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आखिरी समय तक भी नहीं खोली मन की गांठ
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:49 PM IST
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समीकरण बिगाड़ती नजर आई वोटरों की चुप्पी, मनमर्जी से की जमकर वोटिंग
सभी प्रत्याशियों को देते रहे झांसा, दलों के उलझे रहे समीकरण
जिले में लोगों ने वोटिंग तो खूब की, लेकिन खामोशी की चादर इस कदर तानी कि उम्मीदवार भी चकराए नजर आ रहे हैं। खासतौर पर मुस्लिम और दलितों ने सबकी हां में हां मिलाई। आखिरी समय तक वोटर ने अपने मन की गांठ नही खोली। मतदाताओं की यह चुप्पी कई दिग्गजों के समीकरण ध्वस्त कर सकती है तो कई प्रत्याशियों के सिर जीत का सेहरा भी बांधेगी।
जिले की आठों विधानसभा सीटों पर सुबह से जमकर मतदान हुआ। कहीं आमने-सामने तो कहीं त्रिकोणीय मुकाबला होता नजर आया। फिलहाल इस चुनाव में जिस तरह से उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी की थी, उससे भी आगे जाकर मतदाताओं ने अपना दिमाग चलाया। सभी प्रत्याशिायों को आश्वासन दिया। खामोशी से डाला गया यह वोट कई सीटों के समीकरण को प्रभावित कर रहा है।
बताया कहीं, बटन दबाया कहीं और
ज्यादातर इलाकों में दोपहर 12 बजे तक हर दलों को वोट मिले। वोटर से पूछने पर कि कहां वोट डालने जा रहे है, तो खुद ही पूछते कि भइया जोर किसका है। वोट डालने के बाद भी लोग चुप रहे और दूसरे के मन की जानने की कोशिश में लगे रहे। क्षेत्र में लोगों ने बटन दबाया कहीं और बताया कहीं।
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दलित और मुस्लिमों ने घुमाया
खासकर दलित और मुस्लिम मतदाताओं ने खूब घुमाया। ऐसा लगा, मानों इन वोटरों ने प्लानिंग से काम किया। विधानसभा सदर के गांव कादीपुर, सफियापुर और कमलापुर में जब टीम पहुंची तो यहां के दलित वोटरों ने किसी पार्टी के लोगों को समझकर पहले ही कहना शुरू कर दिया, यहां तो सभी दलों को वोट पड़ रहे हैं। इसी तरह खीरी टाउन के मतदाता भी दिनभर घुमाते रहे।
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सभी प्रत्याशियों को देते रहे झांसा, दलों के उलझे रहे समीकरण
जिले में लोगों ने वोटिंग तो खूब की, लेकिन खामोशी की चादर इस कदर तानी कि उम्मीदवार भी चकराए नजर आ रहे हैं। खासतौर पर मुस्लिम और दलितों ने सबकी हां में हां मिलाई। आखिरी समय तक वोटर ने अपने मन की गांठ नही खोली। मतदाताओं की यह चुप्पी कई दिग्गजों के समीकरण ध्वस्त कर सकती है तो कई प्रत्याशियों के सिर जीत का सेहरा भी बांधेगी।
जिले की आठों विधानसभा सीटों पर सुबह से जमकर मतदान हुआ। कहीं आमने-सामने तो कहीं त्रिकोणीय मुकाबला होता नजर आया। फिलहाल इस चुनाव में जिस तरह से उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी की थी, उससे भी आगे जाकर मतदाताओं ने अपना दिमाग चलाया। सभी प्रत्याशिायों को आश्वासन दिया। खामोशी से डाला गया यह वोट कई सीटों के समीकरण को प्रभावित कर रहा है।
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बताया कहीं, बटन दबाया कहीं और
ज्यादातर इलाकों में दोपहर 12 बजे तक हर दलों को वोट मिले। वोटर से पूछने पर कि कहां वोट डालने जा रहे है, तो खुद ही पूछते कि भइया जोर किसका है। वोट डालने के बाद भी लोग चुप रहे और दूसरे के मन की जानने की कोशिश में लगे रहे। क्षेत्र में लोगों ने बटन दबाया कहीं और बताया कहीं।
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दलित और मुस्लिमों ने घुमाया
खासकर दलित और मुस्लिम मतदाताओं ने खूब घुमाया। ऐसा लगा, मानों इन वोटरों ने प्लानिंग से काम किया। विधानसभा सदर के गांव कादीपुर, सफियापुर और कमलापुर में जब टीम पहुंची तो यहां के दलित वोटरों ने किसी पार्टी के लोगों को समझकर पहले ही कहना शुरू कर दिया, यहां तो सभी दलों को वोट पड़ रहे हैं। इसी तरह खीरी टाउन के मतदाता भी दिनभर घुमाते रहे।