{"_id":"5d321c5d8ebc3e6cc22694e0","slug":"scam-lakhimpur-news-bly369185660","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाहाबाद की लघु शाखा पहुंचे एलडीएम खातों की हुई पड़ताल, पीड़ितों के बयान दर्ज किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाहाबाद की लघु शाखा पहुंचे एलडीएम खातों की हुई पड़ताल, पीड़ितों के बयान दर्ज किए
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धौरहरा। कफारा गांव स्थित इलाहाबाद बैंक की लघु शाखा के बैंक मित्र द्वारा कई खाताधारकों के खातों से लाखों रुपये गबन किए जाने के मामले में एलडीएम (लीड बैंक मैनेजर) जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव शुक्रवार को जांच करने गांव पहुंचे। खाताधारकों से पूछताछ करने के बाद खातों की जांच पड़ताल की। अब तक एलडीएम के सामने आए खातों के हिसाब से करीब 10 लाख से अधिक का घोटाला सामने आ चुका है। ज्यादातर गबन जमा की गई धनराशि का हुआ है। अभी यह रकम और ज्यादा हो सकती है।
कफारा गांव में इलाहाबाद बैंक की अति लघु शाखा स्थापित करने के बाद कोतवाली क्षेत्र का रोहित उर्फ रोमी उसमें बतौर बैंक मित्र काम करता था। खाताधारक बताते हैं रोमी अपने को बैंक मित्र न बताकर मैनेजर बताया करता था। उसके झांसे में आकर लोग इसकी लघु शाखा में खाता खुलवाते गए। इस तरह गांव कफारा, होलागढ़, टेकीकुंडा, तेजनपुरवा आदि गांवों के करीब दो हजार खाते इस अति लघु शाखा से संचालित होने लगे। रोमी करीब दो सालों से खातों में हेराफेरी कर रहा था।
इसका खुलासा तब हुआ जब खाताधारक उर्मिला देवी ने खाते की जानकारी दी कि उसके खाते में दो लाख रुपये थे। एक लाख रुपये उसने पहले निकाले थे। एक लाख रुपये उसके खाते में थे। कुछ दिन पहले जब वह रकम निकालने पहुंची तो पता चला कि 12 जुलाई 2018 को दस-दस हजार करके दस बार में उसके रुपये निकाल लिए गए हैं। चर्चा हुई तो पता चला कि कई खाताधारकों के खाते से धन बैंक मित्र निकाल चुका है। शिकायत पर शुक्रवार को लघु शाखा पहुंचे एलडीएम जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव और जोनल आफिस से आए अभिषेक चंद्रा, शाखा प्रबंधक रमियाबेहड़ मोहम्मद शोएब ने करीब दस खाताधारकों के बयान दर्ज किए और उनकी पासबुक की कापी के साथ शिकायती प्रार्थना पत्र भी लिया है।
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एलडीएम जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी अति लघु केंद्र सीधे बैंक नहीं बनाती है। इसके लिए कार्यदायी संस्था विजन इंडिया साफ्टवेयर कंपनी नामित है। बैंक इस कंपनी के माध्यम से अति लघु शाखा केंद्र खोलती है। जिसकी निगरानी कंपनी करती है, साथ ही बैंक शाखा प्रबंधक भी उसकी देखरेख करते हैं। सवाल यह है कि इतनी मानीटरिंग के बाद भी यह सब कैसा हो गया।
पहले भी हो चुका है ऐसा ही मामला
इलाहाबाद बैंक की शाखा ढखेरवा चौराहा क्षेत्र के गांव सरपतहा ब्लॉक रमियाबेहड़ में करीब पांच वर्ष पूर्व बैंक मित्र शकील अहमद ने खाताधारकों के खातों से लाखों की रकम निकाल ली थी। इस मामले में शकील अहमद पर निघासन थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी और पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था। अब तक उन खाताधारकों को उनकी रकम उन्हें वापस नहीं मिल पाई है।
अब तक सामने आई शिकायतों की जांच के हिसाब से करीब दस लाख की हेराफेरी का मामला सामने आया है। अभी जांच चल रही है। यह रकम और भी बढ़ सकती है। ज्यादातर मामले पैसा जमा करने में हुए गबन के हैं। कार्यदायी संस्था विजन इंडिया साफ्टवेयर कंपनी के
सुपरवाइजर को दोषी बैंक मित्र रोहित उर्फ रोमी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर, इलाहाबाद बैंक
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कफारा गांव में इलाहाबाद बैंक की अति लघु शाखा स्थापित करने के बाद कोतवाली क्षेत्र का रोहित उर्फ रोमी उसमें बतौर बैंक मित्र काम करता था। खाताधारक बताते हैं रोमी अपने को बैंक मित्र न बताकर मैनेजर बताया करता था। उसके झांसे में आकर लोग इसकी लघु शाखा में खाता खुलवाते गए। इस तरह गांव कफारा, होलागढ़, टेकीकुंडा, तेजनपुरवा आदि गांवों के करीब दो हजार खाते इस अति लघु शाखा से संचालित होने लगे। रोमी करीब दो सालों से खातों में हेराफेरी कर रहा था।
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इसका खुलासा तब हुआ जब खाताधारक उर्मिला देवी ने खाते की जानकारी दी कि उसके खाते में दो लाख रुपये थे। एक लाख रुपये उसने पहले निकाले थे। एक लाख रुपये उसके खाते में थे। कुछ दिन पहले जब वह रकम निकालने पहुंची तो पता चला कि 12 जुलाई 2018 को दस-दस हजार करके दस बार में उसके रुपये निकाल लिए गए हैं। चर्चा हुई तो पता चला कि कई खाताधारकों के खाते से धन बैंक मित्र निकाल चुका है। शिकायत पर शुक्रवार को लघु शाखा पहुंचे एलडीएम जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव और जोनल आफिस से आए अभिषेक चंद्रा, शाखा प्रबंधक रमियाबेहड़ मोहम्मद शोएब ने करीब दस खाताधारकों के बयान दर्ज किए और उनकी पासबुक की कापी के साथ शिकायती प्रार्थना पत्र भी लिया है।
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एलडीएम जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी अति लघु केंद्र सीधे बैंक नहीं बनाती है। इसके लिए कार्यदायी संस्था विजन इंडिया साफ्टवेयर कंपनी नामित है। बैंक इस कंपनी के माध्यम से अति लघु शाखा केंद्र खोलती है। जिसकी निगरानी कंपनी करती है, साथ ही बैंक शाखा प्रबंधक भी उसकी देखरेख करते हैं। सवाल यह है कि इतनी मानीटरिंग के बाद भी यह सब कैसा हो गया।
पहले भी हो चुका है ऐसा ही मामला
इलाहाबाद बैंक की शाखा ढखेरवा चौराहा क्षेत्र के गांव सरपतहा ब्लॉक रमियाबेहड़ में करीब पांच वर्ष पूर्व बैंक मित्र शकील अहमद ने खाताधारकों के खातों से लाखों की रकम निकाल ली थी। इस मामले में शकील अहमद पर निघासन थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी और पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था। अब तक उन खाताधारकों को उनकी रकम उन्हें वापस नहीं मिल पाई है।
अब तक सामने आई शिकायतों की जांच के हिसाब से करीब दस लाख की हेराफेरी का मामला सामने आया है। अभी जांच चल रही है। यह रकम और भी बढ़ सकती है। ज्यादातर मामले पैसा जमा करने में हुए गबन के हैं। कार्यदायी संस्था विजन इंडिया साफ्टवेयर कंपनी के
सुपरवाइजर को दोषी बैंक मित्र रोहित उर्फ रोमी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र नाथ श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर, इलाहाबाद बैंक