फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Ruckus over the death of farmers: Many leaders will reach Lakhimpur Kheri today Bhakiyu will demonstrate across the country

किसानों की मौत पर बवाल: प्रियंका और टिकैत पहुंचे लखीमपुर, पीड़ितों से मिलने से रोका, भाकियू का देशभर में प्रदर्शन

Mon, 04 Oct 2021 06:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेचवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेचवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 04 Oct 2021 06:29 AM IST
सार

सियासी उबाल के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लखीमपुर पहुंच गई हैं लेकिन उन्हे पीड़ितों ने नहीं मिलने दिया गया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत भी खीरी पहुंच गए हैं। 

विज्ञापन
Ruckus over the death of farmers: Many leaders will reach Lakhimpur Kheri today Bhakiyu will demonstrate across the country
खीरी में बवाल... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को हिंसक टकराव में आठ लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। सियासी उबाल के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लखीमपुर पहुंच गई हैं लेकिन उन्हे पीड़ितों ने नहीं मिलने दिया गया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत भी खीरी पहुंच गए हैं। 

विज्ञापन


लखीमपुर के बनबीरपुर गांव में राकेश टिकैत ने संवाददाताओं से कहा कि हम पहले किसानों और ग्रामीणों से मिलेंगे और उनके साथ स्थिति पर चर्चा करेंगे। ग्रामीणों और किसानों से चर्चा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनका फैसला मान्य होगा। 
विज्ञापन


इस बीच यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने दावा किया है कि प्रियंका गांधी को हरगांव से गिरफ्तार किया गया। प्रियंका के अलावा कई और नेता भी आज लखीमपुर खीरी पहुंचने वाले हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन



आज भाकियू का देशव्यापी प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर चर्चा के लिए रविवार को मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में तत्काल एक पंचायत बुलाई और सोमवार को देश भर के हर जिले में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की अध्यक्षता में सिसौली गांव में हुई पंचायत में लिया गया। मलिक ने कहा यह तय किया गया है कि किसानों के समूह हर जिले में जिला प्रशासन के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

पंचायत के दौरान, भाकियू ने संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा लिए गए निर्णय पर टिके रहने का भी संकल्प लिया, जो नवंबर 2020 से केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध का नेतृत्व कर रहा है। 

आज पहुंचेंगे कई नेता
लखीमपुर में हुई घटना के विरोध में आज कई नेता खीरी पहुंचेंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लखीमपुर जाने का फैसला किया है। उन्होंने ट्विटर पर बताया कि उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ जो वहशी व्यवहार हुआ वह अक्षम्य है। मैं किसान हूं। किसान का दर्द समझता हूं। इन कठिन परिस्थितियों में उनके साथ खड़े होने के लिए लखीमपुर जाउंगा। राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया जयंत चौधरी भी सोमवार को लखीमपुर खीरी पहुंच रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि किसान का खून बहाया गया है। सोमवार घटनास्थल पर पहुंचूंगा।

पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा सोमवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जाएंगे और वहां की स्थिति का मौके पर जायजा लेंगे। रंधावा ने कहा कि वह पीड़ितों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं और वहां की स्थिति के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानकारी लेना चाहते हैं। डिप्टी सीएम के साथ अधिकारियों की एक टीम भी होगी। रंधावा ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का वादा करते हुए किसानों से हर कीमत पर शांति बनाए रखने की अपील की है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सुबह कुछ नेताओ के साथ खीरी के लिए निकलेंगे। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओ को सुबह पार्टी कार्यालय बुलाया है। सपा अध्यक्ष का संदेश लेकर मौके पर पहुंचे एमएलसी शशांक यादव ने बताया कि संदेश में किसानों के साथ रहने, हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि वे (अखिलेश ) जल्द पहुंचेंगे किसानों के बीच।

राकेश टिकैत बोले- सरकार ने दिखाया अमानवीय चेहार
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहा कि लखीमपुर की घटना में सरकार ने अपना अमानवीय चेहरा दर्शा दिया है। जब सरकार किसान आंदोलन को नहीं कुचल पाई तो अब सरकार ने किसानों को ही गाड़ी के नीचे कुचलना शुरू कर दिया। सरकार ने यह सब करके अपने ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है।  

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में हल्की धाराएं लगती हैं, इसलिए किसानों को जानबूझकर कार से रौंदा गया। उन्होंने कहा कि मंत्री-नेताओं की गाड़ी में गुंडे घूमते हैं। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। किसानों को जानबूझ कर रौंदा गया है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की जाए।

योगी बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह भी किया।

आठ मौतों का जिम्मेदार कौन

केंद्रीय मंत्री अजय टेनी व उसका बेटा 8 हत्याओं का दोषी है। साजिश में शामिल मंत्री को बर्खास्त कर बेटे सहित गिरफ्तार किया जाए। हमारे धैर्य की परीक्षा न ले सरकार।
- राकेश टिकैत, किसान नेता

आंदोलन में शामिल अराजक तत्वों से हिंसक झड़प में चालक व तीन कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। मेरा बेटा गाड़ी में नहीं था। कार्यकर्ता उपमुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जा रहे थे। -अजय मिश्र, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री

विपक्ष ने कहा, सरकार जिम्मेदार
पूर्व सीएम अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा, आप के संजय सिंह ने घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यूपी दंभी सरकार नहीं सहेगा।

मौर्य न जा पाएं... इसलिए पहले हेलीपैड कब्जाया, फिर सड़क पर जमा हुए किसान
उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य रविवार को मिश्र के गांव बनवीरपुर में विकास योजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे थे। उनका हेलिकॉप्टर न उतरे इसलिए किसानों ने हेलीपैड कब्जा लिया। इस कारण मौर्य सड़क मार्ग से खीरी पहुंचे। दोपहर 12 बजे शिलान्यास हुआ। इसके बाद मौर्य को दंगल का उद्घाटन करना था। रास्ते में तिकुनिया में किसान बड़ी संख्या जमा थे, तो मौर्य का रूट बदल दिया गया। यहीं पर मंत्री के बेटे और किसानों में विवाद शुरू हुआ।

यूं भड़की हिंसा
मौर्य के कार्यक्रम में शामिल होने आशीष मिश्र भी काफिले के साथ तिकुनिया मार्ग से जा रहे थे। विद्युत उपकेंद्र के पास जमा किसानों और आशीष के बीच झड़प हो गई। किसान नेताओं का आरोप है कि आशीष ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी। इससे गुरुविंदर सिंह (22), दलजीत सिंह (24), लवप्रीत सिंह (25) और नक्षत्र सिंह की मौत हो गई। इसके बाद किसानों ने काफिले पर धावा बोल दिया और गाड़ियों में आग लगा दी।

विवाद की जड़...मंत्री ने कहा था, सुधर जाओ वरना सुधार देंगे
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र को 25 सितंबर को लखीमपुर जाते समय किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। मिश्र इससे खफा हो गए। उन्होंने जनसभा में कहा कि अगर हम कार से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। कृषि कानून के खिलाफ केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं। सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे, दो मिनट लगेंगे। किसान एक सप्ताह से इस टिप्पणी का विरोध कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed