दुधवा में बढ़ा बाघों का कुनबा: टाइगर रिजर्व की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंचा, बाघों की संख्या 153 के पार
अंतरराष्ट्रीय बाघ संरक्षण दिवस पर जारी टाइगर एस्टीमेशन 2022 की रिपोर्ट के अनुसार दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 153 से अधिक है। यह संख्या वर्ष 2018 के टाइगर एस्टीमेशन से 46 अधिक है।
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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 153 से अधिक हो गई है। इस तरह बाघों की आबादी के लिहाज से दुधवा टाइगर रिजर्व देश के 51 टाइगर रिजर्व की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाघ संरक्षण दिवस पर भारत सरकार ने टाइगर एस्टीमेशन 2022 की रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व में 153 बाघ पाए गए। यह संख्या वर्ष 2018 के टाइगर एस्टीमेशन से 46 अधिक है।
दुधवा में बाघों की वृद्धि दर करीब 45 फीसदी रही है। वर्ष 2018 में यहां 107 बाघ मिले थे। जबकि यहां 135 बाघ होने की संभावना जताई गई थी। बाघों की संख्या के मामले में देश के 51 टाइगर रिजर्व में से दुधवा टाइगर रिजर्व पांचवें पायदान पर पहुंच गया है।
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टाइगर रिजर्व के 20 से 25 बाघ हमेशा जंगल छोड़ कर गन्ने के खेतों में बसेरा बनाए रहते हैं। टाइगर एस्टीमेशन के दौरान केवल जंगल में कैमरे लगाए जाते हैं, खेतों में नहीं। इससे खेतों में रहने वाले बाघों की तस्वीरें कैमरे में ट्रैप नहीं हो पाती। इसके चलते यह बाघ एस्टीमेशन में छूट जाते हैं। यदि इन्हें एस्टीमेशन में शामिल किया जा सकता तो यह संख्या करीब 175 तक पहुंच सकती थी।
बाघों की आबादी में इस तरह हो रही बढ़ोतरी
वर्ष - बाघ
2006 - 70+
2010 - 80+
2014 - 68+
2018 - 107+
2022 - 153+
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व बाघों के लिए सबसे अनुकूल प्राकृतवास है। अनुकूल पारिस्थितिकी, वातावरण और भोजन-पानी की पर्याप्त उपलब्धता के साथ बेहतर प्रबंधन से दुधवा में बाघों की आबादी बढ़ी है। यह जिले के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है।