फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Private hospitals are not giving details of dengue and malaria patients to CMO office

Lakhimpur Kheri News: निजी अस्पताल डेंगू व मलेरिया रोगियों का सीएमओ ऑफिस को नहीं दे रहे ब्योरा

Mon, 16 Oct 2023 11:27 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:27 PM IST
विज्ञापन
Private hospitals are not giving details of dengue and malaria patients to CMO office
जेल रोड  ​स्थित पैथालोजी
लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार कहर बरपा रहा है। हर घर में कोई न कोई बीमार है। जांच में डेंगू की भी पुष्टि हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है। तर्क दिया जा रहा है कि निजी अस्पतालों से ब्योरा नहीं मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में सीमित संसाधनों और दिक्कतों के चलते रोगी निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जांच भी निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर हो रही है। इसमें रोजाना एक-दो रोगियों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। कुछ पैथोलॉजी संचालक ही डेंगू व मलेरिया पॉजिटिव आने की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को दे रहे हैं।
विज्ञापन

बुखार आने पर तमाम मरीज सरकारी अस्पताल न जाकर निजी निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनकी जांच भी निजी पैथोलॉजी सेंटर पर होती है। ऐसे में निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भरमार है। इनमें ज्यादातर मरीज डेंगू और मलेरिया के हैं। मगर सीएमओ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में डेंगू के मात्र 84 और मलेरिया के सिर्फ 273 ही मरीज हैं, जबकि निजी अस्पतालों में इस तरह के रोजाना सौ से अधिक मरीजों का इलाज हो रहा है, लेकिन इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को नहीं दी जा रही है। सीएमओ की ओर से सभी निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी संचालकों को रोजाना सूचना देने के निर्देश जारी कर चुके हैं।
विज्ञापन

.....
सीएमओ के मांगने पर देते हैं आंकड़े
नाम न छापने पर एक निजी अस्पताल संचालक ने बताया कि सीएमओ कार्यालय से आंकड़े मांगने पर उपलब्ध करा दिए जाते हैं। डेंगू आदि के संभावित मरीजों को जिला अस्पताल या फिर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

......
84 मरीज जिले में मिल चुके हैं डेंगू के
50 रोगी जिला अस्पताल की जांच में दो माह में मिले

....
निजी अस्पताल मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करें
सीएमओ ने कहा कि निजी अस्पताल में यदि किसी मरीज की मौत होती है, तो अस्पताल संचालक को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करना चाहिए। इसमें मौत के कारण का भी स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। मृत्यु प्रमाणपत्र जारी न करने की यदि कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।

....
निजी अस्पताल व पैथोलॉजी संचालकों को कई बार डेंगू, मलेरिया आदि के मरीजों का रोजाना ब्योरा देने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही कार्ड जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए जाने पर मरीजों की एलाइजा जांच कराने को भी कहा गया है। - डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed