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Lakhimpur Kheri News: नौ वर्षों से नहीं बदली रामलीला मेला कमेटी, डीएम से शिकायत
Sun, 31 Aug 2025 10:57 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 31 Aug 2025 10:57 PM IST
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लखीमपुर खीरी। मितौली तहसील के औरंगाबाद गांव की रामलीला मेला के आयोजन कमेटी पर सवाल उठ गए हैं। मेला कमेटी के अध्यक्ष पर मनमाने तरीके से नौ वर्षों से लगातार मेला कराने का आरोप है। नियम है कि हर वर्ष मेला आयोजन के लिए नई कमेटी का चयन होना चाहिए।
औरंगाबाद गांव के रणधीर मिश्रा सहित अन्य लोगों ने इसकी शिकायत डीएम से कर नई कमेटी गठित कर मेला करवाने की मांग की है। रणधीर मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि औरंगाबाद की रामलीला का 166 साल पुराना इतिहास है। गांव के ही कलाकार रामलीला के किरदार निभाए जाते हैं। मेले को देखने के लिए आस-पास के हजारों ग्रामीण पहुंचते हैं। मेला में रामलीला मंचन होता है। यहां पर बड़े-बड़े झूले व बड़ी-बड़ी दुकानें लगती हैं।
करीब 20 दिनों तक चलने वाले इस मेले के चलते काफी रौनक रहती है। हर वर्ष नई मेला कमेटी बनाने का नियम है, लेकिन पिछले नौ सालों से एक ही कमेटी मेला कराती आ रही, जिसकी मनमानी पूरी तरह बढ़ गई है। मेला में आय-व्यय का कोई भी लेखा-जोखा का पता नहीं चलता। इधर, औरंगाबाद मेला कमेटी अध्यक्ष प्रजेश पाल मिश्रा ने बताया कि सभी आरोप निराधार है। जब कोई सदस्य मेला कराने के लिए आगे नहीं बढ़ता है, तो वह खुद ही मेला कराते है। यह तो भगवान का काम है।
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सभी आरोप निराधार हैं, जब कोई सदस्य मेला कराने के लिए आगे नहीं आता तो वह खुद ही मेला कराते हैं। रविवार को मेला मैदान के पंचायत भवन में खुली बैठक कराई गई, लेकिन कोई नहीं आया।
-प्रजेश पाल मिश्रा, अध्यक्ष, मेला कमेटी औरंगाबाद
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औरंगाबाद गांव के रणधीर मिश्रा सहित अन्य लोगों ने इसकी शिकायत डीएम से कर नई कमेटी गठित कर मेला करवाने की मांग की है। रणधीर मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि औरंगाबाद की रामलीला का 166 साल पुराना इतिहास है। गांव के ही कलाकार रामलीला के किरदार निभाए जाते हैं। मेले को देखने के लिए आस-पास के हजारों ग्रामीण पहुंचते हैं। मेला में रामलीला मंचन होता है। यहां पर बड़े-बड़े झूले व बड़ी-बड़ी दुकानें लगती हैं।
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करीब 20 दिनों तक चलने वाले इस मेले के चलते काफी रौनक रहती है। हर वर्ष नई मेला कमेटी बनाने का नियम है, लेकिन पिछले नौ सालों से एक ही कमेटी मेला कराती आ रही, जिसकी मनमानी पूरी तरह बढ़ गई है। मेला में आय-व्यय का कोई भी लेखा-जोखा का पता नहीं चलता। इधर, औरंगाबाद मेला कमेटी अध्यक्ष प्रजेश पाल मिश्रा ने बताया कि सभी आरोप निराधार है। जब कोई सदस्य मेला कराने के लिए आगे नहीं बढ़ता है, तो वह खुद ही मेला कराते है। यह तो भगवान का काम है।
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सभी आरोप निराधार हैं, जब कोई सदस्य मेला कराने के लिए आगे नहीं आता तो वह खुद ही मेला कराते हैं। रविवार को मेला मैदान के पंचायत भवन में खुली बैठक कराई गई, लेकिन कोई नहीं आया।
-प्रजेश पाल मिश्रा, अध्यक्ष, मेला कमेटी औरंगाबाद