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Lakhimpur Kheri News: अभिभावकों की लापरवाही... विभाग पर भारी, ठिठुर रहे बच्चे
Mon, 08 Dec 2025 11:46 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 08 Dec 2025 11:46 PM IST
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गोला के लोने सिंह संविलियन विद्यालय में बिना यूनिफॉर्म में बच्चे। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में संचालित होने वाले परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये जूते-मोजे और स्वेटर आदि के लिए दिए जाते हैं। धनराशि अभिभावकों के खातों में भेजी जाती है। अभिभावक खरीदारी करने में लापरवाही बरत रहे हैं। नतीजा यह है कि नौनिहाल बिना जूते और मोजे के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। ऐसे में बच्चे ठंड में ठिठुर रहे हैं।
हर बार शैक्षिक सत्र शुरू होते ही विभाग की ओर से डीबीटी के तहत धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। जिले के 3106 परिषदीय विद्यालयों में साढ़े चार लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। सर्दियों में स्वेटर, जूते और मोजे पहनकर बच्चचे स्कूल पहुंचें, इसको लेकर धनराशि अभिभावकों के खातों में भेज दी गई। स्कूली शिक्षक के साथ ही अभिभावकों की लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। बच्चे गर्म कपड़े और यूनीफाॅर्म में स्कूल पहुंच रहे हैं या नहीं इसको लेकर पूरे जिले में पड़ताल कराई तो ज्यादातर बच्चों के पास स्वेटर नहीं था। जिन बच्चों के पास स्वेटर था तो उनके पास जूते और मोजे नहीं दिखाई पड़े। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक लगातार अभिभावकों को यूनीफार्म में ही बच्चों को भेजने के लिए जागरूक करते हैं, लेकिन अभिभावक इसको लेकर सजग नहीं दिखाई दे रहे हैं।
भीखमपुर।
कस्बे के प्राथमिक विद्यालय में अधिकांश बच्चे ड्रेस, जूते व मोजे पहनकर नहीं आते। प्रधानाध्यापक जयकुमार द्विवेदी ने बताया कि पंजीकृत 172 बच्चों में 118 अभिभावकों के खाते में रुपये पहुंच गया है। कस्बे के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी यही स्थिति दिखाई दी। यहां भी बच्चे ड्रेस, जूते, मोजे पहने नहीं दिखाए दिए। यहां 162 पंजीकृत बच्चों में 109 बच्चों को ड्रेस का पैसा मिल चुका है।
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कहने के बाद भी यूनीफाॅर्म पहनकर नहीं आते बच्चे
गोला। सुबह गोला कस्बे में पड़ताल कराई तो शिक्षकों का भी दर्द झलक उठा। शिक्षकों का कहना था कि हर माह आयोजित होने वाली शिक्षक-अभिभावक बैठक में अभिभावकों को जागरूक किया जाता है, लेकिन अभिभावक बच्चों को यूनीफाॅर्म में नहीं भेजते। कुछ अभिभावकों ने डीबीटी का रुपया निकाल कर खर्च भी लिया है। लोने सिंह संविलियन विद्यालय 130 में 113 में बिना यूनीफॉर्म में बच्चे, शिक्षामित्र प्राची बाजपेई ने बताया कि अधिकांश बच्चों का पैसा आ गया है। ड्रेस है भी लेकिन पहनकर नहीं आते। संवाद
कोई भी बच्चा निर्धारित यूनीफार्म में नहीं दिखा
पसगवां। पड़ताल के दौरान टीम उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंची जहां पर देखा गया कि स्कूल में 102 बच्चों का पंजीकरण है। जबकि महज 20 बच्चे ही विद्यालय में उपस्थित हुए। स्कूल में कोई भी बच्चा यूनीफाॅर्म में नहीं दिखाई दिया। साथ ही किसी के बाद जूते और मोजे भी नहीं थे। प्रधानाध्यापक संजय गुप्ता ने बताया कि ठंडी में बच्चे सुबह दस से 11 बजे तक स्कूल आते हैं।
दस्तावेज पूरे न होने के चलते नहीं मिल सका लाभ
केशवापुर। पड़ताल के दौरान पता चला कि कुछ बच्चों को डीबीटी के तहत मिलने वाली धनराशि का लाभ नहीं मिला। पूछने पर पता चला कि उनके पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भल्लिया बुजुर्ग में कुल 214 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ बच्चों के पैसे खाता फीडिंग न होने के कारण डीबीटी नहीं हो सका है।
सभी बच्चों को मिला डीबीटी का लाभ
पलियाकलां। पलिया क्षेत्र में भीषण ठंड का प्रकोप सोमवार से शुरू हो गया है। सुबह से भयंकर कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे के बीच ठंड से ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल जाते दिखे। पलिया के बसंतापुर के स्कूल में सुबह प्रार्थना सभा में अधिकतर बच्चे स्वेटर, जूते, मोजे पहने मिले। वहीं विशेनपुरी के प्राथमिक स्कूल में कुछ बच्चे चप्पल में ठिठुरते दिखे। वहीं ज्यादातर बच्चों ने पहन रखा था। बीईओ रमन सिंह ने बताया कि ठंड का मौसम शुरू होने से पहले ही अभिभावकों को दिशा निर्देश दे दिए गए थे कि सभी बच्चे स्वेटर, जूते मोजे में ही स्कूल आएंगे। डीबीटी का कार्य भी लगभग पूरा ही हो गया है, जिनका कार्य नहीं पूरा है वह आधार या किसी अन्य वजह से रुका हुआ है। उनको भी पूरा करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं।
वर्जन
विभाग की ओर से डीबीटी के रुपये अभिभावकों के खातों में भेज दिए गए हैं। कुछ बच्चोें को लाभ नहीं मिला उन बच्चों के दस्तावेजों में कमियां हैं जिन्हें दूर कराकर उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। अभिभावकों में जागरूकता की कमी है।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए
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हर बार शैक्षिक सत्र शुरू होते ही विभाग की ओर से डीबीटी के तहत धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। जिले के 3106 परिषदीय विद्यालयों में साढ़े चार लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। सर्दियों में स्वेटर, जूते और मोजे पहनकर बच्चचे स्कूल पहुंचें, इसको लेकर धनराशि अभिभावकों के खातों में भेज दी गई। स्कूली शिक्षक के साथ ही अभिभावकों की लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। बच्चे गर्म कपड़े और यूनीफाॅर्म में स्कूल पहुंच रहे हैं या नहीं इसको लेकर पूरे जिले में पड़ताल कराई तो ज्यादातर बच्चों के पास स्वेटर नहीं था। जिन बच्चों के पास स्वेटर था तो उनके पास जूते और मोजे नहीं दिखाई पड़े। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक लगातार अभिभावकों को यूनीफार्म में ही बच्चों को भेजने के लिए जागरूक करते हैं, लेकिन अभिभावक इसको लेकर सजग नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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भीखमपुर।
कस्बे के प्राथमिक विद्यालय में अधिकांश बच्चे ड्रेस, जूते व मोजे पहनकर नहीं आते। प्रधानाध्यापक जयकुमार द्विवेदी ने बताया कि पंजीकृत 172 बच्चों में 118 अभिभावकों के खाते में रुपये पहुंच गया है। कस्बे के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी यही स्थिति दिखाई दी। यहां भी बच्चे ड्रेस, जूते, मोजे पहने नहीं दिखाए दिए। यहां 162 पंजीकृत बच्चों में 109 बच्चों को ड्रेस का पैसा मिल चुका है।
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कहने के बाद भी यूनीफाॅर्म पहनकर नहीं आते बच्चे
गोला। सुबह गोला कस्बे में पड़ताल कराई तो शिक्षकों का भी दर्द झलक उठा। शिक्षकों का कहना था कि हर माह आयोजित होने वाली शिक्षक-अभिभावक बैठक में अभिभावकों को जागरूक किया जाता है, लेकिन अभिभावक बच्चों को यूनीफाॅर्म में नहीं भेजते। कुछ अभिभावकों ने डीबीटी का रुपया निकाल कर खर्च भी लिया है। लोने सिंह संविलियन विद्यालय 130 में 113 में बिना यूनीफॉर्म में बच्चे, शिक्षामित्र प्राची बाजपेई ने बताया कि अधिकांश बच्चों का पैसा आ गया है। ड्रेस है भी लेकिन पहनकर नहीं आते। संवाद
कोई भी बच्चा निर्धारित यूनीफार्म में नहीं दिखा
पसगवां। पड़ताल के दौरान टीम उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंची जहां पर देखा गया कि स्कूल में 102 बच्चों का पंजीकरण है। जबकि महज 20 बच्चे ही विद्यालय में उपस्थित हुए। स्कूल में कोई भी बच्चा यूनीफाॅर्म में नहीं दिखाई दिया। साथ ही किसी के बाद जूते और मोजे भी नहीं थे। प्रधानाध्यापक संजय गुप्ता ने बताया कि ठंडी में बच्चे सुबह दस से 11 बजे तक स्कूल आते हैं।
दस्तावेज पूरे न होने के चलते नहीं मिल सका लाभ
केशवापुर। पड़ताल के दौरान पता चला कि कुछ बच्चों को डीबीटी के तहत मिलने वाली धनराशि का लाभ नहीं मिला। पूछने पर पता चला कि उनके पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भल्लिया बुजुर्ग में कुल 214 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ बच्चों के पैसे खाता फीडिंग न होने के कारण डीबीटी नहीं हो सका है।
सभी बच्चों को मिला डीबीटी का लाभ
पलियाकलां। पलिया क्षेत्र में भीषण ठंड का प्रकोप सोमवार से शुरू हो गया है। सुबह से भयंकर कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे के बीच ठंड से ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल जाते दिखे। पलिया के बसंतापुर के स्कूल में सुबह प्रार्थना सभा में अधिकतर बच्चे स्वेटर, जूते, मोजे पहने मिले। वहीं विशेनपुरी के प्राथमिक स्कूल में कुछ बच्चे चप्पल में ठिठुरते दिखे। वहीं ज्यादातर बच्चों ने पहन रखा था। बीईओ रमन सिंह ने बताया कि ठंड का मौसम शुरू होने से पहले ही अभिभावकों को दिशा निर्देश दे दिए गए थे कि सभी बच्चे स्वेटर, जूते मोजे में ही स्कूल आएंगे। डीबीटी का कार्य भी लगभग पूरा ही हो गया है, जिनका कार्य नहीं पूरा है वह आधार या किसी अन्य वजह से रुका हुआ है। उनको भी पूरा करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं।
वर्जन
विभाग की ओर से डीबीटी के रुपये अभिभावकों के खातों में भेज दिए गए हैं। कुछ बच्चोें को लाभ नहीं मिला उन बच्चों के दस्तावेजों में कमियां हैं जिन्हें दूर कराकर उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। अभिभावकों में जागरूकता की कमी है।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए

गोला के लोने सिंह संविलियन विद्यालय में बिना यूनिफॉर्म में बच्चे। संवाद