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खुली बैंक तो उमड़े लोग, परेशानी से नहीं मिली निजात 

Tue, 15 Nov 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी। Updated Tue, 15 Nov 2016 11:46 PM IST
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Open bank then descended people around did not trouble
नोट बंद - फोटो : अमर उजाला
खुली बैंक तो उमड़े लोग, परेशानी से नहीं मिली निजात 
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ग्रामीण इलाकों में भी लगी रहीं लंबी कतारें 
पैसा बदलने-निकालने को मची रही आपाधापी

 अवकाश के बाद जब मंगलवार को बैंकें खुलीं तो नोट जमा और निकासी करने वालों की लंबी लाइनें लग गई। तमाम लोग शाम होने पर खाली हाथ वापस अपने घरों को लौट गए। कई स्थानों पर युवाओं ने लाइन में लगे लोगों को चाय पिलाई।
मैलानी। गंगा स्नान की एक दिन की छुट्टी के बाद बैंक खुली तो मंगलवार को सबसे अधिक भीड़ उमड़ पड़ी। लाइन में लगे लोगों के चेहरे पर पांच सौ और एक हजार के नोटों की बंदी के फैसले से आई परेशानियां साफ झलकने लगीं। तमाम लोग सरकार के फैसले की आलोचना करते भी दिखे।
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गोला गोकर्णनाथ। नोट बंदी के बाद से लगातार बैंकों के बाहर लेनदेन करने वालों की लाइनों का सिलसिला जारी है। सुबह से ही लोग बैंक खुलने से पहले ही कतार बनाकर खड़े हो जाते हैं। ग्राहकों की लाइन बैंक बंद होने तक खत्म नहीं होती। बैंकों में करेंसी की कमी के चलते ग्राहकों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी परेशानी उठानी पड़ी। नगर की सभी बैंकों में नोटों की कमी बनी रही। एसबीआई के शाखा प्रबंधक राधेश्याम ने बताया कि अभी भी बैंक को नई करेंसी नहीं मिली है। स्टाक करेंसी से एटीएम चलाए जा रहे हैं और लेन देन किया जा रहा है। पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक ने बताया कि बैंक को 2000 के नए नोट मिले थे, वह पर्याप्त नहीं थे। करेंसी की कमी के चलते लंच के बाद एक्सचेंज नहीं किया गया और एटीएम बंद रहा है। इलाहाबाद बैंक में करेंसी की कमी के कारण सुबह से ही नोट नहीं बदले गए।
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ममरी। पुराने नोटों को जमा करने नये नोट निकालने के लिए बैंकों में मंगलवार को भी भीड़ रही। नई करेंसी के पर्याप्त नोट उपलब्ध न होने से लोगों को मात्र दो हजार रुपये पाकर संतोष करना पड़ा।
पलियाकलां। बैंक ऑफ बड़ौदा में पिछले बीस दिनों से नोट सॉर्टिंग मशीन खराब है, जिससे कार्य काफी धीमी गति से हो रहा है। डाकघर तथा जिला सहकारी बैंक में सर्वर डाउन होने की वजह से लोगों को तमाम दिक्कतें हुईं। बैंक ऑफ बड़ौदा के आरसी यादव ने बताया कि ग्राहक बैंक का सहयोग करें या तो शाखा प्रबंधक स्थानीय व्यवस्था कर मशीन सही करवा लें अन्यथा दो या तीन दिन में नयी मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। पंजाब एंड सिंध बैक में कैश के अभाव में पूरे दिन तालाबंदी रही। आईसीआईसीआई बैंक में दोपहर तीन बजे तक पेमेंट नहीं दिया गया। जिससे लोग परेशान रहे।
बिजुआ/गुलरिया। सुबह से भूखे प्यासे खड़े लोगों के चेहरों को देखकर उनकी मदद में को युवा पहुंचे। संस्था मां भारती सेवा संस्थान के साथ मिलकर भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं ने उन्हें चाय पिलाई। बैंकों में लगी भीड़ शाम तक मायूस लौट गई।
 
जिला सहकारी बैंक में नहीं जमा हुए नोट
गोला गोकर्णनाथ। जिला सहकारी बैंक की सदर चौराहे पर मेन और सायंकालीन शाखा, जबकि मंडी समिति सहित तीन शाखाएं हैं। इन बैंकों में पुराने नोट न तो बदले गए और न ही खातों में जमा किए गए। प्रबंधकों का कहना है कि उन्हें बैंक मुख्यालय से पुराने 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर दिया गया है।
 
अच्छे दिन आने की टूटने लगी आस
गोला गोकर्णनाथ। बैंकों के आगे लगी लंबी लाइनों में मौजूद लोगों का अच्छे दिन आने की आस टूटती प्रतीत होती है। नगर के साथ ही दूर दराज से कई किमी का सफर तय कर नगर की बैंकों में जमा अपना धन लेने या बदलने आए लोग कई दिनों से लगातार चक्कर लगा रहे हैं। अचानक नोट बंदी के फरमान से रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो गए हैं। 
 
प्रबंधक पर थप्पड़ मारने का आरोप, हंगामा 
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र में ग्राम रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में मात्र एक हजार रुपये निकालने गये गांव निवासी इमरान हुसैन को बैंक प्रबंधक सुरेश कुमार वर्मा ने थप्पड़ मार दिया। इससे वहां मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर लोगों को बमुश्किल समझा बुझाकर शांत कराया।
रोशननगर निवासी इमरान हुसैन ने बताया कि जब उसने प्रबंधक से भुगतान न मिलने पर अपनी पासबुक वापस मांगी तो इस पर गुस्साए प्रबंधक ने उसे थप्पड़ मार दिया। जिससे वहां मौजूद खातेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया और प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एसओ प्रमोद कुमार मिश्र ने जैसे तैसे लोगों को शांत कराया। इमरान का कहना था कि वह 10 बजे से एक हजार रुपये निकालने के लिए लाइन में लगा था। जब रुपये मिलने की बारी आई तो प्रबंधक ने कैश की कमी बताकर उसे खाली हाथ लौटा दिया। बैंक प्रबंधक सुरेश कुमार वर्मा का कहना है कि कैश खत्म होने के कारण युवक से थोड़ी देर रुकने को कहा गया था। उन्होंने युवक द्वारा लगाया गया आरोप निराधार बताया है।

 
आरबीआई की रोक से बैंक की गिरेगी शाख
लखीमपुर खीरी। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक अशोक वर्धन पाठक ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने जिला सहकारी बैंक में बंद किए गए 500 और 1000 के नोटों को जमा करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि जिला सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 62 शाखाओं और 132 साधन/किसान सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 10 लाख से अधिक खातेदारों को बैंकिंग और ऋण सुविधा देता है। आरबीआई के आदेश के बाद से बैंक खाता धारक प्रचलन से बाहर हुए नोटों को जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऋण की वापसी भी नहीं हो पा रही है। इसका असर किसानों की रबी फसल की बुवाई पर पड़ेगा। उन्होंने अब तक प्रचलन से बाहर हुए 88 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। आरबीआई के रोक के आदेश से बैंक की शाख भी प्रभावित हो रही है।
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