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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में पहली बार दिखा दुर्लभ प्रजाति का ‘ग्रीन वाइन’ सांप

Fri, 04 Oct 2024 01:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 01:09 AM IST
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Rare species 'Green Vine' snake seen for the first time in Dudhwa
दुधवा में पहली बार दिखा ग्रीन वाइन प्रजाति का सांप। स्त्रोत वन विभाग
पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में हर किस्म के वन्यजीव स्वच्छंद विचरण करते हुए मिल जाएंगे, लेकिन पहली बार दुर्लभ प्रजाति का ग्रीन वाइन सांप देखा गया है।
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शोध में शामिल जीव विज्ञानी ने इसे अपने कैमरे में कैद किया गया है। सांप की लंबाई 65 सेमी बताई गई है और यह दुधवा में पहली बार दिखा है। इसकी दुधवा में मौजूदगी का कोई पिछला रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुुधवा में विभिन्न प्रजाति के दुर्लभ वन्यजीवों की तादाद भी पिछले सालों की तुलना में बढ़ रही है।
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डिप्टी डायरेक्टर डाॅ. रंगाराजू टी. ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व की जीवविज्ञान की टीम ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर बांके ताल में दक्षिण सोनारीपुर रेंज के अंदर एक महत्वपूर्ण शोध सर्वेक्षण बीते फरवरी माह में किया था। इसमें मुख्य रूप से दलदली हिरनों के खाने के व्यवहार का अध्ययन करने के साथ ही जनसंख्या की गणना करने के लिए उनके पैलेट के नमूने एकत्र किए गए थे।
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इसी सर्वेक्षण के दौरान शोध में शामिल दुधवा के जीवविज्ञानी विपिन कपूर सैनी ने एक अनोखे सांप को देखा और उसे अपने कैमरे में कैद किया था। इसके बाद अब उस सांप की पहचान ‘ग्रीन वाइन स्नेक’ के रूप में की गई है। यह दुधवा में पहली बार दिखा है और उत्तर प्रदेश राज्य में इस प्रजाति के सांप का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
डीडी ने बताया कि यह दुर्लभ रंग का भूरा सांप होता है और काफी पतला होने के कारण इसका शरीर लंबा और सामान्य हरे रंग की तुलना में भूरे रंग का प्रदर्शित होता है। यह अपने वृक्षीय आवास के भीतर प्रभावी ढंग से शाखाओं और सूखे पत्तों के साथ सहजता से घुलमिल जाता है।

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काफी शोध के बाद हो सका प्रजाति का पता

शुरुआत में असामान्य रंग के कारण सांप की प्रजाति के बारे में सटीक जानकारी नहीं हो सकी थी। जिसकी पुष्टि के लिए इसको विभिन्न शोधपत्रों के साथ समीक्षा करने के बाद कई विशेषज्ञों से राय ली गई। जिसके बाद पुष्टि हुई है कि यह ग्रीन वाइन सांप है, जो भूरे रंग के रूप में रहता है। सरीसृप जीवों के लिए एक महत्वपूर्ण खोज है।


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अधिकारियों ने की सराहना, बताई अनोखे सांप की खूबियां

दुधवा के एफडी ललित कुमार वर्मा ने खोज की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रजाति के सांप को संरक्षण देना काफी जरूरी है। यह हल्की विषैली प्रजाति का है और दुधवा के वन पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीडी डाॅ. रंगाराजू टी ने भी प्रशंसा करते हुए इसको दुर्लभ खोज बताते हुए कहा कि इस तरह की खोजों से दुधवा के सरीसृप जीवों के बारे में समझ बढ़ती है और इनके संरक्षण के प्रति आगे कार्य भी किए जा सकते हैं।
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