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Lakhimpur Kheri News: गड्ढों के हवाले सड़कें, हर सफर पर खतरे का पहरा
Tue, 28 Apr 2026 12:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:40 AM IST
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रमुआपुर से टहारा में ढखेरवा लखीमपुर हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग। संवाद
रमियाबेहड़। क्षेत्र में सड़कें गड्ढों के हवाले हो चुकी हैं। हर सफर खतरे के साये में तय हो रहा है। बाइपास और लिंक रोड की बदहाली ने हालात ऐसे कर दिए हैं कि लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। इसका खामियाजा जान देकर भी चुकाना पड़ रहा है। बीते शुक्रवार को गड्ढे में बाइक उछलने से एक महिला की मौत हो चुकी है।
प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावों के बीच रमियाबेहड़ से टहारा को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली बाइपास सड़क जर्जर है। कफारा के लमइया पुल से पढ़ुआ चौराहे को जोड़ने वाले मार्ग का खड़ंजा लंबे समय से खराब है, जबकि बगहा गांव को जोड़ने वाली डामर सड़क भी बदहाल पड़ी है।
रमियाबेहड़ ब्लॉक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राष्ट्रीय बैंक, बीआरसी, पशु चिकित्सालय और निजी स्कूल जैसे प्रमुख संस्थान हैं। यहां आने-जाने वाले लोग ढखेरवा चौराहे की भीड़ से बचने के लिए लबेदपुर होते हुए इस बाइपास मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे लखीमपुर मुख्यालय की दूरी करीब 8 किलोमीटर कम हो जाती है।
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इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवागमन करते हैं। रमियाबेहड़ से उदयपुर तक सड़क कुछ हद तक ठीक है, लेकिन आगे रमुआपुर पुलिया तक मार्ग जर्जर है, जहां रोड़ा-पत्थर डालकर अस्थायी सुधार किया जा रहा है। पुलिया से टहारा नेशनल हाईवे तक खड़ंजा टूटा पड़ा है। पुलिया में लगा ह्यूम पाइप भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इस लिंक रोड से लहबड़ी, जोधापुरवा, हौकना मटेरा, परौरी, गुलरिया अग्घरा, रामनगर बगहा, नैनापुर, अभयपुर, रमियाबेहड़, सुजानपुर और रमुआपुर समेत सैकड़ों गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी प्रभावित है। लोग कोर्ट-कचहरी, इलाज और अन्य कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
पढ़ुआ थाना, कैलाशपुरी बैराज और कर्तनियां वन्यजीव अभयारण्य को जोड़ने वाला लमइया पुल से पढ़ुआ चौराहा मार्ग भी बदहाल है। मोटेबाबा गांव से बद्रीपुरवा पुलिया तक खड़ंजा वर्षों से टूटा है। यह मार्ग ढखेरवा की तुलना में करीब 15 किलोमीटर दूरी कम करता है, फिर भी इसकी स्थिति बेहद खराब है।
इसी बदहाल सड़क का खामियाजा बीते शुक्रवार दुलही निवासी मजनू की 45 वर्षीय पत्नी कुसुम को जान देकर चुकाना पड़ा। वह मेहमानी से लौट रही थीं, तभी लखहा पुलिया के पास गड्ढे में बाइक उछलने से गिरकर उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने रमुआपुर पुलिया से टहारा तक खड़ंजा मार्ग को डामर सड़क में बदलने की मांग की है।
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रमुआपुर पुलिया से टहारा तक डामर रोड बन जाए तो सहूलियत होगी। लोग इसे लिंक रोड के रूप में उपयोग करते हैं।
-जीएस सिंह, निवासी रमियाबेहड़
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प्रतिदिन इसी मार्ग से विद्यालय जाना पड़ता है। क्षेत्र की सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। इससे काफी ज्यादा परेशानी होती है।
-सुशील वर्मा, सहायक अध्यापक, रामनगर बगहा
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मेरे संज्ञान में कुछ सड़कें आई थीं, जिनका बजट मंगवाकर काम शुरू कराया गया है। उदयपुर से रमुआपुर तक सड़क पर कार्य चल रहा है। शेष सड़कों का डाटा एकत्र कर जल्द मरम्मत और निर्माण का प्रयास किया जाएगा।
-उत्कर्ष वर्मा, सांसद खीरी
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प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावों के बीच रमियाबेहड़ से टहारा को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली बाइपास सड़क जर्जर है। कफारा के लमइया पुल से पढ़ुआ चौराहे को जोड़ने वाले मार्ग का खड़ंजा लंबे समय से खराब है, जबकि बगहा गांव को जोड़ने वाली डामर सड़क भी बदहाल पड़ी है।
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रमियाबेहड़ ब्लॉक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राष्ट्रीय बैंक, बीआरसी, पशु चिकित्सालय और निजी स्कूल जैसे प्रमुख संस्थान हैं। यहां आने-जाने वाले लोग ढखेरवा चौराहे की भीड़ से बचने के लिए लबेदपुर होते हुए इस बाइपास मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे लखीमपुर मुख्यालय की दूरी करीब 8 किलोमीटर कम हो जाती है।
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इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवागमन करते हैं। रमियाबेहड़ से उदयपुर तक सड़क कुछ हद तक ठीक है, लेकिन आगे रमुआपुर पुलिया तक मार्ग जर्जर है, जहां रोड़ा-पत्थर डालकर अस्थायी सुधार किया जा रहा है। पुलिया से टहारा नेशनल हाईवे तक खड़ंजा टूटा पड़ा है। पुलिया में लगा ह्यूम पाइप भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इस लिंक रोड से लहबड़ी, जोधापुरवा, हौकना मटेरा, परौरी, गुलरिया अग्घरा, रामनगर बगहा, नैनापुर, अभयपुर, रमियाबेहड़, सुजानपुर और रमुआपुर समेत सैकड़ों गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी प्रभावित है। लोग कोर्ट-कचहरी, इलाज और अन्य कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
पढ़ुआ थाना, कैलाशपुरी बैराज और कर्तनियां वन्यजीव अभयारण्य को जोड़ने वाला लमइया पुल से पढ़ुआ चौराहा मार्ग भी बदहाल है। मोटेबाबा गांव से बद्रीपुरवा पुलिया तक खड़ंजा वर्षों से टूटा है। यह मार्ग ढखेरवा की तुलना में करीब 15 किलोमीटर दूरी कम करता है, फिर भी इसकी स्थिति बेहद खराब है।
इसी बदहाल सड़क का खामियाजा बीते शुक्रवार दुलही निवासी मजनू की 45 वर्षीय पत्नी कुसुम को जान देकर चुकाना पड़ा। वह मेहमानी से लौट रही थीं, तभी लखहा पुलिया के पास गड्ढे में बाइक उछलने से गिरकर उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने रमुआपुर पुलिया से टहारा तक खड़ंजा मार्ग को डामर सड़क में बदलने की मांग की है।
रमुआपुर पुलिया से टहारा तक डामर रोड बन जाए तो सहूलियत होगी। लोग इसे लिंक रोड के रूप में उपयोग करते हैं।
-जीएस सिंह, निवासी रमियाबेहड़
प्रतिदिन इसी मार्ग से विद्यालय जाना पड़ता है। क्षेत्र की सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। इससे काफी ज्यादा परेशानी होती है।
-सुशील वर्मा, सहायक अध्यापक, रामनगर बगहा
मेरे संज्ञान में कुछ सड़कें आई थीं, जिनका बजट मंगवाकर काम शुरू कराया गया है। उदयपुर से रमुआपुर तक सड़क पर कार्य चल रहा है। शेष सड़कों का डाटा एकत्र कर जल्द मरम्मत और निर्माण का प्रयास किया जाएगा।
-उत्कर्ष वर्मा, सांसद खीरी

रमुआपुर से टहारा में ढखेरवा लखीमपुर हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग। संवाद

रमुआपुर से टहारा में ढखेरवा लखीमपुर हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग। संवाद

रमुआपुर से टहारा में ढखेरवा लखीमपुर हाईवे से जोड़ने वाला मार्ग। संवाद