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दो प्रभारी निरीक्षकों को अभयदान, एक को हटाया
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समीक्षा में फेल साबित होने के बाद सीएम ने दिए थे तीनों थानों की जवाबदेही तय करने के निर्देश
जिले में जमे हैं समयावधि पूरी करने वाले कई इंस्पेक्टर और दरोगा
लखीमपुर खीरी। एसपी ने मुख्यमंत्री की समीक्षा में फेल साबित हुए ईसानगर प्रभारी निरीक्षक को बुधवार को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि निघासन और धौरहरा को क्लीन चिट दे दी गई। इतना ही नहीं जिले में समयावधि पूरी करने वाले कई इंस्पेक्टर और दरोगा ऐसे हैं, जिनका मंडल और जिले के बाहर तबादला हो चुका है, लेकिन उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 फरवरी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की समीक्षा की थी, जिसमें लखीमपुर जिले की कोतवाली निघासन, धौरहरा और ईसानगर की सर्वाधिक शिकायतें होने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और एसपी विजय ढुल का स्पष्टीकरण तलब कर तीनों थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए थे। स्पष्टीकरण तलब होने के बाद एसपी ने किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच एएसपी अरुण कुमार सिंह को सौंपी थी।
एएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने ईसानगर, गौरीफंटा, मैलानी और चंदनचौकी प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने ईसानगर को कार्यशैली में सुधार न होने और मैलानी व चंदनचौकी प्रभारी निरीक्षक को पूर्व में स्थानांतरण होने के कारण हटाने की बात कही है।
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सूत्र बताते हैं कि लखनऊ मंडल में 12 साल की अवधि पूरी करने वाले इन प्रभारी निरीक्षकों के साथ ही प्रभारी निरीक्षक तिकुनियां, यूपी 112 के प्रभारी इंस्पेक्टर मुसाफिर प्रसाद, गौरीशंकर समेत तीन इंस्पेक्टर शामिल हैं, जिनकी जिले में 12 साल की अवधि पूरी हो चुकी है पर इन प्रभारी निरीक्षकों को नहीं हटाया गया है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जिले या मंडल से बाहर स्थानांतरण होने पर संबंधित अधिकारी को लाइन में भेजा जाता है। उसके बाद उसकी कार्यमुक्त होने की तारीख तय की जाती है। उस तारीख पर उसे कार्यमुक्त कर दिया जाता है।
जिले में समयावधि पूरी फिर भी कार्यमुक्त नहीं
हाल में विवादों में घिरे संपूर्णानगर के कार्यवाहक एसओ सुनील कुमार सिंह, एसआई अमरनाथ राय, कृपेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज शारदानगर महेश गंगवार, चौकी प्रभारी पसरपुर पारसनाथ यादव, एसआई अनिल सिंह, एसआई अरविंद शुक्ला सहित करीब 12 दरोगाओं की जिले में समयावधि पूरी होने पर जिले से बाहर तबादला हो चुका है, लेकिन दो पखवाड़े से अधिक का समय होने के बाद भी एसपी ने स्थानांतरित दरोगाओं को कार्यमुक्त नहीं किया है।
आईजी के संभावित दौरे को लेकर तो नहीं हुई कार्रवाई
शुक्रवार को लखनऊ परिक्षेत्र की आईजी लक्ष्मी सिंह का जिले में संभावित दौरा है। वह एसपी दफ्तर और थानों का भी निरीक्षण कर सकती हैं। माना जा रहा है इसी के चलते एसपी ने थाना ईसानगर प्रभारी निरीक्षक के साथ मैलानी, चंदनचौकी और गौरीफंटा को लाइनहाजिर किया है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद दस दिन तक निघासन, ईसानगर और धौरहरा की समीक्षा की गई। इसमें ईसानगर प्रभारी निरीक्षक फेल साबित हुए हैं। निघासन और धौरहरा के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। पूर्व में स्थानांतरित मैलानी और चंदनचौकी प्रभारी निरीक्षक को भी हटाया गया है। बाहरी जिलों से जैसे इंस्पेक्टर और एसआई आ रहे हैं। उन्हें नियुक्ति कर जिले में स्थानांतरण पर चल रहे पुलिसकर्मियों को कार्यमुक्त किया जा रहा है।
- विजय ढुल, एसपी
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जिले में जमे हैं समयावधि पूरी करने वाले कई इंस्पेक्टर और दरोगा
लखीमपुर खीरी। एसपी ने मुख्यमंत्री की समीक्षा में फेल साबित हुए ईसानगर प्रभारी निरीक्षक को बुधवार को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि निघासन और धौरहरा को क्लीन चिट दे दी गई। इतना ही नहीं जिले में समयावधि पूरी करने वाले कई इंस्पेक्टर और दरोगा ऐसे हैं, जिनका मंडल और जिले के बाहर तबादला हो चुका है, लेकिन उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 फरवरी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की समीक्षा की थी, जिसमें लखीमपुर जिले की कोतवाली निघासन, धौरहरा और ईसानगर की सर्वाधिक शिकायतें होने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और एसपी विजय ढुल का स्पष्टीकरण तलब कर तीनों थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए थे। स्पष्टीकरण तलब होने के बाद एसपी ने किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच एएसपी अरुण कुमार सिंह को सौंपी थी।
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एएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने ईसानगर, गौरीफंटा, मैलानी और चंदनचौकी प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने ईसानगर को कार्यशैली में सुधार न होने और मैलानी व चंदनचौकी प्रभारी निरीक्षक को पूर्व में स्थानांतरण होने के कारण हटाने की बात कही है।
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सूत्र बताते हैं कि लखनऊ मंडल में 12 साल की अवधि पूरी करने वाले इन प्रभारी निरीक्षकों के साथ ही प्रभारी निरीक्षक तिकुनियां, यूपी 112 के प्रभारी इंस्पेक्टर मुसाफिर प्रसाद, गौरीशंकर समेत तीन इंस्पेक्टर शामिल हैं, जिनकी जिले में 12 साल की अवधि पूरी हो चुकी है पर इन प्रभारी निरीक्षकों को नहीं हटाया गया है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जिले या मंडल से बाहर स्थानांतरण होने पर संबंधित अधिकारी को लाइन में भेजा जाता है। उसके बाद उसकी कार्यमुक्त होने की तारीख तय की जाती है। उस तारीख पर उसे कार्यमुक्त कर दिया जाता है।
जिले में समयावधि पूरी फिर भी कार्यमुक्त नहीं
हाल में विवादों में घिरे संपूर्णानगर के कार्यवाहक एसओ सुनील कुमार सिंह, एसआई अमरनाथ राय, कृपेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज शारदानगर महेश गंगवार, चौकी प्रभारी पसरपुर पारसनाथ यादव, एसआई अनिल सिंह, एसआई अरविंद शुक्ला सहित करीब 12 दरोगाओं की जिले में समयावधि पूरी होने पर जिले से बाहर तबादला हो चुका है, लेकिन दो पखवाड़े से अधिक का समय होने के बाद भी एसपी ने स्थानांतरित दरोगाओं को कार्यमुक्त नहीं किया है।
आईजी के संभावित दौरे को लेकर तो नहीं हुई कार्रवाई
शुक्रवार को लखनऊ परिक्षेत्र की आईजी लक्ष्मी सिंह का जिले में संभावित दौरा है। वह एसपी दफ्तर और थानों का भी निरीक्षण कर सकती हैं। माना जा रहा है इसी के चलते एसपी ने थाना ईसानगर प्रभारी निरीक्षक के साथ मैलानी, चंदनचौकी और गौरीफंटा को लाइनहाजिर किया है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद दस दिन तक निघासन, ईसानगर और धौरहरा की समीक्षा की गई। इसमें ईसानगर प्रभारी निरीक्षक फेल साबित हुए हैं। निघासन और धौरहरा के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। पूर्व में स्थानांतरित मैलानी और चंदनचौकी प्रभारी निरीक्षक को भी हटाया गया है। बाहरी जिलों से जैसे इंस्पेक्टर और एसआई आ रहे हैं। उन्हें नियुक्ति कर जिले में स्थानांतरण पर चल रहे पुलिसकर्मियों को कार्यमुक्त किया जा रहा है।
- विजय ढुल, एसपी