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Lakhimpur Kheri News: मैगलगंज बाइपास के दोनों छोर पर बनेगा ओवरब्रिज, रुकेंगे हादसे
Wed, 23 Jul 2025 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:37 PM IST
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मैगलगंज बाइपास जहां ओवरब्रिज का निर्माण होना है। संवाद
मैगलगंज। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बाइपास के दोनों छोरों पर ओवरब्रिज बनेगा। यह कदम बाइपास पर लगातार हो रहीं दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बाइपास पर दोनों जगह मोड़ होने की वजह से सबसे अधिक हादसे होते हैं। इन दोनों स्थानों पर अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि काफी लोग घायल हो चुके हैं।
मैगलगंज बाइपास रहजनिया गांव से लिधियाई पौधशाला के पास खत्म होता है। इसकी दूरी करीब पांच किलोमीटर है। इस मार्ग पर तेज गति से दौड़ते भारी व चौपहिया वाहन और स्थानीय सड़कों का मिलान हादसों को जन्म देता है। बाइपास पर जहां मैगलगंज कस्बे की अंदरूनी सड़कें जुड़ती हैं, वहां अक्सर वाहनों की दिशा और गति का सही अंदाजा नहीं होता। ऐसे में हादसे हो जाते हैं। घटनाओं को देखते हुए और आम जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने मैगलगंज बाइपास के दोनों छोरों पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। संवाद
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सर्वाधिक हादसों वाले स्थानों पर भी बनेंगे ओवरब्रिज
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक प्रशांत बाजपेई मैगलगंज के अलावा बरेली से सीतापुर के बीच भी सर्वे कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर सबसे ज्यादा हादसे होंगे, वहां पर भी ओवरब्रिज या फिर हादसे रोकने के अन्य उपाय किए जाएंगे। इधर, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने एनएचएआई के इस फैसले का स्वागत किया है। आशा जताई है कि ओवरब्रिज निर्माण से मार्ग अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
पूर्व में जीटी रोड से गुजरते थे वाहन
-सात साल पहले शाहजहांपुर-लखनऊ के बीच गुजरने वाले वाहन मैगलगंज कस्बे के अंदर जीटी रोड से होकर ही गुजरते थे। बड़े वाहन कस्बे के अंदर से गुजरने से आए दिन हादसे होते थे। रोड क्राॅस करने में लोगों को काफी जोखिम उठाना पड़ता था। आए दिन हादसे होते थे। बाद में बाइपास बना, जिससे ट्रक सहित अन्य बड़े वाहन अब बाइपास ही निकल रहे हैं, जिससे काफी हद तक हादसों पर लगाम लगेगी।
मैगलगंज बाइपास पर हुए कुछ हादसे
- 20 जून 2024 को रहजनिया गांव के शिवनारायण तिवारी बाइक व कार की टक्कर से हुए गंभीर रूप से घायल।
-24 नवंबर 2024 को मोहित अवस्थी निवासी मूड़ा की रहजनिया में सड़क दुर्घटना में हुई मौत।
-20 अप्रैल 2025 को सेक्रेड हार्ट स्कूल के कुक ग्राम रहजनिया में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल।
-20 मई 2020 को मैगलगंज निवासी आशीष तिवारी की रहजनिया में सड़क दुर्घटना में हुई मौत।
-लिधियाई निवासी इरफ़ान उर्फ़ छोटे की लगभग डेढ़ साल पहले लिधियाई पौधशाला के पास सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी।
-लिधियाई निवासी दीनदयाल शुक्ला लगभग दो साल पहले अपने घर से डीजल लेने के लिए टंकी पर जा रहे थे। हाईवे पर सड़क दुर्घटना में हुई मौत।
वर्जन
मैगलगंज के दोनों छोरों पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य होना है, ताकि हादसों पर लगाम लग सके। इसको लेकर सर्वे कराया जा चुका है। जैसे ही उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलते हैं, वैसे ही आगे की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
-प्रशांत बाजपेई, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई
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बाइपास पर दोनों जगह मोड़ होने की वजह से सबसे अधिक हादसे होते हैं। इन दोनों स्थानों पर अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि काफी लोग घायल हो चुके हैं।
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मैगलगंज बाइपास रहजनिया गांव से लिधियाई पौधशाला के पास खत्म होता है। इसकी दूरी करीब पांच किलोमीटर है। इस मार्ग पर तेज गति से दौड़ते भारी व चौपहिया वाहन और स्थानीय सड़कों का मिलान हादसों को जन्म देता है। बाइपास पर जहां मैगलगंज कस्बे की अंदरूनी सड़कें जुड़ती हैं, वहां अक्सर वाहनों की दिशा और गति का सही अंदाजा नहीं होता। ऐसे में हादसे हो जाते हैं। घटनाओं को देखते हुए और आम जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने मैगलगंज बाइपास के दोनों छोरों पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। संवाद
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सर्वाधिक हादसों वाले स्थानों पर भी बनेंगे ओवरब्रिज
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक प्रशांत बाजपेई मैगलगंज के अलावा बरेली से सीतापुर के बीच भी सर्वे कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर सबसे ज्यादा हादसे होंगे, वहां पर भी ओवरब्रिज या फिर हादसे रोकने के अन्य उपाय किए जाएंगे। इधर, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने एनएचएआई के इस फैसले का स्वागत किया है। आशा जताई है कि ओवरब्रिज निर्माण से मार्ग अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
पूर्व में जीटी रोड से गुजरते थे वाहन
-सात साल पहले शाहजहांपुर-लखनऊ के बीच गुजरने वाले वाहन मैगलगंज कस्बे के अंदर जीटी रोड से होकर ही गुजरते थे। बड़े वाहन कस्बे के अंदर से गुजरने से आए दिन हादसे होते थे। रोड क्राॅस करने में लोगों को काफी जोखिम उठाना पड़ता था। आए दिन हादसे होते थे। बाद में बाइपास बना, जिससे ट्रक सहित अन्य बड़े वाहन अब बाइपास ही निकल रहे हैं, जिससे काफी हद तक हादसों पर लगाम लगेगी।
मैगलगंज बाइपास पर हुए कुछ हादसे
- 20 जून 2024 को रहजनिया गांव के शिवनारायण तिवारी बाइक व कार की टक्कर से हुए गंभीर रूप से घायल।
-24 नवंबर 2024 को मोहित अवस्थी निवासी मूड़ा की रहजनिया में सड़क दुर्घटना में हुई मौत।
-20 अप्रैल 2025 को सेक्रेड हार्ट स्कूल के कुक ग्राम रहजनिया में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल।
-20 मई 2020 को मैगलगंज निवासी आशीष तिवारी की रहजनिया में सड़क दुर्घटना में हुई मौत।
-लिधियाई निवासी इरफ़ान उर्फ़ छोटे की लगभग डेढ़ साल पहले लिधियाई पौधशाला के पास सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी।
-लिधियाई निवासी दीनदयाल शुक्ला लगभग दो साल पहले अपने घर से डीजल लेने के लिए टंकी पर जा रहे थे। हाईवे पर सड़क दुर्घटना में हुई मौत।
वर्जन
मैगलगंज के दोनों छोरों पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य होना है, ताकि हादसों पर लगाम लग सके। इसको लेकर सर्वे कराया जा चुका है। जैसे ही उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलते हैं, वैसे ही आगे की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
-प्रशांत बाजपेई, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई