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एमसीएच विंग में ओपीडी, जांच के लिए जिला अस्पताल भाग रहे मरीज

Mon, 30 May 2022 12:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:08 AM IST
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OPD in MCH wing, patients running to district hospital for investigation
एमसीएच विंग में आधा अधूरा पड़ा आईसीयू वार्ड।
करीब 26 किलोमीटर आने-जाने में गुजर जा रहा मरीजों का पूरा दिन
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इमरजेंसी ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और सीटी स्कैन अब भी हो रहा है जिला अस्पताल में
शिफ्ट होने के एक सप्ताह बाद भी एमसीएच विंग में तैयार नहीं हो पाए हैं अधिकतर वार्ड
लखीमपुर खीरी। एक हफ्ता पहले जिला अस्पताल की ओपीडी और वार्ड एमसीएच विंग में शिफ्ट हो चुके हैं। बावजूद इसके मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एक्सरे एवं सीटी स्कैन कराने के लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसके बाद रिपोर्ट दिखाने के लिए फिर उन्हें एमसीएच विंग की ओर भागना पड़ रहा है। इस भागदौड़ में मरीज का पूरा दिन ही निकल जाता है। यहां बता दें कि जिला अस्पताल और एमसीएच विंग की एक तरफ की दूरी करीब 13 किलोमीटर है।
जिम्मेदारों के एक गलत फैसले ने मरीजों और तीमारदारों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एमसीएच विंग में अब तक मरीजों को भर्ती करने से लेकर बेहतर इलाज की व्यवस्थाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
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आलम यह है कि इमरजेंसी जिला अस्पताल में चल रही और ओपीडी एमसीएच विंग में, जबकि अल्ट्रासाउंड, एक्सरे एवं सीटी स्कैन अब भी जिला अस्पताल में हो रहा है। ऐसे में ओपीडी में डॉक्टर को दिखाकर जांच के लिए मरीज यहां दौड़कर आते हैं और रिपोर्ट दिखाने के लिए फिर वहां जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल इमरजेंसी का भी है। गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों का प्राथमिक उपचार करने के बाद फिजिशियन या फिर स्पेशलिस्ट को दिखाने के लिए डॉक्टर को एमसीएच विंग से बुलाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर मरीज से लेकर डॉक्टर तक परेशान हैं। मगर, जिम्मेदार हैं कि मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए ठोस निर्णय तक नहीं ले पा रहे हैं, ताकी मरीजों की परेशानी कुछ कम हो सके।
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गंभीर बच्चों के लिए बुलाए गए बाल रोग विशेषज्ञ
शनिवार को पढ़ुवा निवासी रोहित खून की कमी से पीड़ित डेढ़ वर्षीय पुत्री नित्या, इकबालपुर निवासी राजकुमार छत से सिर के बल गिरे तीन वर्षीय पुत्र राहुल और खीरी निवासी शरीफ अहमद झटके आने से पीड़ित छह वर्षीय पुत्र अंजुम दरख्शां को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। हालत गंभीर होने के कारण ईएमओ ने तीनों बच्चों को ओपीडी में भर्ती कर इसकी सूचना सीएमएस को दी। उनके द्वारा अवगत कराए जाने पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने इमरजेंसी पहुंचकर बच्चों का इलाज शुरू किया। बताते हैं कि मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को देखते हुए छत से गिरे बच्चे को लखनऊ के लिए रेफर करना उनके लिए मजबूरी बन गया।
किस तल पर कौन सा वार्ड रहेगा अभी यह भी तय नहीं
पिछले सोमवार को जिला अस्पताल का अधिकतर सामान एमसीएच विंग भेज दिया गया। मगर, अब तक जिला अस्पताल एवं एमसीएच विंग के सीएमएस यह निर्धारित नहीं कर पाएं हैं कि कौन सा वार्ड किस तल पर बनेगा। न तो गंभीर बच्चों को भर्ती करने के लिए आईसीयू वार्ड पूरी तरह से तैयार हो पाया है और न ही ऑपरेशन के लिए ओटी ही। ऐसे में बेचारे मरीज पिछले एक सप्ताह से दोनो के बीच घड़ी का पेंडुलम बनकर रह गए हैं।

एमसीएच विंग में व्यवस्थाएं जल्द से जल्द दुरुस्त कराने के लिए वहां के सीएमएस को कहा गया है। मरीजों को कोई दिक्कत न होने पाए इसका प्रयास निरंतर जारी है। दो जगह के चक्कर में कुछ समस्याएं आ रही हैं, जिन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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