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आरटीई : अब नजदीक के 10 विद्यालयों के चयन का मिलेगा विकल्प

Fri, 16 Jan 2026 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Fri, 16 Jan 2026 11:03 PM IST
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RTE: Now you will get the option to select 10 nearby schools
लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए कुछ दिन में आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। अभी तक आवेदक एक वार्ड के ही स्कूलों का चयन करते थे। इस बार अभिभावकों को अपने वार्ड के नजदीकी दस स्कूलों के चयन का विकल्प दिया जाएगा।
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आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला दिलाया जाता है। इसमें पढ़ाई से लेकर किताबों का खर्च भी सरकार उठाती है। अभिभावकों को कोर्स, ड्रेस, बैग के अलावा स्टेशनरी खरीदने के लिए हर साल आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं स्कूल संचालकों को भी निश्चित शुल्क देती है।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि योजना में पात्र पाए जाने के बाद भी यदि कोई स्कूल संचालक विद्यार्थी का प्रवेश नहीं लेता है तो इसके लिए निजी विद्यालयों को कारण बताना होगा। सही कारण नहीं बता पाने पर विद्यालय संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। यदि कोई विद्यालय आवंटित छात्र को प्रवेश नहीं देता है तो उसे अपने लॉग इन आईडी से स्पष्ट कारण आरटीई पोर्टल पर दर्ज करना होगा। योजना को लेकर इस बार कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस योजना का लाभ मिल सके। इस बार एलकेजी के लिए चार साल, यूकेजी पांच साल व कक्षा एक के लिए छह साल की आयु तय की गई है। अभिभावक अपने वार्ड और गांव के आस-पास के 10 विद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे।
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848 स्कूलों में पांच हजार से अधिक सीटों पर होंगे दाखिले
-जिले के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत पोर्टल पर 848 स्कूल पंजीकृत हैं। इनमें पांच हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश लिए जाते हैं। पिछले कुछ साल चार चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई थी, जबकि करीब 1100 बच्चों को इस योजना का लाभ दिया गया था। इस बार अभी स्थित स्पष्ट नहीं है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चरण भले ही कम न हो लेकिन इस समय निर्धारित समय में कटौती जरूर की जाएगी।

शुल्क प्रतिपूर्ति के स्कूलों को मिलते हैं अधिकतम 5400 रुपये

बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि स्कूल संचालक इस योजना के तहत बच्चों का प्रवेश लेने में किसी तरह की कोई परेशानी न खड़ी करें, इसके लिए हर महीने शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 450 रुपये दिए जाते हैं। यानी प्रतिवर्ष 5400 रुपये स्कूल संचालकों को मिलते हैं। उक्त धनराशि के अलावा विद्यालय संचालक अभिभावकों से किसी तरह का कोई शुल्क वसूल नहीं कर सकते हैं।
इन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत

जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, अभिभावक व बच्चे का आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, मौजूदा समय की फोटो, निवास प्रमाणपत्र।
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