फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Power employees start indefinite work boycott in protest against privatization

बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में शुरू किया अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार

Tue, 06 Oct 2020 01:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 01:01 AM IST
विज्ञापन
Power employees start indefinite work boycott in protest against privatization
निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किए जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया, जिसमें 17 संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सभी बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर, अभियंताओं ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। सभी बिजली कर्मचारियों/अधिकारियों के कार्य बहिष्कार पर चले जाने से पहले दिन ही कुछ जगहों पर बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। इनके कार्य बहिष्कार में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर शेष कार्य प्रभावित रहे।
विज्ञापन

संघर्ष समिति के अध्यक्ष/अधिशाषी अभियंता प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि पहले 29 सितंबर से चार अक्तूबर तक तीन घंटे का कार्य बहिष्कार करके सरकार के समक्ष मांगे रखी गई थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसलिए पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पांच अक्तूबर से मांग पूरी होने तक सभी बिजली कर्मी पूरे दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि निगम का निजीकरण किसी भी प्रकार से आम जनता के हित में नहीं है। निजी कंपनी मुनाफे के लिए काम करती हैं, जबकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बिना भेदभाव के किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा है। अभी किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और 500 यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पॉवर कारपोरेशन घाटा उठाकर बिजली देता है, जिसके चलते इन उपभोक्ताओं को लागत से कम मूल्य पर बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द इस मामले पर निर्णय ले और निजीकरण के प्रस्ताव को तुरंत वापस ले। उन्होंने कहा कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया जाता, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। धरने में एसडीओ अनुराग शर्मा, विनीतभ सिंह, जेई अमिात भारद्वाज, विजय शर्मा, विश्वकर्मा शर्मा, आशीष कनौजिया आदि शामिल रहे। उधर,गोला गोकर्णनाथ से अधिशासी अभियंता अशोक कुमार सिंह, एसडीओ नीलांक्ष मनोस, विनीत कुमार वर्मा, रोहित कुमार, जेई रोहित कुमार, अजीत यादव, जितेंद्र कुमार, राजीव कुमार, शैलेंद्र कुमार, विमल धरने में शामिल हुए। वहीं मोहम्मदी से संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अजय कुमार दीक्षित की अगुआई में धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन

--
अब जिला प्रशासन के भरोसे बिजली सप्लाई
बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए शासन के निर्देश पर दो दिन पहले ही डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बिजली समस्या की शिकायतें दर्ज करने के लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया था, जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। ताकि बिजली व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके। इसके बावजूद पहले दिन शहर में कई बार बिजली कटौती हुई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी फॉल्ट आने से बिजली सप्लाई बाधित हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
उपकेंद्र पर पुलिस बल तैनात
मितौली। बिजली उपकेंद्र पर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस तैनात रहा। कर्मचारियों ने बताया कि विद्युत विभाग के सरकारी कर्मचारी जिला पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अनुबंधित, प्राइवेट कर्मचारी अपनी ड्यूटी करते नजर आए। फ़िलहाल मितौली में प्राइवेट कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई चालू रखी। इस मौके पर पुलिस विभाग के उपनिरीक्षक जेपी यादव सहित पुलिस फ़ोर्स तैनात रहा। संविदा बिजली कर्मचारियों में अवधेश, पंकज, रामचंद्र, अंगद, मुनेश, अजय, पंकज सिंह, पंकज अवस्थी, वेद प्रकाश, शैलेंद्र, रामनिवास, पुष्पेंद्र, राकेश, सुशील ड्यूटी करते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed