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तिकुनिया कांड में रिंकू राणा, उल्लास और धर्मेंद्र की जमानत अर्जी खारिज
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प्रतीकात्मक ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अदालत में तीनों हत्यारोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाये जाने की दी दलीलें
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को एक बार फिर जमानत सुनवाई को लेकर लंबी बहस हुई। अदालत में तीनों हत्यारोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाये जाने की दलील दी। जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत सुनवाई करने के बाद रिंकू राणा, उल्लास त्रिवेदी और धर्मेंद्र बंजारा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
बचाव पक्ष की ओर से तीनों आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशीष मिश्र ने अदालत में जमानत दिए जाने की जोरदार दलीलें दीं। पेश की गई जमानत अर्जी पर सबसे ज्यादा जोर उनके नामजद न होने पर दिया। बताया कि उनको न तो नामित किया गया है न ही उनका किसानों के प्रदर्शन से कोई लेना-देना ही था उनका कोई भी आशय नहीं है। घटनास्थल पर मौजूदगी का पर्याप्त सबूत भी नहीं हैं और कोई आई विटनेस नहीं है। न ही उनकी क्रिमनल हिस्ट्री है। केवल दूषित मानसिकता के चलते उन्हें इस मामले में संलिप्त किया जा रहा है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने जमानत याचिका का डटकर विरोध किया। बताया कि चार किसानों की किस निर्ममता से हत्या की गई है वह उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साबित है। सभी को छह से आठ चोटें आई हैं। वादी की ओर से व्यक्तिगत अधिवक्ता के रूप में पेश हुए मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि आई विटनेस है। जीपीएस मोबाइल लोकेशन से भी अभियुक्तों की घटनास्थल पर मौजूदगी साबित है। इससे पूर्व ही मुख्य आरोपी सहित तीन हत्यारोपियों की जमानत इस न्यायालय से खारिज की जा चुकी है। इसलिए समानता के आधार पर इन तीनों की जमानत अर्जी भी निरस्त होने योग्य है। जिला जज ने लंबी सुनवाई के बाद अपने सात पेज के विस्तृत आदेश में तीनों हत्यारोपियों की जमानत अर्जी निरस्त करने का आदेश दिया है।
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पत्रकार रमन की हत्या के मामले में दी गई अर्जी पर बहस आज
लखीमपुर खीरी। पत्रकार रमन कश्यप की हत्या के मामले में उसके भाई पवन कश्यप की ओर से दी गई रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी सुनवाई के लिए बुधवार को सीजेएम अदालत में लगी है। अदालत में दी गई रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को भी नामजद किया गया है। इनके अतिरिक्त जेल में बंद सभी 13 आरोपियों को भी नामजद किया गया है।
तिकुनिया में किसानों के विरोध प्रदर्शन की कवरेज करते हुए पत्रकार रमन कश्यप की हत्या कर दी गई थी। तिकुनिया पुलिस ने इस मामले में पत्रकार की हत्या की रिपोर्ट नहीं लिखी थी। एसपी से मुलाकात के बाद भी अलग से एफआईआर नहीं दर्ज हो सकी थी। तब पत्रकार के भाई पवन कश्यप की ओर से सीजेएम चिंताराम की अदालत में अर्जी देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई है। पिछली पेशी पर एसआईटी की ओर से मामले पर अपनी आख्या दे दी थी, जिसे सुनवाई के लिए एक दिसंबर को लगाया गया है।
आवेदक की ओर से पेश होने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि उनका मामला स्पष्ट रूप से हत्या से जुड़ा हुआ है। हालांकि उनकी तबीयत खराब चल रही है फिर भी बुधवार को मामले की बहस की जाएगी और अदालत से रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तिकुनिया पुलिस को आदेशित करने के लिए अनुरोध किया जाएगा।
सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी पर भी आज होगी बहस
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में किसानों की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद क्रॉस केस के रूप में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज अदालत में सुनवाई लगी है।
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया में प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या करने और बवाल में आठ जिंदगियों के जाने के मामले में पहले ही जिला अदालत से मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू सहित पांच हत्यारोपियों की जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है। सुमित जायसवाल से संबंधित क्रिमनल हिस्ट्री व अन्य कागजात तलब किए गए हैं। बुधवार को आरोपी की जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से विरोध किया जाएगा। वहीं वादी की ओर से व्यक्तिगत अधिवक्ता मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि सुमित जायसवाल का मामला बहुत ही अलग है। उसने क्रॉस केस दर्ज कराते हुए स्वयं स्वीकार किया है कि घटनास्थल पर मौजूद था बाकी उसकी करतूतों की फोटो क्लिप पहले ही वायरल हो चुकी है।
प्रदर्शनकारी किसानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे : जगजीत सिंह
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में लंबित चल रही है। वादी जगजीत सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद अमान और शशांक सिंह ने बताया कि आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी के खिलाफ बहराइच निवासी वादी जगजीत सिंह मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। वहां मीडिया कर्मियों से अपने दर्द को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे। उनका अवध बार की ओर से बनाए गए फोटो बायोमैटिक सिस्टम में अंगूठे के निशान लेने के साथ ही एफिडेविट के लिए फोटो खींचे गए।
डीआईजी ने दूसरे दिन भी की जांच की समीक्षा
लखीमपुर खीरी। दो दिन से जनपद में डेरा डाले डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह ने मंगलवार को भी क्राइम ब्रांच के दफ्तर में स्थानीय जांच टीम के साथ तिकुनिया कांड की अब तक की जांच की समीक्षा की। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को डीआईजी ने 219 तो मंगलवार को 220 नंबर एफआईआर के बारे में विस्तार से समीक्षा की।
ख़बर यह है कि एफआईआर में दर्ज आरोपी की तलाश न कर पाने पर डीआईजी ने संबंधित आरोपी की तलाश तेज करने के साथ ही इस संबंध में पंफलेट भी जारी करने के निर्देश दिए हैं। जांच की समीक्षा के बाद मंगलवार शाम वह खीरी से रवाना हो गए। उधर, जांच टीम में दूसरी बड़ी अफसर आईजी पद्मजा चौहान जांच की आगे की समीक्षा के लिये आज जनपद आ सकती हैं।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को एक बार फिर जमानत सुनवाई को लेकर लंबी बहस हुई। अदालत में तीनों हत्यारोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाये जाने की दलील दी। जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत सुनवाई करने के बाद रिंकू राणा, उल्लास त्रिवेदी और धर्मेंद्र बंजारा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
बचाव पक्ष की ओर से तीनों आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशीष मिश्र ने अदालत में जमानत दिए जाने की जोरदार दलीलें दीं। पेश की गई जमानत अर्जी पर सबसे ज्यादा जोर उनके नामजद न होने पर दिया। बताया कि उनको न तो नामित किया गया है न ही उनका किसानों के प्रदर्शन से कोई लेना-देना ही था उनका कोई भी आशय नहीं है। घटनास्थल पर मौजूदगी का पर्याप्त सबूत भी नहीं हैं और कोई आई विटनेस नहीं है। न ही उनकी क्रिमनल हिस्ट्री है। केवल दूषित मानसिकता के चलते उन्हें इस मामले में संलिप्त किया जा रहा है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने जमानत याचिका का डटकर विरोध किया। बताया कि चार किसानों की किस निर्ममता से हत्या की गई है वह उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साबित है। सभी को छह से आठ चोटें आई हैं। वादी की ओर से व्यक्तिगत अधिवक्ता के रूप में पेश हुए मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि आई विटनेस है। जीपीएस मोबाइल लोकेशन से भी अभियुक्तों की घटनास्थल पर मौजूदगी साबित है। इससे पूर्व ही मुख्य आरोपी सहित तीन हत्यारोपियों की जमानत इस न्यायालय से खारिज की जा चुकी है। इसलिए समानता के आधार पर इन तीनों की जमानत अर्जी भी निरस्त होने योग्य है। जिला जज ने लंबी सुनवाई के बाद अपने सात पेज के विस्तृत आदेश में तीनों हत्यारोपियों की जमानत अर्जी निरस्त करने का आदेश दिया है।
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पत्रकार रमन की हत्या के मामले में दी गई अर्जी पर बहस आज
लखीमपुर खीरी। पत्रकार रमन कश्यप की हत्या के मामले में उसके भाई पवन कश्यप की ओर से दी गई रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी सुनवाई के लिए बुधवार को सीजेएम अदालत में लगी है। अदालत में दी गई रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को भी नामजद किया गया है। इनके अतिरिक्त जेल में बंद सभी 13 आरोपियों को भी नामजद किया गया है।
तिकुनिया में किसानों के विरोध प्रदर्शन की कवरेज करते हुए पत्रकार रमन कश्यप की हत्या कर दी गई थी। तिकुनिया पुलिस ने इस मामले में पत्रकार की हत्या की रिपोर्ट नहीं लिखी थी। एसपी से मुलाकात के बाद भी अलग से एफआईआर नहीं दर्ज हो सकी थी। तब पत्रकार के भाई पवन कश्यप की ओर से सीजेएम चिंताराम की अदालत में अर्जी देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई है। पिछली पेशी पर एसआईटी की ओर से मामले पर अपनी आख्या दे दी थी, जिसे सुनवाई के लिए एक दिसंबर को लगाया गया है।
आवेदक की ओर से पेश होने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि उनका मामला स्पष्ट रूप से हत्या से जुड़ा हुआ है। हालांकि उनकी तबीयत खराब चल रही है फिर भी बुधवार को मामले की बहस की जाएगी और अदालत से रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तिकुनिया पुलिस को आदेशित करने के लिए अनुरोध किया जाएगा।
सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी पर भी आज होगी बहस
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में किसानों की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद क्रॉस केस के रूप में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज अदालत में सुनवाई लगी है।
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया में प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या करने और बवाल में आठ जिंदगियों के जाने के मामले में पहले ही जिला अदालत से मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू सहित पांच हत्यारोपियों की जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है। सुमित जायसवाल से संबंधित क्रिमनल हिस्ट्री व अन्य कागजात तलब किए गए हैं। बुधवार को आरोपी की जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से विरोध किया जाएगा। वहीं वादी की ओर से व्यक्तिगत अधिवक्ता मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि सुमित जायसवाल का मामला बहुत ही अलग है। उसने क्रॉस केस दर्ज कराते हुए स्वयं स्वीकार किया है कि घटनास्थल पर मौजूद था बाकी उसकी करतूतों की फोटो क्लिप पहले ही वायरल हो चुकी है।
प्रदर्शनकारी किसानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे : जगजीत सिंह
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में लंबित चल रही है। वादी जगजीत सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद अमान और शशांक सिंह ने बताया कि आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी के खिलाफ बहराइच निवासी वादी जगजीत सिंह मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। वहां मीडिया कर्मियों से अपने दर्द को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे। उनका अवध बार की ओर से बनाए गए फोटो बायोमैटिक सिस्टम में अंगूठे के निशान लेने के साथ ही एफिडेविट के लिए फोटो खींचे गए।
डीआईजी ने दूसरे दिन भी की जांच की समीक्षा
लखीमपुर खीरी। दो दिन से जनपद में डेरा डाले डीआईजी सहारनपुर प्रीतिंदर सिंह ने मंगलवार को भी क्राइम ब्रांच के दफ्तर में स्थानीय जांच टीम के साथ तिकुनिया कांड की अब तक की जांच की समीक्षा की। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को डीआईजी ने 219 तो मंगलवार को 220 नंबर एफआईआर के बारे में विस्तार से समीक्षा की।
ख़बर यह है कि एफआईआर में दर्ज आरोपी की तलाश न कर पाने पर डीआईजी ने संबंधित आरोपी की तलाश तेज करने के साथ ही इस संबंध में पंफलेट भी जारी करने के निर्देश दिए हैं। जांच की समीक्षा के बाद मंगलवार शाम वह खीरी से रवाना हो गए। उधर, जांच टीम में दूसरी बड़ी अफसर आईजी पद्मजा चौहान जांच की आगे की समीक्षा के लिये आज जनपद आ सकती हैं।