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लापरवाह पुलिस, संवेदनहीन डॉक्टर और तड़पता रहा मरीज
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:46 PM IST
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लापरवाही
- फोटो : अमर उजाला
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तीमारदार से बोले पुलिस वाले हम पहुंच रहे है, घायल को लेकर चलो
डॉक्टर पर रेफर स्लिप और पुलिस कागजों के बिना इलाज करने से इंकार का आरोप
थाना निघासन पुलिस की लापरवाही के कारण सीएचसी निघासन से रेफर होकर जिला अस्पताल पहुंचा गांव इंदिरानगर निवासी 17 वर्षीय गोविंद अस्पताल के बाहर काफी देर पड़ा तड़पता रहा। करीब दो घंटे बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया। घायल के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस के कागजात न आने तक डॉक्टरों ने इलाज करने से इंकार कर दिया। हालांकि डॉक्टर ने इन आरोपों को गलत बताया है।
पुलिस चौकी पढुवा के गांव इंदिरानगर निवासी गोविंद का आरोप है कि मंगलवार को गांव के ही संतोष ने उसकी लाठी- डंडों से जमकर पिटाई कर दी और धारदार हथियार से प्रहार कर घायल कर दिया था। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर उसे निघासन सीएचसी ले गए, जहां से डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि सीएचसी पर साथ आए पुलिस वालों ने उसे लखीमपुर भेज दिया और रेफर स्लिप और कागजात लेकर पीछे से आने की बात कही। घायल ने बताया कि वह प्राइवेट चार पहिया वाहन से सुबह करीब नौ बजे जिला अस्पताल पहुंच गए, लेकिन डॉक्टर ने बिना रेफर स्लिप और पुलिस के कागजातों के भर्ती करने से इंकार कर दिया। उधर डॉक्टर हर्ष भारती ने बताया कि घायल के साथ जो तीमारदार थे, उनसे कई बार मरीज को अंदर लाने को कहा गया, लेकिन वह लोग स्वयं पुलिस के आने का इंतजार कर रहे थे।
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डॉक्टर पर रेफर स्लिप और पुलिस कागजों के बिना इलाज करने से इंकार का आरोप
थाना निघासन पुलिस की लापरवाही के कारण सीएचसी निघासन से रेफर होकर जिला अस्पताल पहुंचा गांव इंदिरानगर निवासी 17 वर्षीय गोविंद अस्पताल के बाहर काफी देर पड़ा तड़पता रहा। करीब दो घंटे बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया। घायल के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस के कागजात न आने तक डॉक्टरों ने इलाज करने से इंकार कर दिया। हालांकि डॉक्टर ने इन आरोपों को गलत बताया है।
पुलिस चौकी पढुवा के गांव इंदिरानगर निवासी गोविंद का आरोप है कि मंगलवार को गांव के ही संतोष ने उसकी लाठी- डंडों से जमकर पिटाई कर दी और धारदार हथियार से प्रहार कर घायल कर दिया था। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर उसे निघासन सीएचसी ले गए, जहां से डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि सीएचसी पर साथ आए पुलिस वालों ने उसे लखीमपुर भेज दिया और रेफर स्लिप और कागजात लेकर पीछे से आने की बात कही। घायल ने बताया कि वह प्राइवेट चार पहिया वाहन से सुबह करीब नौ बजे जिला अस्पताल पहुंच गए, लेकिन डॉक्टर ने बिना रेफर स्लिप और पुलिस के कागजातों के भर्ती करने से इंकार कर दिया। उधर डॉक्टर हर्ष भारती ने बताया कि घायल के साथ जो तीमारदार थे, उनसे कई बार मरीज को अंदर लाने को कहा गया, लेकिन वह लोग स्वयं पुलिस के आने का इंतजार कर रहे थे।
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