Jun 2025 11:18 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। विद्यार्थियों में जीवन कौशल व नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से परिषदीय विद्यालयों में कब-बुलबुल और स्काउट्स-गाइड्स दलों का गठन करके प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता की भावना को विकसित करने की कवायद है।
शासनादेश के अनुसार, बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बीईओ को दिशा-निर्देश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के कब-बुलबुल के दल बनाए जाएंगे। प्रत्येक दल में 24-24 बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसमें बालकों का दल, कब व बालिकाओं का दल, बुलबुल होगा। इसके अलावा छठी से आठवीं के बालकों को स्काउट्स व बालिकाओं को गाइड्स के दल में बांटा जाएगा।
विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भारत स्काउट एंड गाइड (उत्तर प्रदेश) की ओर से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें घायलों को प्राथमिक उपचार देने, आनन-फानन में स्ट्रेचर बनाकर गंभीर रूप से घायल लोगों को निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाने आदि सिखाया जाएगा। फिलहाल, विभाग की ओर से जल्द ही इन दलों का गठित कराने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासनादेश के अनुसार, बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बीईओ को दिशा-निर्देश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के कब-बुलबुल के दल बनाए जाएंगे। प्रत्येक दल में 24-24 बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसमें बालकों का दल, कब व बालिकाओं का दल, बुलबुल होगा। इसके अलावा छठी से आठवीं के बालकों को स्काउट्स व बालिकाओं को गाइड्स के दल में बांटा जाएगा।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भारत स्काउट एंड गाइड (उत्तर प्रदेश) की ओर से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें घायलों को प्राथमिक उपचार देने, आनन-फानन में स्ट्रेचर बनाकर गंभीर रूप से घायल लोगों को निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाने आदि सिखाया जाएगा। फिलहाल, विभाग की ओर से जल्द ही इन दलों का गठित कराने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन