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पलिया पालिकाध्यक्ष का पीछा नहीं छोड़ रहीं मुसीबतें
पलियाकलां।
Updated Mon, 04 Jan 2016 04:51 PM IST
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पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता का मुसीबतें पीछा छोड़ती नजर नहीं आ रही हैं। पिछली शिकायतों में उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए गए थे, जिसमें उन्हें कोर्ट से राहत मिली थी और इसके बाद उनको चार्ज देने के आदेश हुए थे। इसमें अभी तक उनको चार्ज नहीं मिला पाया और अब एक और नोटिस आ गई है। जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग करने का हवाला देते हुुए 15 दिन के भीतर जवाब न देने पर फिर से वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी सीज करने की चेतावनी दी गई है।
यह स्पष्टीकरण नोटिस नगर विकास अनुभाग 6 के संयुक्त सचिव सुधीर चौहान द्वारा जारी हुआ है। उन्होंने इसमें लिखा है कि पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता के खिलाफ रमेश चंद्र गुप्ता मोहल्ला अहिरान पलिया निवासी के शिकायती पत्र संख्या दिनांक 10 नवंबर वर्ष 2015 में उल्लिखित शिकायतों की जांच डीएम ने कराई गई। स्पष्टीकरण नोटिस में कहा गया है कि डीएम के जांच पत्र एवं जांच आख्या के आधार पर नगर पालिका परिषद, पलिया में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता के लिए परीक्षणोपरांत प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
कहा गया है कि आरोपों के संबंध में जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट 11 दिसंबर 2015 एवं उसके साथ एसडीएम की जांच आख्या दिनांक दो दिसंबर 2015 संलग्न करते हुए पालिकाध्यक्ष से अपेक्षा की जाती है, वह उनके द्वारा कर्तव्य पालन में चूक, पद के दुरुपयोग, शासनादेशों के उल्लंघन, नगर पालिका निधि की क्षति, हानि और पालिका हित के प्रतिकूल कार्य किए जाने आदि कारणों से उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की संगत धाराओं के अधीन उनको कार्य पद से हटाने का औचित्य स्थापित होता है। कहा गया है कि पालिकाध्यक्ष से अपेक्षा की जाती है कि वह नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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तहसीलदार राजू कुमार का कहना है कि नोटिस मिली है जिसे पालिकाध्यक्ष को तामील कराया जाएगा।
ये हैं आरोप
अध्यक्ष पद के कार्यकाल के समय पारिवारिक गाड़ियों में 7 अगस्त 2013 को एक लाख दस हजार का भुगतान किसान पेट्रोल पंप को करना और इसमें एक बिल जीप के लिए 1,806.76 का डीजल भुगतान करना, सेेवानिवृत्त अधिशासी अधिकारी एसएल त्रिवेदी के विदाई समारोह में लॉन को 65 हजार रुपये का भुगतान करना, सेंक्चुरी क्लब सहित विभिन्न संगठनों को दो अलग-अलग किश्तों में ट्राई साइकिलों के लिए 22,500 और 26,250 का भुगतान करना। इसके अलावा वर्ष 2014 में अलग-अलग तारीखों पर स्मृति चिह्न, पीतल मूर्ति, सीनरी आदि पर 52,500 का व्यय करना।
पालिकाध्यक्ष ने कहा
मुझे अभी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलेगा तो जवाब दिया जाएगा। पहले भी मेरे ऊपर आरोप लगाए गए थे, जो कोर्ट में फर्जी साबित हो चुके हैं।
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यह स्पष्टीकरण नोटिस नगर विकास अनुभाग 6 के संयुक्त सचिव सुधीर चौहान द्वारा जारी हुआ है। उन्होंने इसमें लिखा है कि पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता के खिलाफ रमेश चंद्र गुप्ता मोहल्ला अहिरान पलिया निवासी के शिकायती पत्र संख्या दिनांक 10 नवंबर वर्ष 2015 में उल्लिखित शिकायतों की जांच डीएम ने कराई गई। स्पष्टीकरण नोटिस में कहा गया है कि डीएम के जांच पत्र एवं जांच आख्या के आधार पर नगर पालिका परिषद, पलिया में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता के लिए परीक्षणोपरांत प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
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कहा गया है कि आरोपों के संबंध में जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट 11 दिसंबर 2015 एवं उसके साथ एसडीएम की जांच आख्या दिनांक दो दिसंबर 2015 संलग्न करते हुए पालिकाध्यक्ष से अपेक्षा की जाती है, वह उनके द्वारा कर्तव्य पालन में चूक, पद के दुरुपयोग, शासनादेशों के उल्लंघन, नगर पालिका निधि की क्षति, हानि और पालिका हित के प्रतिकूल कार्य किए जाने आदि कारणों से उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की संगत धाराओं के अधीन उनको कार्य पद से हटाने का औचित्य स्थापित होता है। कहा गया है कि पालिकाध्यक्ष से अपेक्षा की जाती है कि वह नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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तहसीलदार राजू कुमार का कहना है कि नोटिस मिली है जिसे पालिकाध्यक्ष को तामील कराया जाएगा।
ये हैं आरोप
अध्यक्ष पद के कार्यकाल के समय पारिवारिक गाड़ियों में 7 अगस्त 2013 को एक लाख दस हजार का भुगतान किसान पेट्रोल पंप को करना और इसमें एक बिल जीप के लिए 1,806.76 का डीजल भुगतान करना, सेेवानिवृत्त अधिशासी अधिकारी एसएल त्रिवेदी के विदाई समारोह में लॉन को 65 हजार रुपये का भुगतान करना, सेंक्चुरी क्लब सहित विभिन्न संगठनों को दो अलग-अलग किश्तों में ट्राई साइकिलों के लिए 22,500 और 26,250 का भुगतान करना। इसके अलावा वर्ष 2014 में अलग-अलग तारीखों पर स्मृति चिह्न, पीतल मूर्ति, सीनरी आदि पर 52,500 का व्यय करना।
पालिकाध्यक्ष ने कहा
मुझे अभी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलेगा तो जवाब दिया जाएगा। पहले भी मेरे ऊपर आरोप लगाए गए थे, जो कोर्ट में फर्जी साबित हो चुके हैं।