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तहसीलदार और किसान में नोकझोंक, किसान गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
Updated Mon, 23 May 2016 10:46 PM IST
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नोकझोंक
- फोटो : अमर उजाला
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- भूमि संबंधी विवाद में दो माह से चक्कर काट रहा था पीड़ित किसान
- लेखपाल और तहसीलदार पर पैसा देकर कार्य न करने का लगाया आरोप
- वकीलों ने किसान के पक्ष में काटा हंगामा, दोनों पक्षों से दी गई तहरीर
भूमि संबंधी मामले को लेकर एक माह से राजस्व अधिकारियों के चक्कर काट रहे एक किसान और तहसीलदार में नोकझोंक हो गई। नाराज तहसीलदार ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। किसान ने लेखपाल और तहसीलदार पर पैसा लेने के बाद भी कार्य न करने का आरोप लगाया है। वकीलों ने किसान को बचाने के लिए जमकर हंगामा काटा। किसान और तहसीलदार दोनों पक्षों ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
गांव लोधपुरवा निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उसकी चार एकड़ भूमि का विवाद पड़ोस से चल रहा था। हाईकोर्ट ने सुखदेव सिंह के पक्ष में भी आदेश कर दिया था। भूमि की पैमाइश के लिए तहसीलदार और लेखपाल को मौके पर जाना था। आरोप है कि वह करीब एक माह से तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। जब सुखेदव सिंह का कार्य नहीं हुआ तो उसने लेखपाल से संपर्क किया। आरोप है कि लेखपाल ने कार्य कराने के बदले दस हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की। उनकी मांग पूरी होने के बाद लेखपाल तहसीलदार के पास ले गया। आरोप है कि तहसीलदार ने भी बीस हजार रुपये लिए। आरोप है कि सुविधा शुल्क लेने के करीब एक माह बाद भी जब उसका कार्य नहीं हुआ तो वह सोमवार को तहसील आया। तहसीलदार माल बाबू के साथ चेंबर में बैठे हुए थे। आरोप है कि किसान कार्य न कराने पर अपने पैसे वापस मांगने लगा। मामला सार्वजनिक होने के कारण तहसीलदार नाराज हो गए और उसको डांटने लगे। नाराज सुखदेव सिंह ने तहसीलदार से अभद्रता शुरू कर दी। तहसीलदार ने पुलिस बुलवाकर उसे पकड़वा दिया। तहसीलदार के मनमानी रवैये से नाराज वकीलों ने भी हंगामा किया। तहसीलदार ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने संबंधी कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर पुलिस को दी। उधर, सुखदेव सिंह ने भी तहसीलदार और लेखपाल पर रिश्वत लेकर कार्य न करने तथा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। हल्का दरोगा रामनाथ कनौजिया ने तहसीलदार के बयान भी लिए।
आरोपी शराब नशे में धुत था। कुछ वकीलों के बहकाने में वह माल बाबू के चेंबर में घुस आया और अभद्रता करने लगा। पैसे लेने का आरोप गलत है। वह सही से अपनी बात भी नहीं कर पा रहा था। - जगदीश सिंह, तहसीलदार
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आरोपी को हिरासत में लिया गया है। दोनों पक्षों की तहरीर मिल गई है। मामले की छानबीन करने के लिए दरोगा को भेजा गया था। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज सिंह, एसओ
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- लेखपाल और तहसीलदार पर पैसा देकर कार्य न करने का लगाया आरोप
- वकीलों ने किसान के पक्ष में काटा हंगामा, दोनों पक्षों से दी गई तहरीर
भूमि संबंधी मामले को लेकर एक माह से राजस्व अधिकारियों के चक्कर काट रहे एक किसान और तहसीलदार में नोकझोंक हो गई। नाराज तहसीलदार ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। किसान ने लेखपाल और तहसीलदार पर पैसा लेने के बाद भी कार्य न करने का आरोप लगाया है। वकीलों ने किसान को बचाने के लिए जमकर हंगामा काटा। किसान और तहसीलदार दोनों पक्षों ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
गांव लोधपुरवा निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उसकी चार एकड़ भूमि का विवाद पड़ोस से चल रहा था। हाईकोर्ट ने सुखदेव सिंह के पक्ष में भी आदेश कर दिया था। भूमि की पैमाइश के लिए तहसीलदार और लेखपाल को मौके पर जाना था। आरोप है कि वह करीब एक माह से तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। जब सुखेदव सिंह का कार्य नहीं हुआ तो उसने लेखपाल से संपर्क किया। आरोप है कि लेखपाल ने कार्य कराने के बदले दस हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की। उनकी मांग पूरी होने के बाद लेखपाल तहसीलदार के पास ले गया। आरोप है कि तहसीलदार ने भी बीस हजार रुपये लिए। आरोप है कि सुविधा शुल्क लेने के करीब एक माह बाद भी जब उसका कार्य नहीं हुआ तो वह सोमवार को तहसील आया। तहसीलदार माल बाबू के साथ चेंबर में बैठे हुए थे। आरोप है कि किसान कार्य न कराने पर अपने पैसे वापस मांगने लगा। मामला सार्वजनिक होने के कारण तहसीलदार नाराज हो गए और उसको डांटने लगे। नाराज सुखदेव सिंह ने तहसीलदार से अभद्रता शुरू कर दी। तहसीलदार ने पुलिस बुलवाकर उसे पकड़वा दिया। तहसीलदार के मनमानी रवैये से नाराज वकीलों ने भी हंगामा किया। तहसीलदार ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने संबंधी कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर पुलिस को दी। उधर, सुखदेव सिंह ने भी तहसीलदार और लेखपाल पर रिश्वत लेकर कार्य न करने तथा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। हल्का दरोगा रामनाथ कनौजिया ने तहसीलदार के बयान भी लिए।
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आरोपी शराब नशे में धुत था। कुछ वकीलों के बहकाने में वह माल बाबू के चेंबर में घुस आया और अभद्रता करने लगा। पैसे लेने का आरोप गलत है। वह सही से अपनी बात भी नहीं कर पा रहा था। - जगदीश सिंह, तहसीलदार
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आरोपी को हिरासत में लिया गया है। दोनों पक्षों की तहरीर मिल गई है। मामले की छानबीन करने के लिए दरोगा को भेजा गया था। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज सिंह, एसओ