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Lakhimpur Kheri News: प्रत्येक 15 दिन पर होगी यात्री सुविधाओं की समीक्षा
Fri, 30 May 2025 11:05 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 30 May 2025 11:05 PM IST
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गोला रेलवे स्टेशन का विहंगम दृश्य। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के नाम से विख्यात गोला गोकर्णनाथ के रेलवे स्टेशन की अब प्रत्येक 15 दिन पर यात्री सुविधाओं को लेकर समीक्षा की जाएगी। इस दौरान रेल यात्रियों से संवाद भी किया जाएगा। शुक्रवार को सीनियर मंडल यांत्रिक इंजीनियर रोहित कुमार त्रिपाठी, जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता, सहायक वाणिज्य प्रबंधक मुकेश कुमार ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।
जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया, कि गोला प्राचीन धार्मिक नगरी में भगवान गोकर्णनाथ का विख्यात मंदिर है। सावन के महीने तथा महाशिवरात्रि पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शनार्थ यहां आते हैं। इसे छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। गोला गोकर्णनाथ स्टेशन ऐशबाग- मैलानी-पीलीभीत रेल खंड पर सीधी ट्रेन सेवा के माध्यम से लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, लालकुआं, पीलीभीत और सीतापुर आदि नगरों से जुड़ा है।
अमृत स्टेशन योजना के तहत 6.65 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। स्थानीय संस्कृति एवं आधुनिक वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए स्टेशन भवन को डिजाइन बनाया गया है। यहां के पौराणिक महत्व को देखते हुए उसी थीम पर सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। स्टेशन पर उच्च श्रेणी प्रतिक्षालय, महिला-पुरूष के लिए अलग-अलग प्रतिक्षालय, वीआईपी एवं वातानुकूलित रिटायरिंग रूम का प्रावधान किया गया है।
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रेल यात्रियों को सुविधा के लिए आरक्षित टिकट खिड़की, अनारक्षित टिकट खिड़की और एटीवीएम का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक 15 दिन बाद यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण होगा और संवाद के माध्यम से यात्रियों के अनुभव, सुझाव साझा किए जाएंगे।
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जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया, कि गोला प्राचीन धार्मिक नगरी में भगवान गोकर्णनाथ का विख्यात मंदिर है। सावन के महीने तथा महाशिवरात्रि पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शनार्थ यहां आते हैं। इसे छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। गोला गोकर्णनाथ स्टेशन ऐशबाग- मैलानी-पीलीभीत रेल खंड पर सीधी ट्रेन सेवा के माध्यम से लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, लालकुआं, पीलीभीत और सीतापुर आदि नगरों से जुड़ा है।
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अमृत स्टेशन योजना के तहत 6.65 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। स्थानीय संस्कृति एवं आधुनिक वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए स्टेशन भवन को डिजाइन बनाया गया है। यहां के पौराणिक महत्व को देखते हुए उसी थीम पर सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। स्टेशन पर उच्च श्रेणी प्रतिक्षालय, महिला-पुरूष के लिए अलग-अलग प्रतिक्षालय, वीआईपी एवं वातानुकूलित रिटायरिंग रूम का प्रावधान किया गया है।
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रेल यात्रियों को सुविधा के लिए आरक्षित टिकट खिड़की, अनारक्षित टिकट खिड़की और एटीवीएम का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक 15 दिन बाद यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण होगा और संवाद के माध्यम से यात्रियों के अनुभव, सुझाव साझा किए जाएंगे।