{"_id":"529aa03db993134678d539e49b1e61f1","slug":"power-scramble-from-city-to-village-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर से गांव तक बिजली की मारामारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर से गांव तक बिजली की मारामारी
लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली विभाग द्वारा सिस्टम कंट्रोल लखनऊ को भेजे गए बिजली कटौती के नए रोस्टर को लागू कर दिया गया है। नए रोस्टर के मुताबिक शहर में तीन चरणों में शहर में नौ घंटे की कटौती और 15 घंटे बिजली सप्लाई का समय निर्धारित किया गया है, वहीं गांवों में 10 घंटे बिजली मिलेगी। इससे शहर और गांव दोनों जगहों पर बिजली की मारामारी होने लगी है।
शहर में दोपहर 3.45 बजे से लेकर 6.45 बजे तक, रात में 11 बजे से दो बजे तक तथा सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे बिजली कटौती की जाएगी। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में रात 11.30 बजे से 4.30 तक तथा दिन में 2.15 से 7.15 बजे तक बिजली सप्लाई की जाएगी। बता दें कि शहरी क्षेत्र में रात के समय बिजली कटौती होने से चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। चोर अंधेरे का फायदा उठाकर पिछले एक पखवाड़े में चोरी की पांच बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
बिजली कटौती का सबसे बुरा असर बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जुटे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। वहीं दिन में बिजली कटौती होने से शहर के लघु उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महज 10 घंटे की बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। लेकिन लोकल फाल्ट की वजह से लोगों को सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि सर्दी में रात में बिजली सप्लाई मिलने के कारण गेहूं और गन्ने की सिंचाई नहीं हो रही है। मजबूरन फसलों को सींचने के लिए डीजल खरीदना पड़ रहा है। इससे उन्हें एक तरफ बिजली बिल भी देना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर डीजल के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
उधर, अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा का कहना है कि शहरी क्षेत्र में 15 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 10 घंटे की बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। नए रोस्टर में दोनों क्षेत्रों में सामंजस्य बिठाने की कोशिश की गई है। चूंकि बिजली सप्लाई एक निर्धारित अवधि तक ही की जा सकती है, इस वजह से कटौती तो करनी ही पड़ेगी।
रोस्टर तय करने में लें व्यापारियों का सुझाव
व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा का कहना है कि व्यापारी वर्ग सबसे ज्यादा राजस्व देता है, इसलिए जब भी बिजली विभाग नया रोस्टर जारी करे, उससे पहले व्यापारियों के साथ बैठक कर उनसे भी सुझाव ले। ताकि बिजली कटौती का उनके व्यापार पर बुरा असर न पड़े।
शनिवार को हुई बिजली कटौती
प्रात: 08.00 बजे गई - दोपहर 01.00 बजे आई
दोपहर बाद 02.30 बजे गई - शाम 06.00 बजे आई
रात 10.00 बजे गई - रात 01.00 बजे आई
कटौती हुई साढ़े 11 घंटे
रविवार को हुई बिजली कटौती
प्रात: 07.00 बजे गई - प्रात: 07.45 बजे आई
पूर्वान्ह 10.00 बजे गई - दोपहर 02.00 बजे आई।
दोपहर बाद 03.00 बजे गई- 06.45 बजे आई।
दिन में हुई कटौती: साढ़े आठ घंटे।
दिन और रात का रोस्टर
प्रात: 10 बजे से 01 बजे तक।
दोपहर बाद 03.45 से 06.45 तक।
रात 11.00 बजे से 02.00 बजे तक।
विज्ञापन
शहर में दोपहर 3.45 बजे से लेकर 6.45 बजे तक, रात में 11 बजे से दो बजे तक तथा सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे बिजली कटौती की जाएगी। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में रात 11.30 बजे से 4.30 तक तथा दिन में 2.15 से 7.15 बजे तक बिजली सप्लाई की जाएगी। बता दें कि शहरी क्षेत्र में रात के समय बिजली कटौती होने से चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। चोर अंधेरे का फायदा उठाकर पिछले एक पखवाड़े में चोरी की पांच बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
विज्ञापन
बिजली कटौती का सबसे बुरा असर बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जुटे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। वहीं दिन में बिजली कटौती होने से शहर के लघु उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महज 10 घंटे की बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। लेकिन लोकल फाल्ट की वजह से लोगों को सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि सर्दी में रात में बिजली सप्लाई मिलने के कारण गेहूं और गन्ने की सिंचाई नहीं हो रही है। मजबूरन फसलों को सींचने के लिए डीजल खरीदना पड़ रहा है। इससे उन्हें एक तरफ बिजली बिल भी देना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर डीजल के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
उधर, अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा का कहना है कि शहरी क्षेत्र में 15 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 10 घंटे की बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। नए रोस्टर में दोनों क्षेत्रों में सामंजस्य बिठाने की कोशिश की गई है। चूंकि बिजली सप्लाई एक निर्धारित अवधि तक ही की जा सकती है, इस वजह से कटौती तो करनी ही पड़ेगी।
रोस्टर तय करने में लें व्यापारियों का सुझाव
व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा का कहना है कि व्यापारी वर्ग सबसे ज्यादा राजस्व देता है, इसलिए जब भी बिजली विभाग नया रोस्टर जारी करे, उससे पहले व्यापारियों के साथ बैठक कर उनसे भी सुझाव ले। ताकि बिजली कटौती का उनके व्यापार पर बुरा असर न पड़े।
शनिवार को हुई बिजली कटौती
प्रात: 08.00 बजे गई - दोपहर 01.00 बजे आई
दोपहर बाद 02.30 बजे गई - शाम 06.00 बजे आई
रात 10.00 बजे गई - रात 01.00 बजे आई
कटौती हुई साढ़े 11 घंटे
रविवार को हुई बिजली कटौती
प्रात: 07.00 बजे गई - प्रात: 07.45 बजे आई
पूर्वान्ह 10.00 बजे गई - दोपहर 02.00 बजे आई।
दोपहर बाद 03.00 बजे गई- 06.45 बजे आई।
दिन में हुई कटौती: साढ़े आठ घंटे।
दिन और रात का रोस्टर
प्रात: 10 बजे से 01 बजे तक।
दोपहर बाद 03.45 से 06.45 तक।
रात 11.00 बजे से 02.00 बजे तक।