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Lakhimpur Kheri News: देखरेख के अभाव में कंडम हो रहे पंचायत भवन
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महेवागंज/ सुंदरवल। गांव में ही लोगों को सरकारी योजनाओं, खुली बैठक और विभिन्न सूचनाएं देने के उद्देश्य से गांव में बनाए गए पंचायत भवन देखरेख के अभाव में कंडम हो रहे हैं। जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नही दे रहे।
फूलबेहड़ के परसेहरी कलां का पंचायत भवन गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल किनारे बना दिया गया। बताते हैं कि भवन बने करीब पांच साल हो गए। सफाई तो दूर रंग रोगन का काम तक नही हुआ। भवन अधूरा पड़ा है। यह पंचायत भवन शोपीस बन कर रह गया है। ग्राम प्रधान जुगुल किशोर ने बताया कि गांव से दूर जंगल किनारे पंचायत भवन बनाया गया है। जो अभी तक शुरू नही हुआ है।
मासिक बैठक प्राथमिक विद्यालय में होती है। इतनी दूर भवन बनाए जाने से कोई फायदा नहीं। सुंदरवल में बना पंचायत भवन भी ख़राब हो चुका है। बरसात में भवन के अंदर पानी भर जाता है। पंचायत मित्र या सहायक भी उसमें नहीं बैठते।
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ग्राम प्रधान गुफरान खां ने बताया कि बिल्डिंग जर्जर होने से उसमें कोई अधिकारी नही बैठता। बरसात के मौसम में पानी भर जाता है। गांव के फरियादी सीधे घर आकर अपनी समस्या बताते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के मोजमाबाद, देवरिया, बेलिहान, अग्गर खुर्द, हिलडोलना सहित कई गांव के पंचायत भवन सफ़ेद हाथी साबित हो रहे हैं।
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फूलबेहड़ के परसेहरी कलां का पंचायत भवन गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल किनारे बना दिया गया। बताते हैं कि भवन बने करीब पांच साल हो गए। सफाई तो दूर रंग रोगन का काम तक नही हुआ। भवन अधूरा पड़ा है। यह पंचायत भवन शोपीस बन कर रह गया है। ग्राम प्रधान जुगुल किशोर ने बताया कि गांव से दूर जंगल किनारे पंचायत भवन बनाया गया है। जो अभी तक शुरू नही हुआ है।
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मासिक बैठक प्राथमिक विद्यालय में होती है। इतनी दूर भवन बनाए जाने से कोई फायदा नहीं। सुंदरवल में बना पंचायत भवन भी ख़राब हो चुका है। बरसात में भवन के अंदर पानी भर जाता है। पंचायत मित्र या सहायक भी उसमें नहीं बैठते।
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ग्राम प्रधान गुफरान खां ने बताया कि बिल्डिंग जर्जर होने से उसमें कोई अधिकारी नही बैठता। बरसात के मौसम में पानी भर जाता है। गांव के फरियादी सीधे घर आकर अपनी समस्या बताते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के मोजमाबाद, देवरिया, बेलिहान, अग्गर खुर्द, हिलडोलना सहित कई गांव के पंचायत भवन सफ़ेद हाथी साबित हो रहे हैं।