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दुधवा: कर्मचारियों के हंगामे पर फील्ड डायरेक्टर का तबादला रोका
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लखीमपुर में एफडी के तबादले के विरोध में धरना देते वनकर्मी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कर्मचारियों के हंगामे के बाद वन मंत्री दारा सिंह के दखल से हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स राजीव गर्ग ने दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार का तबादला रोक दिया।
गुरुवार की रात तबादला वाराणसी किए जाने से गुस्साए वन कर्मचारियों ने शुक्रवार की सुबह कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे पूरे विभाग से लेकर लखनऊ तक के आला अधिकारियों में हलचल मच गई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव के तबादला आदेश को दुर्भावना पूर्ण बताया और शासन से अनुमोदन न कराए जाने का भी आरोप लगाया। साथ ही तबादला निरस्त किए जाने तक लगातार धरना देने का एलान किया। इस पर वन मंत्री दारा सिंह के दखल के बाद शाम को हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स डॉ राजीव कुमार गर्ग ने तबादला आदेशों पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी।
प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग ने गुरुवार को जनहित एवं कार्यहित का कारण बताते हुए फील्ड डायरेक्टर को यहां से से तत्काल हटाते हुए वाराणसी के मुख्य वन संरक्षक वन वर्धनिक के पद पर भेजने का आदेश जारी किया। वहीं इनके स्थान पर लखनऊ के सुरक्षा सतर्कता एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी/मुख्य वन संरक्षक दीपक कुमार को दुधवा टाइगर रिजर्व का एफडी नियुक्त किया। इस आदेश की खबर फैलते ही वन विभाग के सभी संगठनों के कर्मचारी आंदोलित हो गए। लखीमपुर में एफडी कार्यालय के बाहर ही कर्मचारी धरने पर बैठ गए। वहीं दुधवा पार्क, बफर जोन, कतर्निया घाट के कर्मचारियों ने भी फील्ड डायरेक्टर के तबादले पर विरोध जताया। कर्मचारियों का बढ़ता विरोध देख लखनऊ के अफसरों में हलचल मच गई। वन मंत्री दारा सिंह ने इस मामले में दखल देते हुए प्रकरण से संबंधित पत्रावली प्रशासनिक विभाग से तलब कर लीं। इसके बाद हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स डॉ राजीव कुमार गर्ग ने दोनों तबादला आदेशों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी।
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पलियाकलां। दुधवा के एफडी व मुख्य वन संरक्षक संजय पाठक का बिना किसी कारण के वाराणसी वन प्रभाग में तबादला किए जाने से पार्क कर्मियों में रोष है।
न्यूनतम/दैनिक वेतन वन कर्मचारी संघ ने बैठक की जिसमें यह मुद्दा विस्तार से उठाने के साथ ही विरोध प्रदर्शन किया गया। साथ ही कहा गया है कि स्वार्थी तत्वों की झूठी शिकायत पर किया गया यह तबादला रोका नहीं गया तो इसका अंजाम बुरा होगा। इसी को लेकर एक पत्र भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष को भेजा गया। जिसमें तबादला निरस्त न होने पर दुधवा पर्यटन परिसर में जाकर गेट पर ताला लगाने की चेतावनी दी गई है। प्रांतीय मंत्री रफीउल्ला खां और महामंत्री तबरेज खां, दीपक कुमार आदि ने खुले तौर पर एफडी का तबादला होना गलत बताया है। साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी कार्य न करने की बात कही। इस दौरान काफी संख्या में पार्क कर्मी मौजूद रहे।
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जुलाई 2019 में किया था ज्वाइन
लखीमपुर खीरी। फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार के तबादले के विरोध में वन कर्मचारियों ने धारा 144 का प्रोटोकाल तोड़कर प्रदर्शन किया, जिसकी धमक लखनऊ तक सुनाई दी। एफडी ने जुलाई 2019 में दुधवा टाइगर रिजर्व का कार्यभार संभाला था, तब से विभाग में ईमानदार व तेज तर्रार अधिकारी के रूप में उनकी पहचान बनी। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने दुधवा नेशनल पार्क में घूमने आए एक वीआईपी को बिना अनुमति चिकन बनाने से रोका था, जिसके बाद से अफसर उनके तबादले का तानाबाना बुन रहे थे।
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तबादले के 10 माह बाद भी नहीं हटे मोहम्मदी रेंजर
लखीमपुर खीरी। वन विभाग में तबादला आदेश के विरोध से जुड़ा एक और मामला लंबित चल रहा है। मोहम्मदी रेंज में तैनात क्षेत्रीय वन अधिकारी मोबीन आरिफ का तबादला 11 फरवरी 2020 को कैराना रेंज शामली वन प्रभाग में किया गया था। इसके बाद भी क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मदी रेंज में ही जमे हुए हैं और डीएफओ ने भी उसे रिलीव नहीं किया है। जबकि मुख्य वन संरक्षक, प्रधान वन संरक्षक इस मामले में डीएफओ साउथ समीर कुमार से जवाब-तलब कर चुके हैं। डीएफओ का कहना है कि कोई क्षेत्रीय वन अधिकारी आएगा, तभी मोबीन आरिफ को रिलीव किया जा सकेगा। संवाद
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गुरुवार की रात तबादला वाराणसी किए जाने से गुस्साए वन कर्मचारियों ने शुक्रवार की सुबह कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे पूरे विभाग से लेकर लखनऊ तक के आला अधिकारियों में हलचल मच गई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव के तबादला आदेश को दुर्भावना पूर्ण बताया और शासन से अनुमोदन न कराए जाने का भी आरोप लगाया। साथ ही तबादला निरस्त किए जाने तक लगातार धरना देने का एलान किया। इस पर वन मंत्री दारा सिंह के दखल के बाद शाम को हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स डॉ राजीव कुमार गर्ग ने तबादला आदेशों पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी।
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प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग ने गुरुवार को जनहित एवं कार्यहित का कारण बताते हुए फील्ड डायरेक्टर को यहां से से तत्काल हटाते हुए वाराणसी के मुख्य वन संरक्षक वन वर्धनिक के पद पर भेजने का आदेश जारी किया। वहीं इनके स्थान पर लखनऊ के सुरक्षा सतर्कता एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी/मुख्य वन संरक्षक दीपक कुमार को दुधवा टाइगर रिजर्व का एफडी नियुक्त किया। इस आदेश की खबर फैलते ही वन विभाग के सभी संगठनों के कर्मचारी आंदोलित हो गए। लखीमपुर में एफडी कार्यालय के बाहर ही कर्मचारी धरने पर बैठ गए। वहीं दुधवा पार्क, बफर जोन, कतर्निया घाट के कर्मचारियों ने भी फील्ड डायरेक्टर के तबादले पर विरोध जताया। कर्मचारियों का बढ़ता विरोध देख लखनऊ के अफसरों में हलचल मच गई। वन मंत्री दारा सिंह ने इस मामले में दखल देते हुए प्रकरण से संबंधित पत्रावली प्रशासनिक विभाग से तलब कर लीं। इसके बाद हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स डॉ राजीव कुमार गर्ग ने दोनों तबादला आदेशों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी।
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पलियाकलां। दुधवा के एफडी व मुख्य वन संरक्षक संजय पाठक का बिना किसी कारण के वाराणसी वन प्रभाग में तबादला किए जाने से पार्क कर्मियों में रोष है।
न्यूनतम/दैनिक वेतन वन कर्मचारी संघ ने बैठक की जिसमें यह मुद्दा विस्तार से उठाने के साथ ही विरोध प्रदर्शन किया गया। साथ ही कहा गया है कि स्वार्थी तत्वों की झूठी शिकायत पर किया गया यह तबादला रोका नहीं गया तो इसका अंजाम बुरा होगा। इसी को लेकर एक पत्र भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष को भेजा गया। जिसमें तबादला निरस्त न होने पर दुधवा पर्यटन परिसर में जाकर गेट पर ताला लगाने की चेतावनी दी गई है। प्रांतीय मंत्री रफीउल्ला खां और महामंत्री तबरेज खां, दीपक कुमार आदि ने खुले तौर पर एफडी का तबादला होना गलत बताया है। साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी कार्य न करने की बात कही। इस दौरान काफी संख्या में पार्क कर्मी मौजूद रहे।
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जुलाई 2019 में किया था ज्वाइन
लखीमपुर खीरी। फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार के तबादले के विरोध में वन कर्मचारियों ने धारा 144 का प्रोटोकाल तोड़कर प्रदर्शन किया, जिसकी धमक लखनऊ तक सुनाई दी। एफडी ने जुलाई 2019 में दुधवा टाइगर रिजर्व का कार्यभार संभाला था, तब से विभाग में ईमानदार व तेज तर्रार अधिकारी के रूप में उनकी पहचान बनी। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने दुधवा नेशनल पार्क में घूमने आए एक वीआईपी को बिना अनुमति चिकन बनाने से रोका था, जिसके बाद से अफसर उनके तबादले का तानाबाना बुन रहे थे।
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तबादले के 10 माह बाद भी नहीं हटे मोहम्मदी रेंजर
लखीमपुर खीरी। वन विभाग में तबादला आदेश के विरोध से जुड़ा एक और मामला लंबित चल रहा है। मोहम्मदी रेंज में तैनात क्षेत्रीय वन अधिकारी मोबीन आरिफ का तबादला 11 फरवरी 2020 को कैराना रेंज शामली वन प्रभाग में किया गया था। इसके बाद भी क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मदी रेंज में ही जमे हुए हैं और डीएफओ ने भी उसे रिलीव नहीं किया है। जबकि मुख्य वन संरक्षक, प्रधान वन संरक्षक इस मामले में डीएफओ साउथ समीर कुमार से जवाब-तलब कर चुके हैं। डीएफओ का कहना है कि कोई क्षेत्रीय वन अधिकारी आएगा, तभी मोबीन आरिफ को रिलीव किया जा सकेगा। संवाद