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डीजल इंजन से नहीं... अब इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेंगी

Mon, 19 Sep 2022 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 12:45 AM IST
सार

ऐशबाग-मैलानी रेलखंड पर सोमवार से इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन युग का आगाज हो रहा है।जिले वासी ब्रॉडगेज की खुशियां पूरी तरह से भुला भी न पाए थे कि रेलवे ने इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की कवायद शुरू कर ऐशबाग मैलानी रेलखंड का विद्युतीकरण कराना शुरू कर दिया।इसका संचालन सीतापुर मैलानी के बीच होता था।

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Railway

विस्तार

लखीमपुर खीरी। ऐशबाग-मैलानी रेलखंड पर सोमवार से इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन युग का आगाज हो रहा है। सोमवार का दिन और 19 सितंबर की तिथि रेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा। इस रूट पर डीजल ट्रेनें अब पूरी तरह से बंद हो जाएंगी। विद्युत इंजन से जहां इको फ्रेंडली सफर की शुरूआत होगी तो वहीं मुसाफिरों को भी यात्रा के दौरान कई लाभ मिलेंगे।
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जिले में ट्रेनों का संचालन अंग्रेजी हुकूमत में लखनऊ से बरेली के बीच कई चरणों में मीटर गेज लाइन से शुरू हुआ। 132 साल के लंबे इंतजार के बाद बड़ी लाइन (मीटर गेज से ब्रॉडगेज) हो गई। ब्रॉडगेज होने के बाद पहले चरण में 28 अगस्त 2019 को सीतापुर से लखीमपुर और 14 फरवरी 2020 को मैलानी तक बड़ी लाइन की ट्रेनें दौड़ने लगी। जिले वासी ब्रॉडगेज की खुशियां पूरी तरह से भुला भी न पाए थे कि रेलवे ने इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की कवायद शुरू कर ऐशबाग मैलानी रेलखंड का विद्युतीकरण कराना शुरू कर दिया। विद्य़ुतीकरण का काम 14 फरवरी को मैलानी तक पूरा होने के बाद ऐशबाग से मैलानी के बीच तीन चरणों में इलेक्ट्रिक ट्रेनों का चलना भी शुरू हो गया लेकिन डीजल ट्रेनें भी चलती रहीं। अब सोमवार को इस रूट पर पूरी तरह से डीजल ट्रेनों का संचालन बंद हो जाएगा। संवाद
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वायु एवं ध्वनि प्रदूषण होगा कम
रेल अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन संचालन शुरू होने के कई लाभ हैं। एक तो डीजल इंजन से निकलने वाले धुएं और दूसरे डीजल इंजन के आवाज से निजात मिलेगी। क्योंकि इनकी अपेक्षा इलेक्ट्रिक इंजन की आवाज काफी कम होती है। वहीं मेंटीनेंस और डीजल की बचत होगी।
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लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी निजात
बिजली से ट्रेन संचालन होने से पंखों की स्पीड बढ़ने के साथ डिब्बो में लगे बल्ब भी अच्छी रोशनी देगें। क्योंकि डीजल इंजन के दौरान ट्रेनों की स्पीड कम होने से पंखों की स्पीड बेहद कम हो जाती थी तो वहीं बल्ब भी दीये बन जाते थे। इससे रात के दौरान पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वालों को तमाम तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। अब इन सब समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।
गत वर्ष 26 नवंबर को हुआ था इलेक्ट्रिक रेल लाइन का सीआरएस
लखीमपुर-गोला के बीच दो मार्च 2021 को विद्युतीकरण काम शुरू हुआ। इसके बार बांकेगंज तक काम हुआ। कार्यदायी संस्था एवं रेल अधिकारियों ने दो सितंबर को स्पीड ट्रायल कर कार्य की गुणवत्ता परखी और 26 नवंबर 2021 को रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ने लखीमपुर से बांकेगंज तक इलेक्ट्रिक इंजन से विद्युतीकरण कार्य कार्य का निरीक्षण कर संचालन के लिए हरी झंडी दी थी, लेकिन मैलानी तक काम पूरा न होने के कारण इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन शुरू होने में एक साल का वक्त लग गया।
लखनऊ से जोधपुर तक जुड़ी थी मीटर गेज
करीब तीन दशक पहले लखीमपुर के रास्ते लखनऊ से जोधपुर तक मरुधर एक्सप्रेस सबसे लंबी दूरी की ट्रेन थी। इसके अलावा कानपुर से लखनऊ, लखीमपुर होकर कासगंज और लखनऊ से काठगोदाम तक मीटर गेज की ट्रेनें जिलेवासियों को सुहाना सफर कराती थी। मगर, बदलाव के दौर में मीटर गेज के साथ ट्रेनों की दूरी भी कम होती गई। देखते ही देखते छोटी लाइन के साथ इन ट्रेनों का अस्तित्व भी खत्म हो गया।
मीटर गेज पर 11 जोड़ी ट्रेनों का होता था संचालन
आमान परिवर्तन से पहले लखनऊ से मैलानी, पलिया, तिकुनियां, पीलीभीत, काठगोदाम तक 11 ट्रेनें संचालित होती थी, जिनका समय भी यात्रियों के लिए बेहद मुफीद था। इससे हजारों की संख्या में लोग सफर करते थे। मगर, वर्तमान में एक एक्सप्रेस सहित दो पैसेंजर चल रही हैं।

मुसाफिरों की यादों में आज भी है डीजल कार
करीब 20 साल पहले दैनिक यात्रियों के लिए रेलवे ने दो डिब्बे की डीजल कार चलानी शुरू की थी। इसका संचालन सीतापुर मैलानी के बीच होता था। जो शाम छह बजे मैलानी से सीतापुर के लिए जाती थी और सुबह साढ़े दस मैलानी पहुंचती थी। ब्राडगेज ट्रेनों की सीमित संख्या एवं बेतुके समय ने लोगों में डीजल कार की यादें ताजा कर दी हैं।
जिले में मीटर गेज आगाज
लखनऊ से सीतापुर-16 नवंबर 1986
सीतापुर से लखीमपुर- 15 अप्रैल 1887
लखीमपुर से गोला- चार दिसंबर 1887
गोला से पीलीभीत- एक अप्रैल 1891
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ब्राड़गेज युग का आगाज
सीतापुर से लखीमपुर - 28 अगस्त 2019
लखीमपुर से मैैलानी सीआरएस निरीक्षण- 25 एवं 26 अक्तूबर 2019
लखीमपुर से मैलानी-14 फरवरी 2020
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इलेक्ट्रिक ट्रेन के लिए सीआरएस निरीक्षण
सीतापुर से लखीमपुर- 23 दिसंबर 2020
लखीमपुर से बांकेगंज- 26 नवंबर 2021
बांकेगंज से मैलानी रेलखंड- 14 सितंबर 2022
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इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन
ऐशबाग से मैलानी- 19 सितंबर 2022
(तीन चरण में यानि 17,18 एवं 19 सितंबर)
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