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अब महिला समूह भी चलाएंगी उचित दर राशन की दुकानें
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गांवों में बनाए गए महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक और खुशखबरी है, कि अब वह उचित दर राशन (कोटा) की दुकानें भी संचालित कर सकेंगी। शासन ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के रूप में बदलाव भी आ सकता है।
महिला समूह पहले से व्यवसाय के क्षेत्र में कई सफलताएं हासिल कर चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान भी कई महिला समूहों ने पीपीई किट और मास्क का उत्पादन करके साबित भी किया है। शायद इसीलिए कोरोना संक्रमण काल भी समूहों के लिए अवसर लेकर आया है।
जनपद में कुल 1502 उचित दर राशन की दुकानें संचालित हैं, जिनसे करीब 8,44,219 कार्डधारक परिवारों को प्रतिमाह सस्ती दर पर राशन वितरित किया जाता है। इनमें 30 उचित दर दुकानें अभी रिक्त हैं, जिन्हें पड़ोसी गांवों के कोटेदारों से अटैच्ड किया गया है। लिहाजा 30 दुकानों पर दावेदारी का मौका महिला स्वयं सहायता समूहों को मिल गया है। जल्द ही इच्छुक और मानकों पर खरे उतरने वाले महिला समूहों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग के तहत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को दुकानों की आवंटन प्रक्रिया में प्रथम वरीयता देने के आदेश मिले हैं। सिर्फ अनुकंपा के आधार पर प्रस्तावित रिक्त दुकानों को छोड़कर शेष रिक्त दुकानों के आवंटन के लिए समूहों को प्रथम प्राथमिकता देने का निर्णय शासन ने लिया है। इसके अनुपालन में रिक्त 30 दुकानों के आवंटन में समूहों को प्रथम वरीयता देते हुए उनका चयन किया जाएगा। एक से अधिक स्वयं सहायता के आवेदन मिलने पर इनकी रैंकिंग तैयार की जाएगी, जिससे जिस समूह के क्रियाशील सदस्यों की संख्या ज्यादा होगी वही बाजी मारेगा। क्रियाशील सदस्यों का निर्धारण उपायुक्त मनरेगा करेंगे।
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बॉक्स=वर्जन.......
कई महीने से रिक्त चल रही 30 उचित दर दुकानों का आवंटन करने के लिए स्वयं सहायता समूहों के प्रथम वरीयता दी जाएगी। जल्द ही दुकानों के आवंटन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक समूह ग्राम्य विकास विभाग के पास आवेदन कर सकते हैं।
-विजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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महिला समूह पहले से व्यवसाय के क्षेत्र में कई सफलताएं हासिल कर चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान भी कई महिला समूहों ने पीपीई किट और मास्क का उत्पादन करके साबित भी किया है। शायद इसीलिए कोरोना संक्रमण काल भी समूहों के लिए अवसर लेकर आया है।
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जनपद में कुल 1502 उचित दर राशन की दुकानें संचालित हैं, जिनसे करीब 8,44,219 कार्डधारक परिवारों को प्रतिमाह सस्ती दर पर राशन वितरित किया जाता है। इनमें 30 उचित दर दुकानें अभी रिक्त हैं, जिन्हें पड़ोसी गांवों के कोटेदारों से अटैच्ड किया गया है। लिहाजा 30 दुकानों पर दावेदारी का मौका महिला स्वयं सहायता समूहों को मिल गया है। जल्द ही इच्छुक और मानकों पर खरे उतरने वाले महिला समूहों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग के तहत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को दुकानों की आवंटन प्रक्रिया में प्रथम वरीयता देने के आदेश मिले हैं। सिर्फ अनुकंपा के आधार पर प्रस्तावित रिक्त दुकानों को छोड़कर शेष रिक्त दुकानों के आवंटन के लिए समूहों को प्रथम प्राथमिकता देने का निर्णय शासन ने लिया है। इसके अनुपालन में रिक्त 30 दुकानों के आवंटन में समूहों को प्रथम वरीयता देते हुए उनका चयन किया जाएगा। एक से अधिक स्वयं सहायता के आवेदन मिलने पर इनकी रैंकिंग तैयार की जाएगी, जिससे जिस समूह के क्रियाशील सदस्यों की संख्या ज्यादा होगी वही बाजी मारेगा। क्रियाशील सदस्यों का निर्धारण उपायुक्त मनरेगा करेंगे।
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कई महीने से रिक्त चल रही 30 उचित दर दुकानों का आवंटन करने के लिए स्वयं सहायता समूहों के प्रथम वरीयता दी जाएगी। जल्द ही दुकानों के आवंटन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक समूह ग्राम्य विकास विभाग के पास आवेदन कर सकते हैं।
-विजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी