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Lakhimpur Kheri News: दिल्ली टीम के समक्ष अभिभावकों ने रखी बात, 12 तक किया जाए कॉलेज
Wed, 03 Sep 2025 11:05 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:05 PM IST
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छात्राओं के साथ भारतीय लोक प्रशासन नई दिल्ली के रिसर्च ऑफिसर। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली के रिसर्च ऑफिसर सुमित सक्सेना व रिसर्च ऑफिसर पारुल शर्मा बुधवार को चंदन चौकी के गोबरौला व बलेरा पहुंचे। थारू हस्तशिल्प उत्पादन एवं विक्रय केंद्र व ठक्कर बापा आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय से मिलने वाले अनुदान का लेखा-जोखा देखकर एक रिपोर्ट तैयार की। चंदनचौकी में गोबरौला में उत्तर प्रदेश वनवासी सेवा संस्थान की ओर से एक आवासीय विद्यालय का संचालन है, जिसमें कक्षा से छह से आठ तक की छात्राएं पढ़ती है।
टीम ने विद्यालय निरीक्षण कर छात्राओं से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। बाद में टीम ने अभिभावकों के साथ बैठक कर सुझाव लिए। अभिभावकों ने बताया कि यह विद्यालय कक्षा आठ तक है। आगे की पढ़ाई के लिए बेटियों को दिक्कतें होती है। इस विद्यालय को इंटर तक किया जाए तो बेहतर होगा।
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टीम ने आश्वासन दिया कि इसको मंत्रालय में रखा जाएगा। टीम ने अभिभावकों के साथ ही जनजाति परियोजना अधिकारी यूके सिंह व जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी तेजस्वी मिश्रा से एनजीओ से संबंधित फीडबैक लिया। निरीक्षण के बाद टीम जिला मुख्यालय पहुंची और देर शाम जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल से मुलाकात की। दोनों रिसर्च ऑफिसरों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की है, जो मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगे।
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भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय से मिलने वाले अनुदान का लेखा-जोखा देखकर एक रिपोर्ट तैयार की। चंदनचौकी में गोबरौला में उत्तर प्रदेश वनवासी सेवा संस्थान की ओर से एक आवासीय विद्यालय का संचालन है, जिसमें कक्षा से छह से आठ तक की छात्राएं पढ़ती है।
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टीम ने विद्यालय निरीक्षण कर छात्राओं से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। बाद में टीम ने अभिभावकों के साथ बैठक कर सुझाव लिए। अभिभावकों ने बताया कि यह विद्यालय कक्षा आठ तक है। आगे की पढ़ाई के लिए बेटियों को दिक्कतें होती है। इस विद्यालय को इंटर तक किया जाए तो बेहतर होगा।
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टीम ने आश्वासन दिया कि इसको मंत्रालय में रखा जाएगा। टीम ने अभिभावकों के साथ ही जनजाति परियोजना अधिकारी यूके सिंह व जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी तेजस्वी मिश्रा से एनजीओ से संबंधित फीडबैक लिया। निरीक्षण के बाद टीम जिला मुख्यालय पहुंची और देर शाम जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल से मुलाकात की। दोनों रिसर्च ऑफिसरों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की है, जो मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगे।